सेक्स स्कैंडल मामला, झूठी रिपोर्ट की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली, महिला आरोपी गिरफ्तार, अमीर लोगों को झांसे में लेकर करती थी ब्लैकमेल
Sex scandal case recovery of lakhs of rupees by threatening false report woman accused arrested used to blackmail rich people by luring them
बलौदाबाजार/भाटापारा : पिछले दिनों सेक्स स्कैंडल मामले में फंसाने की धमकी देते हुये भयादोहन कर लाखों रुपये की वसूली करने वाले एक महिला सहित दो आरोपियों को जेल भेजने के बाद आज इसी मामले में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने एक और आरोपिया को विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक बलौदाबाजार शहर और आसपास के कई लोगों को अपने झांसे में लेकर उन्हें महिला संबंधी जुर्म में फंसाने और लोक-लाज का डर दिखाकर लाखों रुपये की मोटी रकम वसूली करने के मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्र. 598/2024 धारा 384, 389, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया.
इस मामले में जुर्म दर्ज होते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में संलिप्तता, प्रार्थी और गवाहों से पूछताछ और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर पिछले दिनों एक महिला सहित दो आरोपियों को जेल भेजने के बाद एक और आरोपिया रवीना टंडन उम्र 22 साल निवासी दगौरी थाना बिल्हा जिला बिलासपुर को विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया. बता दें इस मामले में थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा पूर्व में आरोपी पुष्पमाला फैकर उम्र 27 साल और लक्ष्मीकांत केसरवानी उम्र 40 साल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
अब तक 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
बता दें कि कोतवाली पुलिस ने इस मामले में पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है. वहीं अभी भी पुलिस लगातार पूछताछ कर आरोपियों की तलाश में जुटी है. अभी तक इस मामले में शिरीष पांडे, दुर्गा टंडन, रविना टंडन, अंजोर मांझी, आशीष शुक्ला, प्रत्युष मरैया, महान मिश्रा की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसमें से पांच जमानत पर है और तीन जेल में है. आगे जांच में और भी नाम आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. बता दें कि जब से एसपी विजय अग्रवाल ने पदभार संभाला है, पुलिस की इस मामले की जांच में तेजी आई है. मामले में संलिप्त आरोपियों की लगातार गिरफ्तारी हो रही है.
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ऐसे देते थे अंजाम
गिरोह द्वारा बहुत ही सुनियोजित तरीके से बलौदाबाजार शहर एवं आसपास के धनवान और कई शासकीय एवं प्राइवेट सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए लोगों को अपने झांसे में लिया जाता था. साथ ही उन्हें महिला संबंधी अपराध में फंसाने और लोक-लाज का भय दिखाकर लाखों रुपए की वसूली की जाती थी. यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देता था तथा गिरोह के सभी सदस्यों के काम अलग अलग थे. गिरोह का मुख्य सरगना एवं मास्टर माइंड शिरीष पांडे एवं पुष्पमाला फेकर है.
धनवान लोगों को बनाते थे शिकार
मुख्य सरगना एवं मास्टरमाइंड शिरीष पांडे और पुष्पमाला फेकर इन दोनों आरोपियों द्वारा ही बलौदाबाजार नगर में धनवान व अन्य लोगों को चिन्हित करते थे. उसके बाद शिरीष पांडे खुद को नेता बताकर अपनी राजनीतिक पहुंच एवं पहचान का प्रभाव दिखाते हुए उनसे मेलजोल बढ़ाकर उनको लडकी उपलब्ध करने का झांसा दिया जाता था. जिसके बाद गिरोह के सभी सदस्यों को एक्टिव कर प्रार्थी क़ो भयादोहन कर प्रार्थी से लाखों रूपये की वसूली की जाती थी.
मोंटी उर्फ प्रत्यूष मरैया और दुर्गा टंडन
दोनों आरोपी लोकल बलौदाबाजार के निवासी है. ये दोनों ही लड़कियों के शहर में रहने, खाने एवं अन्य सुविधाओं का इंतेजाम करते थे. इसके बाद उन लड़कियों को अपने टारगेट के पास भेज देते थे. लड़की के जाने के थोड़ी देर बाद खुद दोनों आरोपी मौके पर पहुंच कर लड़की के परिजन बताकर व्यक्ति को ब्लेकमेल पैसे की मांग करते थे. इस दौरान पीड़ित उनसे डरकर पैसे देने के लिए तैयार हो जाता था. हीराकाली नाम की महिला ही टारगेट को फंसाने के लिए लड़की का इंतजाम करती थी. यही गिरोह से संपर्क के माध्यम से लड़कियों को बुलाकर टारगेट के पास भेजती थी.
कथित पत्रकार गिरफ्तार
खुद को पत्रकार बताने वाला आशीष शुक्ला पत्रकारिता की आड़ में हनीट्रैप में फंसे व्यक्ति को धमकाने का काम करता था. आरोपी शुक्ला धमकी देता था कि यह कृत्य न्यूज एवं प्रेस के माध्यम से लोगों तक पहुंचा दिया जाएगा. इस तरह डर दिखाकर वसूली करने का काम करता था पूछताछ में पता चला कि आरोपी आशीष शुक्ला द्वारा एक प्रार्थी से 1,25,000 का मांग की गई थी, जिसमें पीड़ित व्यक्ति ने 75000 का भुगतान आरोपी आशीष शुक्ला के दुकान में जाकर किया था.
वकील भी इस पेशे में
महान मिश्रा यह पेशे से अधिवक्ता है तथा अपनी पहुंच एवं पहचान का रौब दिखाकर उगाही की गई रकम को संभालने एवं आपस में बंटवारा करने का काम करता था.
अब जानिए कैसे देते थे घटना को अंजाम
गिरोह द्वारा धनवान एवं रिटायर्ड कर्मियों को टारगेट किया जाता था. फिर टारगेट सेट कर उससे मेलजोल बढ़ाते हुए टारगेट से महिला को मिलाने का दिन और समय फिक्स किया जाता था. इसके बाद महिला उस टारगेट से मिलने जाती थी. इस दौरान गिरोह के सदस्यों द्वारा महिला के घर/रूम के अंदर जाने एवं बाहर आने की फोटो ले ली जाती थी. फिर इसी फोटो के माध्यम से उस टारगेट को ब्लैकमेल किया जाता था. आरोपी उगाही की रकम को आपस में बांटते थे। अभी तक की जांच में गिरोह द्वारा कई लोगों से करीब 41 लाख रुपए तक की वसूली की जा चुकी है.
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