कॉकरोच मूवमेंट आ पहुंचा छत्तीसगढ़!, जल-जंगल-जमीन पर्यावरण के मुद्दे पर बना रही अपनी जगह, वेबसाइट बंद, इंस्टाग्राम हैक, फाउंडर बोले- सरकार तानाशाह
The Cockroach Movement has arrived in Chhattisgarh, establishing its position on environmental issues like water, forests, and land. Its website has been shut down, its Instagram has been hacked, and its founder has declared the government a dictator.
रायपुर : राजधानी रायपुर से लगे माना इलाके में युवाओं के समूह ने माना बाजार में घूमते हुए जनता से हरित सत्याग्रह में शामिल होने का आग्रह किया है. इन युवाओं के समूह ने टोपी पहनी थी जिस पर लिखा था -“मैं भी कॉकरोच”
युवाओं का यह समूह माना के उस मानव निर्मित पचास साल पुराने जंगल को बचाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है. जिस पर साय सरकार फ़िल्म सिटी बनाने की जिद पर है. ज़िद इसलिए क्योंकि माना के इस जंगल को तबाह करने की कोई अपरिहार्यता नहीं है. साय सरकार इसे नया रायपुर में कहीं भी शिफ़्ट कर सकती है. इस जंगल को बचाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवा यह संकेत देते हैं किइस जगह ही फिल्म सिटी बनाने की ज़िद के पीछे कतिपय बीजेपी के ही प्रभावशाली नेताओं के आर्थिक हित हैं.
एक सूत्रीय मांग - जंगल मत काटिए
इन युवाओं की सिर्फ एक सूत्रीय मांग है कि, किसी भी सूरत जंगल को कोई नुकसान ना पहुंचाया जाए। जानकार इस विषय पर याद करते हैं कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने नया रायपुर में जगह चिह्नित किया था.
तिलचट्टा क्यों बने का जवाब
बीते करीब साठ सत्तर दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे लोग अब इसमें व्यापक जनसमर्थन जुटाने और लोगों को साथ लेने की पुरज़ोर क़वायद में हैं. इन आंदोलनकारियों से यह सवाल हुआ कि शांतिपूर्ण आंदोलन ठीक है आप लोग काक्रोच मूवमेंट में क्यों शामिल हुए, इस पर जवाब आया -“सरकार अपनी जिद और हनक पर आ जाती है. जायज़ मांग कर रहे हैं. जंगल बचाना चाहिए। तापमान पैंतालिस डिग्री पार हो रहा है. लेकिन जानबूझकर जंगल उजाड़ने की कवायद हो रही है. हम सही मांग कर रहे हैं. लेकिन सरकार का मिजाज तो यही रहता है न कॉकरोच हैं. ये लोग कुचल दो मार दो. इसलिए लगा लिए टोपी जिस पर लिखा है -“मैं भी कॉकरोच”
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सीजेआई सूर्यकांत की युवाओं को लेकर टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर तहलका मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' की आधिकारिक वेबसाइट को भी बंद कर दिया गया है. इसके एक्स हैंडल को भारत में पहले ही बैन कर दिया गया था। वहीं पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया था कि उनके निजी इंस्टाग्राम को भी हैक कर लिया गया है. दीपके ने कहा कि पार्टी की वेबसाइट 'cockroachjantaparty.org' को बंद कर दिया गया है. और यह तानाशाही है. उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट के जरिए 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था.
वेबसाइट के जरिए 6 लाख लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री होने परऐतराज जताया और उनका इस्तीफा मांगा था. उनका कहना है कि नीट पेपर लीक मामले में प्रधान फेल रहे हैं. दीपके ने एक एक्स पोस्ट में कहा, सरकार इतनी डरी हुई क्यों है? इस तरह का तानाशाही रवैया देश के युवाओं की आंखें खोल रहा है. अब हम एक नए होम पर काम करेंगे. क्योंकि कॉकरोच कभी मरते नहीं हैं.
दीपके के घर के बाहर पुलिस तैनात
बता दें कि शनिवार बीतते-बीतते इंस्टाग्राम पर सीजेपी के 2.8 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर हो गए हैं. वहीं बीजेपी के इंस्टाग्राम पर 92 लाख ही फॉलोअर हैं. वहीं कांग्रेस के करीब 1 करोड़ 34 लाख फॉलोअर हैं. महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने शनिवार को बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गयी है. वह अभी भी अमेरिका में हैं. जहां वे पढ़ाई कर रहे हैं.
जान से मारने की धमकी
इससे पहले दिपके ने ऑनलाइन खुलासा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है. उन्होंने एक्स पर एक धमकी भरे संदेश का स्क्रीनशॉट शेयर किया था. उनके घर के बाहर पुलिस तैनात होने की पुष्टि करते हुए अतुलकर ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, "लोग दिपके और उनकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बारे में बहुत उत्सुक हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उनके घर के पास पुलिस तैनात की गयी है. उनके घर पर अगले कुछ दिनों तक पुलिस की तैनाती जारी रहेगी.
गौरतलब है कि सीजेपी वेबसाइट, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट बंद होने के बाद इस राजनीतिक संगठन के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी. हालांकि दिपके ने अपने समर्थकों को ऐसी कोई भी गलती करने से बचने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई विरोध प्रदर्शन होता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया है. सरकार तो बस एक छोटी सी चूक का इंतज़ार कर रही है. ताकि पूरे आंदोलन को बदनाम किया जा सके. हम सभी 'कॉकरोचों' (समर्थकों) से अनुरोध करते हैं कि वे शांति बनाए रखें और सावधान रहें. समर्थकों को जल्दबाजी में कोई भी ऐसा गलत फैसला नहीं लेना चाहिए. जिससे हमारे आंदोलन पर बुरा असर पड़े. सरकार चाहती है कि हम गलतियाँ करें. इसलिए हमें ऐसा नहीं करना चाहिए. यह एक बड़ी लड़ाई है और हमें सावधान रहना होगा.
इधर, पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने ‘कॉकरोच मूवमेंट’ का समर्थन किया है. उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से कहा- मैं न बेरोजगार हूं, न आलसी, इसलिए पार्टी का सदस्य नहीं बन सकता. लेकिन मैं खुद को ऑनरेरी कॉकरोच मानता हूं.'
30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं. अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं.
अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं. 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे.
एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए. अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं.
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