प्रदेश सरकार मोदी की गारंटी को ईमानदारी से करे लागू, सचिवों को उनका हक मिले, उनकी मांग जायज- शताक्षी देवव्रत सिंह
The state government should implement Modi's guarantee honestly, secretaries should get their rights, their demand is justified - Shatakshi Devvrat Singh
खैरागढ़ : सचिवों को उनका हक मिले. उनकी मांग जायजज है और प्रदेश सरकार मोदी की गारंटी को ईमानदारी से लागू करें. उक्त बातें जालबांधा क्षेत्र से नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह ने सचिव संघ के लगातार 12वें दिन जारी हड़ताल के मंच में कही.
गौरतलब है कि जिला पंचायत सदस्य शताक्षी देवव्रत सिंह शुक्रवार 28 मार्च को खैरागढ़ में सचिव संघ के हड़ताल में शामिल हुई. इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह सोलंकी, सुदेश सिंह सुद्दू यतेंद्रजीत सिंह छोटू और मनोज बैद भी मौजूद रहे.
इस दौरान सभी सचिवों ने कहा कि हम लोग इस बार शासकीयकरण होने के बाद ही हड़ताल से हटेंगे और प्रदेश सरकार की किसी धमकी से अब नहीं डरेंगे. खास बात ये है कि शासकीयकरण की मांग को लेकर पंचायत सचिवों की शुरु हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के 12वें दिन शुक्रवार 28 मार्च को भी खैरागढ़ के अंबेडकर चौक में प्रदेश सरकार के खिलाफ सचिवों ने एकजुट होकर जमकर हल्ला बोला.
प्रदेश भाजपा सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र 2023 में सचिवों से उनका शासकीयकरण करने का वादा किया था. लेकिन अब तक इसे अमल नहीं किया. जिसकी वजह से आक्रोशित पंचायत सचिव खैरागढ़ जिला मुख्यालय में जनपद पंचायत के पास मंगलवार 18 मार्च से शासकीयकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दिये थे और लगातार 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ डटे रहे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की.
भाजपा सरकार की वादा खिलाफी से पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव बहुत ज्यादा नाराज हैं. और अब उनके अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने से ग्राम पंचायत के काम में भी बाधा उत्पन्न हो गई है. हालांकि सचिवों का कहना है कि इस विपरीत परिस्थिति की जिम्मेदार खुद भाजपा की विश्वासघाती प्रदेश सरकार है. जिसने हमारे साथ धोखा किया और मजबूरन अपने हक के लिए हमें अब आंदोलन करने प्रदेश सरकार ने मजबूर कर दिया है.
सचिव संघ के हड़ताली मंच पर आकर राजकुमारी शताक्षी देवव्रत सिंह ने कहा कि आप लोगों के लिए आवाज़ उठाना मेरा कर्तव्य है. जो भी पंचायत स्तर के काम रहते है,उसे सुचारु रुप से करने में सबसे बड़ा योगदान सचिवों का रहता है और मैं प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग करती हूं कि जो विधानसभा चुनाव 2023 में मोदी की गारंटी में शामिल सचिवों के शासकीय करण का वादा किया गया था. उसे भाजपा सरकार को ईमानदारी से निभाना चाहिये.
शताक्षी ने आगे कहा कि मेरे पिता स्व देवव्रत सिंह के वर्तमान में सरकार में उच्च पदो में बैठे लोगों से अच्छे संबंध रहे हैं. इसलिए मैं खुद भी सरकार के जिम्मेदार नुमाइंदों से मिलकर सचिवों की मांग को पूरा करने की बात रखूंगी. क्योंकि पंचायत सचिवों की सभी मांग जायज़ है. जिस पर सरकार को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिये.
इस दौरान ब्लॉक सचिव संघ अध्यक्ष जोगेश्वर धनकर ने कहा कि पूर्व में विपक्ष में रहते हुए भाजपा के नेताओं ने विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी नाम से घोषणा पत्र में सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया था. लेकिन सरकार बनने पर 100 दिन में शासकीयकरण करने के वादा से सरकार मुकर गई है. प्रदेश सचिव संघ ने गत वर्ष प्रदेश स्तरीय बड़ा सचिव सम्मेलन किया था जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आये थे और उन्होंने हम लोगों के शासकीयकरण के लिए एक कमेटी बनाई और 30 दिवस के अंदर रिपोर्ट आने पर शासकीयकरण करने का वादा किया था. लेकिन 8 महीने बीत जाने के बाद भी वो रिपोर्ट नहीं आयी तो प्रांतीय आव्हान पर हमें ये अनिश्चितकालीन हड़ताल करना पड़ रहा है.
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