जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पति के साथ हुआ विवाद, मारपीट में फटा कुर्ता और जैकेट

During the Janpad Panchayat President-Vice President elections, there was a dispute with Minister Laxmi Rajwade's husband, kurta and jacket were torn in the fight

जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पति के साथ हुआ विवाद, मारपीट में फटा कुर्ता और जैकेट

सूरजपुर : पंचायत चुनाव के आख़री चरण में 23 जनवरी को ओड़गी जनपद पंचायत सदस्यों का चुनाव हुआ था जिसमें क्षेत्र क्रमांक 2 से नित्यानंद पाठक कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जनपद सदस्य जीतकर आए थे. वहीं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष की माता सुधा देवी तिवारी क्षेत्र क्रमांक 9 से जीती थी. इन दोनों ने जनपद उपाध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन फार्म दाखिल किया और चुनाव लड़ रहे थे.
चुनाव के दौरान ही ओड़गी जनपद पंचायत कार्यालय में जहां सिर्फ प्रत्याशियों को निर्वाचन के लिए मौजूद होना था. वहां पर पूर्व मंडल अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री के पति ठाकुर राजवाड़े बैठे हुए थे. जिसमें कांग्रेस प्रत्याशियों को इस बात का शक हुआ कि यह निर्वाचन को प्रभावित कर सकते हैं. जिसे लेकर उन्होंने कई बार जनपद सीईओ को कहा लेकिन वह नहीं माने. जिसे लेकर वहां पर विवाद खड़ा हो गया.
कांग्रेस उपाध्यक्ष समर्थित लोग इसे लेकर पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी और ठाकुर राजवाड़े से झड़प करने लगे. जिस झड़प में ठाकुर राजवाड़े को दो तीन झापड़ भी पड़े.. साथ ही उनके कुर्ते व जैकेट भी फटे. दबंगई दिखाना ही विवाद का कारण बना.
वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रत्याशी का यह भी आरोप था कि यह लोग कांग्रेस समर्थित जीते हुए सदस्यों के खरीद फरोख्त में लगे थे और उन्हें उठाकर बाहर ले गए थे. इतना ही उन्हें जीतने का घमंड है तो फिर अपने समर्थित प्रत्याशियों को वह क्यों जीताकर नहीं लाए? यह कांग्रेसियों का विरोध था और इन्हें निर्विरोध अध्यक्ष उपाध्यक्ष बना लेना था. वहीं विवाद यह भी है कि इस पूरे विवाद की जड़ पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी हैं. जो अपने चाणक्य नीति के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनकी चाणक्य नीति में भाजपा को ही नुकसान हो रहा है. कहीं ना कहीं यह चुनाव भाजपा के लिए 2028 में खतरे की वजह न बन जाए?
आपको बता दें कि जनपद पंचायत ओडगी में जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पति ठाकुर राजवाड़े की कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर पिटाई कर दी. पिटाई के दौरान उनका कुर्ता भी फट गया. विवाद के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
मंत्री पति राजवाड़े ने कांग्रेस नेता नित्यानंद तिवारी पर उत्तर प्रदेश से गुंडे बुलाकर घटना को अंजाम देने का आरोप भी लगाया है. बहरहाल इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है. लेकिन वही इस मामले के प्रत्यक्ष दर्शियों का यह कहना है कि यह विवाद पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी और मंत्री के पति ठाकुर राजवाड़े की सत्ता की दादागिरी की वजह से हुआ. निर्वाचन के दौरान जहां कार्यालय के अंदर सिर्फ प्रत्याशियों को ही जाने की अनुमति थी. वहां पर यह जबरदस्ती बैठकर चुनाव प्रभावित करने की जुगत कर रहे थे. साथ ही कांग्रेस समर्थित जो प्रत्याशी जीत कर आए थे. उन्हें खरीद फरोख्त कर अपना उपाध्यक्ष अध्यक्ष बनने में लगे थे. इतनी ही अच्छी सत्ता की लॉबी थी या काम था तब तो फिर सभी भाजपा समर्थित को जीत के आना था और भाजपा को निर्विरोध ही अध्यक्ष उपाध्यक्ष बना लेना था. कहीं ना कहीं उनकी कमियां थी. जिस वजह से यह अपने समर्थित प्रत्याशी जीता नहीं पाए और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के खरीद फरोख्त में अपना ध्यान लगा दिया. उन्हें लेकर बाहर भी गए.

जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर यहां राजनीतिक सरगर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ी हुई है
जनपद पंचायत ओड़गी के उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस नेता नित्यानंद तिवारी और भाजपा नेता राजेश तिवारी की मां उम्मीदवार थीं. कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने अपनी मां को उम्मीदवार बनाया था. जाहिर है इनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और साख दांव पर लगा हुआ था. चुनाव से ठीक पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पति ठाकुर राम राजवाड़े,भाजपा नेता राजेश तिवारी,भाजपा के कुछ चुनिंदा पदाधिकारी जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे और सीधे जनपद पंचायत के सीईओ के चेंबर की तरफ रुख किया. चेंबर में सीईओ के साथ बैठने के बाद वे बाहर निकले. जैसे ही सीईओ के चेंबर से मंत्री के पति, भाजपा नेता राजेश तिवारी व पदाधिकारी बाहर आए. कांग्रेस के कार्यकर्ता विरोध स्वरुप नारेबाजी करने लगे और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं विरोध के बीच मौके पर मौजूद भाजपा के कार्यकर्ता जवाब में नारेबाजी करने लगे.
देखते ही देखते माहौल बिगड़ने लगा और झुमा झटकी शुरु हो गई. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चुनाव के ठीक पहले सीईओ चेंबर में सीईओ से मिलकर वापस लौटे मंत्री के पति ठाकुर राम राजवाड़े पर अपना गुस्सा उतारा और उनकी पिटाई कर दी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो पाया.

क्या पूर्व मंडल अध्यक्ष का विरोध पनप रहा भाजपा में?
पूर्व मंडल अध्यक्ष को लेकर भाजपा के अंदर खाने में एक विरोध सुलग रहा है. जो विरोध धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है. यह भाजपा के ऐसे नेता हैं जो अपने पास के लोगों को ही आगे बढ़ते अपने सामने नहीं देखना चाहते हैं. इस वजह से वह भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं के आंखों की किरकिरी बन गए हैं. जनपद चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. भाजपा समर्थित या बीजेपी से जुड़े जो जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें वह हराने में लगे हुए थे. और उसके जगह वह कई निर्दलीय प्रत्याशी भी खड़ा कर रहे थे. ताकि कोई भी उपाध्यक्ष का दावेदार उनके सामने न बन सके ऐसा सूत्रों का दावा है.

आरोपी प्रवृत्ति के धान खरीदी प्रभारी को भी इन्हीं का है संरक्षण:सूत्र
धान खरीदी केंद्र में भी इनका हस्तक्षेप देखने को मिलता है आरोपी प्रवृत्ति के समिति के कर्मचारी व प्रभारी को यह संरक्षण देते हैं और जहां ऐसे लोगों को हटाना चाहिए वहां पर यह घोटालेबाजों को ही प्रभारी बनने के लिए पैरवी भी करते नजर आते हैं. ऐसा लगता है कि इन्हें घोटालेबाज व अपराधी प्रवृत्ति के ही लोग पसंद हैं. जिसके लिए यह मंत्री के आगे पीछे भी घूमते हैं और लिस्ट बनी हुई तबादले की जारी नहीं होने देते हैं.
पूर्व मंडल अध्यक्ष की वजह से पार्टी की छवि हो रही खराब साथ ही विधानसभा में होगा नुकसान
पूर्व मंडल अध्यक्ष की कार्यप्रणाली की वजह से भाजपा में अंदरुनी कलह शुरु हो गई है. जो अभी से ही दिखने लगी है. जिला पंचायत से लेकर जनपद पंचायत के चुनाव में यह अंदरुनी कलह खूब देखने को मिली. इन्होंने भाजपा समर्थित लोगों को ही चुनाव हारने की फील्डिंग करते रहे. सिर्फ अपने मां को जनपद उपाध्यक्ष बनाने के लिए, अगर यह अपने लिए करते तो समझ में भी आता लेकिन यह अपनी मां के लिए करते नजर आए जो वृद्ध हो चुकी हैं.
अपने ही समर्थित पार्टी के लोगों को हराने का भी इन्होंने किया प्रयास ताकि अपनी मां को बना सके उपाध्यक्ष
पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी ने अपने ही पार्टी के समर्थित लोगों को चुनाव हराने का प्रयास किया यह आरोप लगा है. वह अपनी मां को जनपद उपाध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के लोगों का ही विरोध करने से बाज नहीं आए यह आरोप है. कुल मिलाकर हर पद उन्हें ही चाहिए यह उनकी नीति है. यह पार्टी के लोगों का ही कहना है.
अखिर निर्वाचन के दौरान क्यों बैठे थे सीईओ के चेंबर में भाजपा नेता?
सूरजपुर के जनपद पंचायत ओड़गी में जनपद पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जमकर विवाद हो गया. चुनाव से ठीक पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पति ठाकुर राम राजवाड़े भाजपा नेताओं के साथ जनपद पंचायत सीईओ के चेंबर में गए थे. चेंबर से निकलने के बाद बाहर खड़े कांग्रेस नेताओं ने हंगामा मचाना शुरु कर दिया और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए.
इसी बीच बात बढ़ गई और दोनों ओर से जमकर लात घुसे चलने लगे. मंत्री पति ठाकुर राजवाड़े की कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी. पिटाई के चलते उनका कुर्ता फट गया. मंत्री पति ने नित्यानंद तिवारी पर उत्तर प्रदेश से गुंडे बुलवाकर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है लेकिन विवाद की असली वजह तो सीईओ के चेंबर में बैठना ही प्रत्यक्ष सदस्यों का कहना है..

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