झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया इंजेक्शन, गर्भवती महिला की मौत, बिना डिग्री 17 साल से कर रहा इलाज, क्लिनिक सील, अवैध दवाइयों समेत गांजा बरामद
Pregnant woman dies after quack doctor administers injection, treats patient without degree for 17 years, clinic sealed, illegal drugs and marijuana seized
बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले में सर्दी-खांसी का इलाज कराने गई गर्भवती महिला की झोलाछाप डॉक्टर और सरपंच के क्लिनिक में संदिग्ध हालत में मौत हो गई. अचानक उसको उल्टी हुईं और बेहोश हो गई. डॉक्टर ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया। जहां जांच में पता चला कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी. यह मामला पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव का है.
वहीं, परिजनों ने शव का बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया. इसकी कहीं कोई शिकायत भी नहीं की. चश्मदीदों के मुताबिक इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गई. लेकिन कैमरे पर कोई बोलने तैयार नहीं है.
राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया है. इस दौरान क्लिनिक से भारी तादाद में अवैध दवाइयों के साथ गांजा भी बरामद हुआ है. आरोपी डॉक्टर पिछले 20 सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के यह अस्पताल चला रहा था.
मिली जानकारी के मुताबिक अजय साहू और इंदु साहू की 2022 में शादी हुई थी. इनका ढाई साल का एक बेटा है. अभी वो दूसरी बार 4 महीने की गर्भवती थी. सर्दी-खांसी की शिकायत थी. इसलिए गुरुवार को गांव के ही बिना डिग्री वाले डॉक्टर जयंत साहू के पास इलाज के लिए पैदल पहुंची. जो छेरकाडीह जारा गांव का सरपंच भी है.
परिजनों के मुताबिक इंदु जब पहली बार डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचीं तो वो वहां मौजूद नहीं थे. जिसके बाद घर लौट आई. थोड़ी देर बाद डॉक्टर के लौटने की जानकारी मिलने पर इंदु दोबारा उसके पास गई.
डॉक्टर जयंत साहू ने बताया कि, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द थी. बीपी चेक किया. खाना नहीं खाई थी. इसलिए ज्यादा कुछ इलाज नहीं कर पाऊंगा बोला. वो करीब 15-20 मिनट तक उनके पास रुकीं. इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उल्टी होने लगी.
चक्कर आने के बाद महिला गिरकर बेहोश हो गई. महिला को पानी पिलाया गया. जिससे वह कुछ देर के लिए होश में आईं. लेकिन फिर से बेहोश हो गईं. उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया. डॉक्टर जयंत साहू ने कबूल किया कि उनके पास डिग्री नहीं है. करीब 17 साल से इलाज कर रहा है.
महिला की सास कांति साहू ने बताया कि जब उनकी बहू देर तक घर नहीं लौटी तो वह डॉक्टर के यहां देखने गई थी. वहां इंदु अपने पति की गोद पर अचेत अवस्था में थी. इसके बाद उसे तत्काल पलारी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया.
वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही इंदु की मौत हो चुकी थी. महिला के नाक से झाग और खून दोनों निकला है. बीएमओ डॉ पंकज वर्मा के अनुसार महिला को लेकर अस्पताल पहुंचने वालों में कथित डॉक्टर जयंत साहू भी शामिल था.
इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महिला के शव को लाया गया था. परिवार वाले करीब 4 घंटे तक अस्पताल में ही आपस में बातचीत करते रहे. शाम 6 बजे उन्होंने पोस्टमॉर्टम न कराने का लिखित आवेदन दिया. जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया.
इस मामले में परिजनों ने पुलिस थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और न ही कोई कार्रवाई की गई है. वहीं, शव ले जाने के बाद गुरुवार को ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया.
राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया है. कार्रवाई के दौरान क्लिनिक से भारी तादाद में अवैध दवाइयों के साथ गांजा भी बरामद हुआ है.
नायब तहसीलदार पंकज बघेल ने बताया कि आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि वह किस आधार पर बिना डिग्री के अस्पताल चला रहा था. बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आरोपी उन दवाइयों का उपयोग कर रहा था. जो सिर्फ प्रशिक्षित डिग्रीधारी डॉक्टर ही लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है.
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