पहलगाम में आतंकी हमले से 27 लोगों की मौत, फांसी की सजा देने की मांग, आज रायपुर में निकलेगा केंडल मार्च, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का एलान

27 people died in terrorist attack in Pahalgam, demand for death penalty, candle march will be held in Raipur today, Omar Abdullah announced compensation

पहलगाम में आतंकी हमले से 27 लोगों की मौत, फांसी की सजा देने की मांग, आज रायपुर में निकलेगा केंडल मार्च, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का एलान

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में रायपुर के बिजनेसमैन दिनेश मिरानिया की मौत हो गई. सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है. सीएम ने कहा, दुख की इस घड़ी में हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं. अधिकारियों को हर संभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं. आतंकियों द्वारा किए गए इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए कम है. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.
वहीं कलेक्टर गौरव सिंह, एसपी लाल उमेद सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप दिनेश मिरानिया के परिजनों से मुलाकात करने समता कॉलोनी पहुंचे. अफसरों ने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात कर सांत्वना दी और हर संभव मदद की भी बात कही.
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आतंकियों ने पर्यटकों के एक ग्रुप पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. यह हमला उस समय हुआ, जब कई पर्यटक घुड़सवारी का आनंद ले रहे थे. आतंकवादियों ने घोड़ों पर सवार पर्यटकों को निशाना बनाते हुए करीब 3 से 5 मिनट तक गोलियां बरसाईं. इस हमले में 6 पर्यटक घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. हमले के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए. घायलों को आनन-फानन में अनंतनाग जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
इस हमले में कुछ घोड़े भी घायल हुए हैं जिन्हें गोलियां लगी हैं. घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरु कर दिया है. भारतीय सेना की विक्टर फोर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियां मिलकर आतंकियों की तलाश में जुट गई हैं. साथ ही घटनास्थल पर CRPF की क्विक रिएक्शन टीम (QAT) को भी भेजा गया.

सैयद हुसैन शाह लोगों की जान बचाने आतंकियों से भिड़ा, राइफल छीनने की कोशिश की, लेकिन उसे गोली मार दी गई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में एक कश्मीरी युवक सैयद हुसैन शाह की भी जान चली गई. पहलगाम के पास अशमुकाम का रहने वाला सैयद हुसैन शाह घोड़े चलाने का काम करता था. पर्यटकों को अपने घोड़े पर घुमाता था. उसके पिता सैयद हैदर शाह ने एएनआई को बताया कि मंगलवार को हमले वाले दिन भी वह पहलगाम घोड़े चलाने के लिए गया था. तीन बजे उन्हें पता चला कि बैसरन में हमला हो गया है.
दैनिक जागरण ने कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया है कि सैयद हुसैन शाह अपने घोड़े पर टूरिस्ट्स को घुमाने के लिए बैसरन गया था. हमले के वक्त वह वहीं पर मौजूद था. आतंकी जब गोलियां चलाकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे तो उसने उन्हें रोकने की भी कोशिश की. उसने कहा कि ये कश्मीर के मेहमान हैं. मासूम हैं. उन्हें मत मारो. आतंकियों ने उसकी एक न सुनी. इस पर वह एक आतंकवादी से भिड़ गया और उसकी राइफल छीनने की कोशिश की. इस पर हमलावर ने उसे गोली मार दी. जिससे उसकी मौत हो गई.
उसके पिता ने बताया कि वह घर में अकेला कमाने वाला सदस्य था. हमने उसे फोन किया तो वो स्विच ऑफ आया. बाद में साढ़े 4 बजे फोन ऑन हुआ. हम फोन करते रहे. फोन किसी ने नहीं उठाया. फिर थाने में गए. वहां एक रिपोर्ट लिखाई. फिर हम घर आए. बाद में पता चला कि हमला हो गया. हमारे लड़के ने जाकर देखा तो वह अस्पताल में था. वह घर में सबसे बड़ा था और अकेला कमाने वाला था.
सूत्रों के अनुसार कुछ आतंकवादियों ने बॉडी कैमरा पहना हुआ था. हमले की पूरी घटना को रिकॉर्ड किया गया है. NIA ने मौके पर पहुंचकर गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. फॉरेंसिक टीम गोलियों के खोखे और अन्य अहम सबूत जुटाने में लगी हुई है.
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सैयद हुसैन शाह ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों से लोहा लिया और कई लोगों की जान बचाकर कश्मीरियत की सदियों पुरानी मेहमाननवाजी की परंपरा को जिंदा रखा.
पहलगाम के पास अशमुकाम का रहने वाला सैयद हुसैन शाह रोजी-रोटी के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपने घोड़े पर सैर कराता था. वह मंगलवार को भी सैलानियों को लेकर खूबसूरत बैसरन घाटी गया हुआ था. जहां आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब आतंकियों ने मासूम पर्यटकों पर गोलियां बरसाना शुरू किया, तो सैयद हुसैन वहीं मौजूद था. उसने आतंकियों को रोकने की पुरजोर कोशिश की. उसने उनसे कहा कि ये सब बेगुनाह हैं और कश्मीरियों के मेहमान हैं. उन्होंने उसे धक्का दे दिया.
सैयद हुसैन ने जब देखा कि उसकी बातों का आतंकियों पर कोई असर नहीं हो रहा है, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना एक आतंकी से भिड़ गया. उसने उस आतंकी की राइफल छीनने की कोशिश की. इस हाथापाई में आतंकी की राइफल से निकली गोलियां सैयद हुसैन के शरीर को भेद गईं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा.
हमले में बुरी तरह से जख्मी सैयद हुसैन को अन्य घायलों के साथ अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन अफसोस कि वहां पहुंचने के बाद उसने दम तोड़ दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद उसका पार्थिव शरीर उसके परिजनों को सौंप दिया गया. और देर रात गमगीन माहौल में उसे सुपुर्दे खाक कर दिया गया.
सैयद हुसैन शाह के एक साथी बिलाल ने बताया कि अगर सैयद हुसैन चाहता तो अपनी जान बचाकर वहां से भाग सकता था. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. उसने कायरों की तरह भागने के बजाय आतंकियों का डटकर मुकाबला किया.
बिलाल ने कहा कि सैयद की बहादुरी और उसके इस महान बलिदान के कारण ही आज वहां मौजूद कई लोगों की जान बच सकी है. अगर वह आतंकियों से न भिड़ता, तो शायद बैसरन में मौजूद सभी लोग मारे जाते.
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रायपुर : पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया का शव रात 9 बजे तक दिल्ली होते हुए रायपुर पहुंचेगा। पहलगाम आंतकी हमले में मारे गए लोगों के साथ उनके परिजनों को गृह नगर तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष विमानों की व्यवस्था की है. दिवंगतों के शवों को लेकर विमान श्रीनगर से लेकर नई दिल्ली पहुंचेगा, जहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विमानों के जरिए शवों को गृह नगर के नजदीकी हवाई अड्डे तक भेजा जाएगा.
सरकार की तरफ से दी गई जानकारी, दिनेश मिरानिया (अग्रवाल) का शव दोपहर 11.45 बजे श्रीनगर से फ्लाइट 6E 2356/ 6E 5138 श्रीनगर से नई दिल्ली लाया जाएगा. इसके बाद नई दिल्ली से शव को रात करीबन 9 बजे रायपुर लाया जाएगा. शव के साथ दिवंगत की पत्नी नेहा मिरानिया, बेटा शौर्य, बेटी लक्षिता, भाई नरेश अग्रवाल और भतीजा केशव अग्रवाल विमान से रायपुर आएंगे.
रायपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन निकालेगी कैंडल मार्च
कोराबारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों के हाथों मौत से तमाम वर्गों में दुख और रोष है. रायपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए शांति और एकता का संदेश लेकर आज कैंडल मार्च निकाल रहा है. रायपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी और सचिव अनिल दुग्गड ने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना और शांति एवं सौहार्द का संदेश फैलाना है.
उन्होंने कहा कि इस मार्च के माध्यम से हम समुदाय को एकजुट कर सकते हैं, और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं. उन्होंने सभी से कैंडल मार्च में पहुंचकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया है. मौन कैंडल मार्च शाम 5.30 बजे अरिहंत कंपलेक्स संजय गांधी चौक से शुरू होकर लायंस क्लब, गुरु नानक चौक तक जाएगी।
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रायपुर : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम के निकट एक बड़ा आतंकी हमला हुआ. जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई. जिसका रायपुर के मुस्लिम समाज ने भी पुरज़ोर विरोध किया और आज 23 मार्च 2025 को रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक में रात 8 बजे हमले में मारे गए 27 लोगों के लिए श्रद्धांजलि देने के लिए मुस्लिम समाज के लोग और सफेद स्कूली परिधानों में विद्यार्थी शामिल होकर केंडल (मोमबत्ती) जलाएंगे और इस अमानवीय आतंकवादी हमले का विरोध किया जाएगा.
मुस्लिम समाज ने कहा कि कुरआन के मुताबिक किसी बेकसूर की हत्या पूरी मानवता की हत्या है. और मानवता के हत्यारों का इस्लाम धर्म से कोई सरोकर नहीं है. शहर के कई संगठनो से जुड़े मुस्लिम समाज के पूर्व अधिकारी शोएब अहमद ,क़ादिर ख़ान, नौमान अकरम हामिद, सैय्यद हसमत अली चुन्ना भाई, सैय्यद ज़ाकिर अली, मो. इनामउल्लाह भाई, ज़कात फाउंडेशन के ताहिर भाई ,रिजवान भाई मुस्लिम मुस्लिम इंटेलिक्चुअल फोरम के शकील अहमद, एमए.हाशिम और  मोह.फ़ारूक़ ख़ान, मो . फिरोज अंसारी, अलीम अंसारी, सगीर सिद्दीकी, इमरान खान वगैरह ने इस आतंकी हमले को इंसानियत पर पड़ोसी मुल्क के आकाओं की शह पर किया गया हमला बताया.
आगे कहा कि गत अक्टूबर 2024 में गांधर बल के पास टनल में काम कर रहे लोगो पर हमला हुआ था और उस हमले के बाद ये सबसे बड़ा हमला है. घटना में शहीद हुए लोगो को श्रद्धांजलि देते हुए मृतक के परिजनों को दुख सहने करने एवं सरकार से इन आतंकी और उनके पड़ोसी के आकाओ के ख़िलाफ़ सख्त कारवाई करने की मांग की गई है.
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कश्मीरियों ने निकाला कैंडल मार्च, बताया- कायराना हरकत

श्रीनगर : पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद पहलगाम के लोग सड़कों पर उतर आए. कश्मीरियों में भी इस घटना के बाद रोष है. पहलगाम के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया है. साथ ही आतंकी हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की है.
पहलगाम हमला: कैंडल मार्च के दौरान एक शख्‍स का वीडियो भी सामने आया है. इसमें वह कह रहा है कि हम इस आतंकी हमले की हम पुरजोर निंदा करते हैं. उन्‍होंने इसे कायराना हमला बताते हुए कहा कि पहले हम हिंदुस्‍तान के बाशिंदे हैं और उसके बाद हम पहलगाम के बाशिंदे हैं. इस मौके पर लोगों ने जमकर नारेबाजी कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है.
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उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का एलान

श्रीनगर : पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए उमर सरकार ने अनुग्रह राशि देने का एलान किया. जम्मू और कश्मीर सरकार ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.
इसकी घोषणा करते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कल पहलगाम में हुए घृणित आतंकवादी हमले से मैं बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं.
कोई धनराशि नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती’
निर्दोष नागरिकों के खिलाफ क्रूरता के इस बर्बर और मूर्खतापूर्ण कृत्य के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हम खोए हुए अनमोल जीवन के लिए शोक मनाते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती. लेकिन समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, जम्मू-कश्मीर सरकार मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करती है.
मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रुप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की घोषणा की. अब्दुल्ला ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानजनक तरीके से उनके घरों तक पहुंचाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं.
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है. हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. हम आपके दुख को साझा करते हैं और इस कठिन समय में आपके साथ खड़े हैं.
आतंकी हमले में मारे गए 26 लोग
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला किया. जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे और कई अन्य घायल हो गए.
मृतकों में यूएई और नेपाल के दो विदेशी और दो स्थानीय लोग शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “आतंकवाद हमारे संकल्प को कभी नहीं तोड़ पाएगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक इस बर्बरता के पीछे के लोगों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता.
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