दुर्ग में 40 लाख की ठगी, फाइनेंशियल कंसलटेंट बताकर ऐंठे रकम, वेस्टिज निवेश और गहने गिरवी रख की धोखाधड़ी, आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार
₹40 lakh fraud in Durg; money swindled by posing as financial consultants; scam involved Vestige investments and pledging of jewelry; accused couple arrested.
दुर्ग/जामुल : दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह दंपती 29 दिनों से फरार थे. आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिया. मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद से संपर्क किया. उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में ज्यादा फायदे का वादा किया. शुरुआती निवेश पर फायदा मिलने से फातिमा का भरोसा बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने और ज्यादा रकम निवेश की. इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे करीब 25 लाख रुपए ठग लिया.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया. उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के जेवरात लिया. इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए हासिल किया.
जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी. तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी. कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए. धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की. केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे थे.
करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से खबर मिली. इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया. पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात कबूल कर ली. पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की तादाद सिर्फ एक-दो नहीं है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है. ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है. और धोखाधड़ी की कुल रकम भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के जेवरात के रिकॉर्ड और दुसरे अहम सबूत जब्त किए हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.
क्या है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का मकसद ट्रेडिंग और निवेश में ज्यादा फायदा दिलाने का झांसा देकर लोगों का भरोसा जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था. शुरुआती फायदा दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया. जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली. हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया.
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