क्रशर खदान के गड्ढे में डूबा 13 वर्षीय बालक, पानी में डूबने से SBI के कैशियर की मौत, ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर समेत 2 लोगों की बचाई जान

A 13-year-old boy drowned in a crusher pit, an SBI cashier drowned, and villagers saved the lives of two people, including the bank manager.

क्रशर खदान के गड्ढे में डूबा 13 वर्षीय बालक, पानी में डूबने से SBI के कैशियर की मौत, ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर समेत 2 लोगों की बचाई जान

पानी में डूबने से SBI के कैशियर की मौत, ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर समेत 2 लोगों की बचाई जान

सुकमा : सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में होली के दिन नदी में शबरी नदी में नहाने गए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के तीन कर्मचारी गहरे पानी में डूबने लगे. हादसे में बैंक के कैशियर की मौत हो गई. जबकि बैंक मैनेजर समेत दो कर्मचारियों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
मिली जानकारी के मुताबिक कोंटा स्थित SBI शाखा में पदस्थ कैशियर रामा साई उम्र 30 साल अपने साथी कर्मचारी मयंक और बैंक मैनेजर नवीन के साथ होली खेलने के बाद दोपहर में आसिरगुड़ा गांव के पास स्थित शबरी नदी में नहाने गए थे. नहाने के दौरान तीनों दोस्त पानी का लुत्फ उठा रहे थे. तभी रामा साई अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए.
हादसे के वक्त साथी कर्मचारी मयंक ने तत्परता दिखाते हुए बैंक मैनेजर नवीन को तो सुरक्षित बाहर खींच लिया। लेकिन रामा साई को तैरना नहीं आता था. देखते ही देखते वह गहरे पानी में ओझल हो गए. साथियों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरु किया. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने रामा साई को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं.
मृतक रामा साई मूल रुप से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले थे और अभी अविवाहित थे. हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया. कोंटा पुलिस ने परिजनों को खबर कर दिया है और साईनाथ का शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल सुकमा भेज दिया गया. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

होली के दिन 15 वर्षीय किशोर की खदान में डूबकर मौत

सूरजपुर : सूरजपुर जिले के कोयलांचल क्षेत्र में भटगांव में होली के दिन एक दुखद घटना हुई. यहां एसईसीएल की बंद खदान में बनी नीली झील में 15 वर्षीय किशोर विकास ठाकुर डूब गया. खबर मिलते ही भटगांव पुलिस, डीडीआरएफ और एसईसीएल बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला.
मिली जानकारी के मुताबिक विकास ठाकुर भटगांव की बी-टाइप कॉलोनी का निवासी था. होली के दिन दोपहर साढ़े तीन बजे वह घर से बिना बताए निकला और देर शाम तक वापस नहीं लौटा. परिवार ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.
पुलिस ने साइबर टीम की मदद से किशोर के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की. पता चला कि उसका मोबाइल बंद खदान की नीली झील के पास था। मौके पर पहुंची पुलिस ने झील किनारे किशोर के कपड़े देखे. लेकिन पानी गहरा होने और रात होने के कारण शव को उसी समय बाहर नहीं निकाल सकी.
अगले दिन सुबह पुलिस, डीडीआरएफ और एसईसीएल बचाव दल के संयुक्त प्रयास से करीब 11 बजे किशोर का शव झील से बाहर निकाला गया. प्रारंभिक जांच से मालुम होता है कि वह दोस्तों के साथ नहाने गया था और गहरे पानी में डूबने के कारण उसकी मौत हुई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भटगांव अस्पताल भेजा गया और मर्ग कायम कर जांच कर रही है.
विकास अपने परिवार के साथ वार्ड 15 में रहता था. बड़ी भाई अंबिकापुर में मेन्द्राकला क्षेत्र में हजामत का काम करता है. जीविकोपार्जन के लिए विकास चाट-फुल्की की दुकान में हेल्पर का काम करता था.
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बंद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और आक्रोश जताया है. उनका कहना है कि खानों में न तो घेराबंदी है और न ही कोई सतत निगरानी, जबकि कोयला खनन के बाद पानी भर जाने से ये गड्ढे खतरनाक झील का रुप ले चुके हैं. लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन खदानों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएँ.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB