हाथी का खूनी हमला, चाचा को कुचलकर मार डाला, भतीजे ने भागकर बचाई जान, ग्रामीण की मौत से इलाके में दहशत का माहौल, थमे वाहनों के पहिए
A deadly elephant attack: an uncle was trampled to death, while his nephew managed to escape. The villager's death has spread panic across the area, and vehicular movement has come to a halt.
सूरजपुर : सूरजपुर जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार शाम कल्याणपुर-अखोरा मुख्य मार्ग पर हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं, उसके साथ मौजूद साथी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई. मृतक की पहचान बलरामपुर जिले के निवासी विश्वनाथ पिता राजनाथ के रूप में हुई है. वह पहाड़ी कोरवा छात्रावास में भृत्य के पद पर पदस्थ था.
मिली जानकारी के मुताबिक विश्वनाथ रविवार को अपने भतीजे बलदेव के साथ बाइक से अपनी बहन के घर अखोरा आया था. शाम करीब 5.30 बजे दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान अखोरा-कल्याणपुर मार्ग पर अचानक उनका सामना हाथी से हो गया. बताया जा रहा है कि दोनों ने शराब पी रखी थी. हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस दौरान भतीजा बलदेव किसी तरह मौके से भाग निकला. और भतीजे ने पास खड़े ट्रक के नीचे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई. लेकिन चाचा विश्वनाथ हाथी की चपेट में आ गया. हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला.
हमले की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया. मृतक के परिजनों को भी घटना की खबर दे दी गई. आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा. वन विभाग की तरफ़ से नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरु की जा रही है.
झांपी नाला के पास मुख्य मार्ग पर आया हाथी, थमे वाहनों के पहिए
सूरजपुर जिले में हाथियों की आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है. रविवार दोपहर जरही नगर पंचायत से लगे ग्राम बंशीपुर के झांपी नाला के पास एक हाथी मुख्य मार्ग पर पहुंच गया. हाथी को सड़क पर देखकर अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही थम गई. सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई.
खबर मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की तरफ़ खदेड़ा. इसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका. राहत की बात यह रही कि इस दौरान हाथी ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया. बताया जा रहा है कि हमला करने वाला हाथी स्थानीय स्तर पर 'कबरा कान' के नाम से पहचाना जाता है. यह हाथी लंबे समय से सूरजपुर वन क्षेत्र में सक्रिय है और पूर्व में भी इसके हमलों में लोगों की मौत हो चुकी है.
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के कल्याणपुर, भटगांव और प्रतापपुर क्षेत्र के साथ ही सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों हाथियों का दल विचरण कर रहा है. ऐसे में ग्रामीणों और राहगीरों को सतर्क रहने की जरुरत है.
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