शव दफनाने को लेकर जमकर बवाल, शव निकाले जाने के बाद उग्र हुए हालात, हिंसक झड़प, में कई ग्रामीणों समेत 22 पुलिसकर्मी घायल
A massive uproar erupted over the burial of the body, resulting in violent clashes that left several villagers and 22 policemen injured.
कांकेर/आमाबेड़ा : कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़ा विवाद एक बार फिर हिंसक रुप में सामने आया. ग्राम बड़े तेवड़ा में धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर उपजे विवाद ने गुरुवार को उग्र रुप ले लिया. इस हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत 25 से ज्यादा गांव वाले घायल हो गए. जिन्हें इलाज के लिए अंतागढ़ में भर्ती किया गया है. इनमें से 9 लोगों को कांकेर रेफर किया गया है.
ग्राम पंचायत बड़ेतेवड़ा के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम सलाम की मौत हो गई थी. शव को कांकेर से गांव लाया गया और 15 दिसंबर को परिजन ने उनका शव अपने खेत में दफन कर दिया. शव दफनाने के मुद्दे पर आदिवासी समाज और धर्मांतरित समुदाय के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला झड़प और मारपीट तक पहुंच गया. घटना में कई ग्रामीण घायल हुए हैं. जबकि हालात संभालने पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं. इनमें एएसपी आशीष बंसोड़ भी शामिल हैं।.
ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया के तहत शव को कब्र से बाहर निकलवाया. जिसके बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया. शव निकाले जाने के दौरान और उसके बाद उग्र भीड़ ने पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया.
भीड़ ने गांव के चर्च में तोड़फोड़ कर आग लगा दिया. गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और दोनों पक्षों से बातचीत के लिए प्रतिनिधि मंडल गठित किया गया. आपसी सहमति बनने के बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र से शव को बाहर निकाला गया.
हालात काबू में करने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला किया गया. जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर सहित 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए. घायल एएसपी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है.
घटना के दौरान ग्राम बड़े तेवड़ा में स्थित चर्च में जमकर तोड़फोड़ की गई और आगजनी की घटना भी सामने आई. हालात बिगड़ते देख पुलिस बल की तादाद बढ़ाई गई और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. बड़े तेवड़ा में बवाल के बाद भीड़ के आमाबेड़ा स्थित अन्य चर्च की ओर बढ़ने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया.
हालात की गंभीरता को देखते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी कांकेर अमित तुकाराम कांबले, कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर और पुलिस अधीक्षक कांकेर इंदिरा कल्याण एलीसेला मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हालात को कंट्रोल करने के प्रयास किए गए.
इधर धर्मांतरित व्यक्ति के शव को चारामा के कब्रिस्तान में दफन किए जाने की खबर के बाद चारामा क्षेत्र में भी विरोध देखने को मिला. सर्व समाज हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता कब्रिस्तान के सामने इकठ्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया.
प्रशासन के मुताबिक शव निकाले जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हुआ और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे. फिलहाल आमाबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं. लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है.
गौरतलब है कि कांकेर जिले में पिछले दो महीनों के भीतर शव को कब्र से निकालने की यह तीसरी बड़ी घटना है. बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संवाद किया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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