आरपीएफ पोस्ट पर राजनीतिक बहस का खौफनाक अंजाम, प्रधान आरक्षक ने सहकर्मी पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां, मौके पर ही मौत

A political debate at an RPF post has a horrific outcome; a head constable fires a bullet at a colleague, killing him instantly.

आरपीएफ पोस्ट पर राजनीतिक बहस का खौफनाक अंजाम, प्रधान आरक्षक ने सहकर्मी पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां, मौके पर ही मौत

रायगढ़ : राजनीतिक बहस का अंजाम इतना खौफनाक भी हो सकता है. शायद ही किसी ने सोचा होगा. रायगढ़ के RPF पोस्ट में बुधवार तड़के एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. जहां एक प्रधान आरक्षक ने अपने ही साथी प्रधान आरक्षक को करीब से चार गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना से पूरे RPF में हड़कंप मच गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल सर्विस पिस्टल भी जब्त कर ली है.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक पी.के. मिश्रा की ओएचई (OHE) से संबंधित ड्यूटी रायगढ़ से किरोड़ीमल नगर के बीच लगी हुई थी. ड्यूटी पूरी करने के बाद वह सुबह रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट लौटे थे. इसी दौरान दोनों जवानों के बीच बहस हो गई. विवाद बढ़ने पर आरोपी लदेर ने गुस्से में अपनी पिस्टल निकालकर मिश्रा पर फायरिंग कर दिया.
सुबह करीब 4 बजे GRP थाना रायगढ़ के जवानों ने पोस्ट के अंदर से गोलियों की आवाज सुनी. लेकिन उन्होंने इसे शुरु में पटाखे की आवाज समझकर नजरअंदाज कर दिया. कुछ देर बाद RPF का एक जवान भागते हुए पहुंचा और बताया कि प्रधान आरक्षक लदेर ने प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा को गोली मार दी. खबर फैलते ही पुलिस और RPF के अधिकारी मौके पर पहुंचे. पोस्ट को सील कर दिया गया और परिजनों को खबर दी गई.
सूत्रों के मुताबिक उस समय RPF पोस्ट में सिर्फ दो ही कर्मचारी मौजूद थे. सीसीटीवी फुटेज की शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच संविधान, आरक्षण, बाबा साहब अंबेडकर और वर्तमान राजनीति को लेकर बहस शुरु हुई. बहस बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई और बताया जा रहा है कि अचानक आरोपी लदेर ने पोस्ट में रखी 9MM पिस्टल में गोलियां भरीं और कुर्सी पर बैठे पीके मिश्रा के सिर पर लगातार चार गोलियां दाग दीं.
पहली गोली मिश्रा के कनपटी पर लगी जबकि दूसरी गोली नाक के पास से हड्डियों को चीरते हुए निकल गई. हमला इतना तेज था कि पीके मिश्रा वहीं कुर्सी पर बैठे-बैठे ढेर हो गए.
मृतक प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा मध्यप्रदेश के रीवा के निवासी थे. उनके परिवार में एक बेटा है जो हैदराबाद में रहता है. आरोपी प्रधान आरक्षक लदेर छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला है. उसके तीन बच्चे बताए गए हैं. जो जांजगीर के भाटापारा मोहल्ला में रहते हैं. दोनों ही 2001 बैच के RPF कर्मचारी थे और इससे पहले भी साथ में एक ही पोस्ट पर काम कर चुके थे. RPF कर्मचारियों के मुताबिक इनके बीच कभी किसी तरह का विवाद या दुश्मनी नहीं रही. उल्टा दोनों के संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण माने जाते थे.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए RPF और GRP के आला अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं. मृतक के परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल सर्विस पिस्टल भी जब्त कर ली है. घटना के बाद रेलवे परिसर और आरपीएफ पोस्ट में दहशत का माहौल है.
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