सर्चिंग पर निकले जवान पर झाड़ियों के पीछे जंगली सुअर ने किया जानलेवा हमला, इधर हार्डकोर नक्सली कमांडर समेत 31 नक्सली ढेर
A soldier on a search operation was fatally attacked by a wild boar behind bushes, killing 31 Naxalites, including a hardcore Naxalite commander.
सर्चिंग पर निकले जवान पर झाड़ियों के पीछे जंगली सुअर ने किया जानलेवा हमला
गरियाबंद : गरियाबंद छत्तीसगढ़ के ग़रियाबंद जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. राजडेरा के घने और खतरनाक जंगलों में नक्सलियों की टोह लेने निकली CRPF की टीम पर कुदरत का कहर टूट पड़ा. सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान एक खूंखार जंगली सुअर ने जवान पर अचानक हमला बोल दिया। इस भीषण हमले में जवान गंभीर रुप से घायल हो गया.
मिली जानकारी के मुताबिक CRPF की एक टुकड़ी नियमित गश्त और सर्चिंग के लिए राजडेरा के बीहड़ जंगलों में दाखिल हुई थी. चारों तरफ सन्नाटा था और जवान पूरी मुस्तैदी के साथ आगे बढ़ रहे थे. तभी झाड़ियों के पीछे घात लगाकर बैठे एक विशालकाय जंगली सुअर ने अचानक टीम पर धावा बोल दिया. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता. सुअर ने सीधे जवान प्रभाकर द्विवेदी को अपना निशाना बनाया.
जंगली सुअर का हमला इतना जोरदार था कि जवान खुद को पूरी तरह बचा नहीं पाया हमले के फौरन बाद साथी जवानों ने मोर्चा संभाला और घायल साथी को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल जवान का नाम प्रभाकर द्विवेदी बताया जा रहा है. घायल जवान को आनन-फानन में मैनपुर अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है.
ग़रियाबंद का यह इलाका न सिर्फ नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील है. बल्कि यहाँ के घने जंगल हिंसक वन्यजीवों के लिए भी जाने जाते हैं. सर्चिंग पर निकले जवानों को दोहरे मोर्चे पर लड़ना पड़ता है एक तरफ दुश्मन की गोलियां और दूसरी तरफ कुदरती खतरा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t
हार्डकोर नक्सली कमांडर समेत 31 नक्सली ढेर
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में भी नक्सलवाद को बड़ा झटका लगा है. एक साल के भीतर 2025 में मैनपुर क्षेत्र के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो बड़े खुंखार नक्सली नेता चलपति जयराम रेड्डी एवं मनोज मोडेम उर्फ बालकृष्णन उर्फ भास्कर सहित 31 नक्सलियो को ढेर किया गया. यह बड़ी कामयाबी गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र से मिली है तो वही 20 नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा जुड़ने के लिए पुलिस के सामने सरेंडर किये है.
इस दौरान पुलिस को साल भर में करीब 62 लाख रूपये की बड़ी रकम के साथ हथियारो का जखीर बरामद हुई है. जनवरी 2025 के लगते ही मैनपुर कुल्हाड़ीघाट ओड़िशा सीमा पहाड़ी के ऊपर 75 घंटे चले आपरेशन में सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ ई 30 जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने खुंखार नक्सली नेता जयराम चलपति जैसे बडे कैडर के नक्सली नेता और आतंक का पर्याय बन चुके डिविजन चीप सत्यम गावड़े जैसे खुंखार नक्सलियो सहित 16 नक्सलियो को मार गिराया। यह इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कामयाबी थी.
जयराम चलपति खुंखार नक्सली पूरे देश में जाना जाता था और नक्सलियो के पूरे संगठन में चलपति को मास्टर ट्रेनर के रूप में जाना जाता था। इस नक्सली को पुलिस बल ने मार गिराया। चलपति का असली नाम जयराम रेड्डी बताया जाता है उसे संगठन में रामचंद रेड्डी अप्पाराव या रामू के नाम से भी जाना जाता था हमेशा अपने साथ 10 से 12 बाडीगार्ड लेकर घुमता था और नक्सली हमलो की प्लानिंग बनाने में उन्हे महारत हासिल थी कब और कहा अटैक करना है यह चलपति तय करता था। पुलिस सूत्रो के अनुसार चलपति आंध्रप्रदेश और ओड़िशा डिविजन की कमार संभाल रहा था तथा पूर्व दक्षिण जोन का कार्य भी देख रहा था.
वही दूसरी ओर सितम्बर 2025 की पहली सप्ताह में ही मैनपुर कुल्हाड़ीघाट जंगल में मुठभेड़ के दौरान कुख्यात नक्सली कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर और मंडल कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पांड भी मारा गया। इस मुठभेड़ में 10 नक्सलियो को पुलिस ने ढेर किया इन मारे गये 10 नक्सलियो में 5.22 करोड़ रूपये का इनाम रखा गया था और इसे भी एक बड़ी सफलता मानी जाती है। मैनपुर कुल्हाड़ीघाट मटाल पहाड़ी के ऊपर यह मुठभेड़ ढाई दिनो तक चला था। पिछले एक साल के भीतर गरियाबंद जिले में 31 नक्सली ढेर किये गये और एक बड़ी सफलता मिली सुरक्षा बल के जवानो के द्वारा अदम साहस वीरता और धैर्य का परिचय देते हुए गरियाबंद जिले में नक्सलवाद की जड़े हिला दिये।
गरियाबंद जिले में पुलिस को जहां 31 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली वही दूसरी ओर पुलिस सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार 62 लाख रूपये के साथ नक्सलियों से बड़े पैमाने पर हथियार, बारूद बरामद किये गये.
मैनपुर गरियाबंद क्षेत्र के जंगल में जगह -जगह ग्रामीणों और पुलिस बल को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियो द्वारा जमीन में छिपाकर लगाये गये टिपिन बम विस्पोटक सामाग्री एवं उनके हथियारो के जखीरा को पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही करते हुए जहां एक ओर बरामद किया जा रहा है और यह कार्यवाही चल रही है नक्सलियो के खतरनाक मंसुबो पर पुलिस द्वारा लगातार पानी फेरा जा रहा है.
गरियाबंद जिले में सरकार के पुनर्वास नीति के चलते लगभग 20 नक्सलियो ने आतंक का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने सरेंडर भी किया और बकायदा उन्हे पुलिस द्वारा मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है लाभ दिया जा रहा है। पुलिस के आत्मसमर्पण अभियान पर विश्वास कर कई नक्सलियो ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ रहे है जो एक बेहतर संकेत है इन नक्सलियो के नाम लाखो रूपये का इनाम भी घोषित था जिसे एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखी जा रही है। सरेंडर करने वाले में प्रमुख रूप से सुनील जो कई सालो से इस इलाके में सक्रिय था वह भी सरेंडर किया है.
गरियाबंद जिले में 23 दिसम्बर 2025 को भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी देवव्रत सिरमौर नये पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण करते ही मैनपुर के कुल्हाड़ीघाट और ओड़ आमामोरा घुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहले ही दौरा कर जनता और ग्रामीणों मे उम्मीद जगाने का काम किया है। देवव्रत ने गरियाबंद की कमान संभालते ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रो का दौरा कर जहां ग्रामीणों की समस्याओ को नजदीक से जाना तो वही जिले के लोगो को नये पुलिस अधीक्षक देवव्रत सिरमौर से काफी उम्मीद बंधी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



