सेंट्रल जेल में नवजवान युवक की मौत, जिस्म पर चोट के निशान, परिजनों ने जेल प्रशाशन पर लगाए कई गंभीर आरोप, संदेह के दायरे में कार्यप्रणाली

A young man died in Central Jail, injury marks on his body, family members made several serious allegations against the jail administration, functioning under suspicion

सेंट्रल जेल में नवजवान युवक की मौत, जिस्म पर चोट के निशान, परिजनों ने जेल प्रशाशन पर लगाए कई गंभीर आरोप, संदेह के दायरे में कार्यप्रणाली

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में एक नवजवान युवक की कारागार में ही मौत होने की खबर सामने आई है. मृतक के परिजनों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि मृत युवक मोहम्मद शादाब को जेल प्रहरियों द्वारा प्रताड़ित और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया गया.
मृतक के परिजनों को हार्ट अटैक से मौत होने की खबर दी गई. जबकि मृत युवक के परिजनों द्वारा यह बताया जा रहा है कि उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जिससे यह अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि मृत युवक को जेल के भीतर मारा भी गया है. जिसकी वजह से उसके शरीर पर चप्पल, बेल्ट और डंडे से मारे जाने के निशान साफ साफ दिखाई दे रहे हैं.
मृतक के बड़े भाई का कहना है कि उनके भाई को कुछ महीनों से सीने में दर्द की तकलीफ थी. जिसे लेकर उनके द्वारा जेल प्रशाशन से भी कहा गया था कि एक बार उनका मेकाहारा में इलाज करवा दीजिए. लेकिन जेल प्रशाशन द्वारा मृतक के दर्द की तकलीफ को लेकर ध्यान नही दिया गया.
यही नही मृतक के परिजनों को मेकाहारा अस्पताल लाने के बाद किसी अन्य व्यक्ति से यह खबर मिली कि उसका हार्ट अटैक से निधन हो गया है और आनन-फानन में मृतक के शव को मेकाहारा अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए जल्दबाजी करते भी साफ तौर पर देखा गया.
परिजनों ने यह भी बताया कि पहले भी मृतक के साथ जेल कर्मियों द्वारा भीतर भी कई बार मारपीट की घटना हुई है. मृतक मोहम्मद शादाब के शरीर पर चोट के निशान भी साफ दिखाई दे रहे हैं. जिसका वीडियो भी परिजनों द्वारा जारी किया गया है.
मृतक की बहन ने बताया कि हमें अब तक समझ में नहीं आ रहा कि मोहम्मद शादाब की मौत कैसे हुई. क्योंकि उसके शरीर पर बेल्ट, चप्पल और डंडे के निशान दिखाई दे रहे हैं.
एक ओर जहां मनी लॉन्ड्रिंग, शराब घोटाले, महादेव ऐप में जो आरोपी जेल के भीतर बंद हैं उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दी जाती है. जिसकी खबरें लगातार पहले भी प्रकाशित हुई हैं. लेकिन वहीं एक नवजवान युवक को प्रताड़ित कर मारपीट करना. वो भी इतनी बुरी तरह जिससे युवक की मौत हो जाती है. यह सभी बातें निश्चित रुप से जेल प्रशाशन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.
मृतक के परिजनों को जेल प्रशासन द्वारा कोई खबर भी नही दी गई कि मोहम्मद शादाब की मौत हो चुकी है और ना ही किसी जिम्मेदार अधिकारियों से मिलने दिया गया और जेल अधिकारी मुंह छुपाते इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते रहे.
वहीं मृतक के छोटे भाई का कहना है कि यहां जेल में जो मोटी रकम देते हैं. उनका इलाज ही अच्छे स्तर पर किया जाता है और वीआईपी ट्रीटमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है.
जेलर से लेकर सुप्रिटेंडेंट तक वसूली जाती है रकम:
मृतक के छोटे भाई द्वारा पूरे जेल प्रशाशन के सुप्रिटेंडेंट से लेकर जेलर तक यह आरोप भी लगाया गया कि मोटी रकम का लेनदेन भी जेल प्रशाशन के भीतर सुविधाओं के लिए वसूला जाता है. जेल डॉक्टरों पर भी यह आरोप इनके द्वारा लगाया गया कि वो ठीक से बात तक नही करते हैं. दुर्व्यवहार करते हैं. ठीक से इलाज तक नही किया जाता है. और हर मर्ज की दवा के लिए सिर्फ एसिलॉक, पैरासिटामोल की टैबलेट ही डॉक्टरों द्वारा दी जाती है.
परिजनों द्वारा यह मांग की जा रही है कि जो भी इसके दोषी हैं उनपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए और सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर सच्चाई सामने लाई जाए. और जेलर से इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही की मांग भी मृतक के परिजनों द्वारा की जा रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB