एक महीने से फरार 40 हजार का इनामी आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय सरेंडर करने पहुंचा कोर्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार, लाश गाड़कर ऊपर बनाया पानी टंकी
Accused contractor Abhishek Pandey absconding for a month with a reward of Rs 40 thousand reached the court to surrender police arrested him buried the dead body and built a water tank above it
अंबिकापुर : अंबिकापुर जिले में सीतापुर के ग्राम बेलजोरा निवासी संदीप लकड़ा हत्याकांड मामले में फरार मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय को पुलिस ने अंबिकापुर कोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. वह कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था. इसकी खबर जब पुलिस को मिली तो उसने उसे और उसके ड्राइवर राजा पांडेय को गिरफ्तार कर लिया. उसे हत्या के बारे में पूछताछ करने के लिए अपने साथ ले गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक सीतापुर के ग्राम बेलजोरा निवासी राजमिस्त्री संदीप लकड़ा की ग्राम उलकिया स्थित साइट से 7 जून को ठेकेदार अभिषेक पांडेय ने छड़, सीमेंट चोरी का आरोप लगाकर अपने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर अपहरण किया था. फिर उसकी इतनी बेदम पिटाई की गई कि उसकी मौत हो गई थी.
8 जून को उसकी लाश पिकअप में भरकर मैनपाट के ग्राउंड लुरैना बड़वापाठ में पानी टंकी के फाउंडेशन में दफन कर दिया गया था. उसकी लाश सीतापुर पुलिस ने 6 सितंबर को बरामद की थी.
इसके बाद से ही ठेकेदार अभिषेक पांडेय फरार था. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी. लेकिन उसका कहीं भी लोकेशन नहीं मिल पा रहा था. पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
सरेंडर करने पहुंचा था अभिषेक पांडेय
पुलिस के बढ़ते हुए दबाव को देखकर संदीप लकड़ा हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय 14 अक्टूबर की दोपहर अंबिकापुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था. इसकी खबर जब सरगुजा पुलिस को मिली तो एसपी योगेश पटेल के नेतृत्व में सीतापुर पुलिस ने उसे कोर्ट से गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने उसके ड्राइवर राजा पांडे को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस उसे पूछताछ के लिए सीतापुर ले गई है. शव मिलने के 37वें दिन अंबिकापुर कोर्ट में पहुंचा था.
जमकर मचा था बवाल
संदीप लकड़ा हत्याकांड मामले में सब मिलने के बाद जमकर बवाल मचा था. संदीप के परिजनों व सर्व आदिवासी समाज ने सीतापुर थाने का घेराव कर आरोपियों को फांसी देने की मांग की थी.
इस मामले में आईजी अंकित गर्ग ने सीतापुर के तत्कालीन टीआई, विवेचक एसआई और एक आरक्षक को सस्पेंड कर दिया था. वही परिजनों ने 25 लाख का मुआवजा और पत्नी को कलेक्टर दर पर नौकरी मिलने के आश्वासन के बाद संदीप के शव का 21 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया था.
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