पंचायत रजिस्टर में छेड़छाड़ और पन्ने गायब होने का आरोप, गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किया जमकर प्रदर्शन, जांच और कार्रवाई की मांग
Allegations of tampering with the Panchayat register and missing pages have sparked outrage; angry villagers besieged the SDM's office and staged a massive protest, demanding an investigation and action.
तिल्दा-नेवरा : ग्राम अल्दा और देवरी के ग्रामीणों ने गुरुवार को पंचायत रजिस्टर में कथित छेड़छाड़, कूटरचना और रजिस्टर के पन्ने फाड़े जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया. तेज बारिश के बावजूद बड़ी तादाद में महिला-पुरुष ग्रामीण प्रदर्शन में डटे रहे और पुलिस, प्रशासन तथा विधायक के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रमोद वर्मा के नेतृत्व में किया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि अल्दा और देवरी गांव में प्रस्तावित संयंत्रों के विरोध के बावजूद पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की सहमति के बिना एनओसी जारी की गई. ग्रामीणों के मुताबिक अल्दा में करीब सवा साल पहले आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रस्तावित संयंत्र का विरोध किया था. इसके बाद पंचायत रजिस्टर में कथित तौर पर कूटरचना कर एनओसी जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है.
देवरी में रजिस्टर के दो पन्ने गायब होने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि देवरी गांव में भी प्रस्तावित संयंत्र के विरोध में ग्रामीणों द्वारा पंचायत रजिस्टर में किए गए हस्ताक्षरों वाले दो पन्ने कथित रूप से गायब हैं. ग्रामीणों ने इस मामले में सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में तिल्दा थाने के घेराव के दौरान अल्दा मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. वहीं देवरी मामले में भी कुछ दिनों के भीतर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिए जाने का ग्रामीणों ने दावा किया. ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन महीने बीतने के बाद भी देवरी मामले में कार्रवाई नहीं हुई.
नए एसडीएम के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
गुरुवार को ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. प्रदर्शन के बाद नए एसडीएम के निर्देश पर पंचायत रजिस्टर के दो पन्ने फाड़ने के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस की तरफ से अल्दा मामले में भी 10 दिनों के भीतर, गांधी जयंती से पहले कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोनों मामलों में कार्रवाई में फिर देरी हुई तो ग्रामीण चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे.
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पंचायत रजिस्टर में कथित कूटरचना के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही थी. उन्होंने कहा कि देवरी में पंचायत रजिस्टर के दो पन्ने गायब होने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी. प्रदर्शन के दौरान शैलेश नितिन त्रिवेदी जमीन पर बैठकर “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” का भजन गाते रहे.
प्रदर्शन में ओम ठाकुर, प्रमोद वर्मा, तुकाराम चंद्रवंशी, कृष्ण कुमार वर्मा, तेजराम वर्मा, कांग्रेस शहर अध्यक्ष अजितेश शर्मा, कृष्णमूर्ति ठाकुर, नानकराम छाबड़िया सहित बड़ी तादाद में महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे.
नोट: पंचायत रजिस्टर में कूटरचना, एनओसी जारी करने और पन्ने फाड़ने से जुड़े आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं. मामले में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.
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