घास जमीन को 1 करोड़ 15 लाख में बेचने का मामला, डॉक्टर के साथ धोखाधड़ी, सीएसपी और एसएसपी से लगाई इंसाफ की गुहार

Case of selling grass land for Rs 1 crore 15 lakh, cheating with a doctor, appeal for justice made to CSP and SSP

घास जमीन को 1 करोड़ 15 लाख में बेचने का मामला, डॉक्टर के साथ धोखाधड़ी, सीएसपी और एसएसपी से लगाई इंसाफ की गुहार

रायपुर : घास जमीन को 1 करोड़ 15 लाख में बेचने का मामला सामने आया है. इस मामले में पीड़ित डॉक्टर विकास देवांगन ने पुलिस से शिकायत की. मगर कार्रवाई नहीं होने पर अब मामले की शिकायत सीएसपी और एसएसपी से की गई है.
डॉक्टर के मुताबिक धोखाघड़ी पाण्डेय परिवार और दलाल ने किया है. शिकायत पत्र में डॉक्टर ने बताया कि जमीन दलाल ललित जैन और कैलाश प्रधान का मेरे क्लीनिक में आना जाना और उठना बैठना होता था. उस वक्त मैं जमीन / मकान खरीदी करने का इच्छुक था. तभी ललित जैन और कैलाश प्रधान ने एक भूमि / जमीन जो कि वाके मौजा- मकान नंबर 07, काली मंदिर चौक, भाटापारा, देवपुरी, रायपुर, तहसील व जिला रायपुर छ.ग. में स्थित है. को मुन्नी पाण्डेय पति रामनिधि पाण्डेय पता - मकान नंबर 7, काली मंदिर चौक, भाटापारा, देवपुरी, रायपुर छ.ग. के स्वामित्व और आधिपत्य की 27500 वर्गफिट भूमि जिसमें पूरे रकबे पर बाण्डरीवाल किया हुआ और 5000 वर्ग फीट पर मकान निर्मित था. का होना बताते हुए मुझे उपरोक्त भूमि / मकान को दिखाया गया.
मेरे द्वारा उपरोक्त भूमि / मकान को देखने के बाद मैने उसे खरीदने और उसके मालिक से मिलवाने की बात कहा था. तब अप्रेल 2024 में जमीन दलाल ललित जैन और कैलाश प्रधान ने मुझे श्रीमती मुन्नी बाई पाण्डेय से मिलवाया. मुन्नी बाई पाण्डेय ने उपरोक्त उल्लेखित जमीन को खुद के स्वामित्व और आधिपत्य का होना बताते हुए उपरोक्त वर्णित भूमि को मुझसे एक मुश्त रकम 11500000/- अक्षरी एक करोड़ पन्द्रह लाख रुपये में बेचने की बात कहीं. जिस पर मैं सहमत हो गया.
जिसके बाद मेरे और मुन्नी बाई पाण्डेय के बीच एक विक्रय इकरारनामा दो गवाहों के सामने 8 मई 2025 को 50/- रुपये. के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर संपादित व निष्पादित हुआ था. विक्रय इकरारनामा दिनांक को ही मेरे द्वारा मुन्नी बाई पाण्डेय को रकम 400000/- अक्षरी चार लाख रुपये नगद प्रदान किया गया. मुन्नी पाण्डेय को अलग अलग तारीखों में 21 मई 2024 को रकम 700000/- अक्षरी सात लाख रुपये, 6 जून 2024 को रकम 500000/- अक्षरी पांच लाख रुपये,  11 जून 2024 को रकम 20,00,000/- अक्षरी बीस लाख रुपये, 22 जून 2024 को रकम 50,00,000/- अक्षरी पचास लाख रुपये, 5 जुलाई 2024 को रकम 14,00,000/- अक्षरी चौदह लाख रुपये, 13 जुलाई 2024 को रकम 500000 /- अक्षरी पांच लाख रुपये और रकम 10,00,000/- अक्षरी दस लाख रुपये, चेक जो कि बैंक कोटक महिन्द्रा बैंक, रायपुर 10 जुलाई 2024 का है. के जरिए कुल रकम 1,15,00,000/- अक्षरी एक करोड़ पन्द्रह लाख रुपये प्रदान किया गया. जिसकी प्राप्ति की अभिस्वीकृति विक्रय इकरारनामा के पृष्ठ भाग में उल्लेखित है.
जिस पर मुन्नी पाण्डेय और उसके बेटे बलभद्र पाण्डेय और आर्यन पाण्डेय का रकम प्राप्ति के रूप में दस्तखत भी है. इसके अलावा दलाल ललित जैन और कैलाश प्रधान को दलाली के रुप में रकम 200000/- अक्षरी दो लाख रुपये भी प्रदान किया गया है.
रकम 1,15,00,000/- अक्षरी एक करोड़ पन्द्रह लाख रुपये लेने के बाद मुन्नी बाई पाण्डेय के द्वारा एक मलमा बिकीनामा 50/- रू. के नानज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर दो गवाह क्रमशः बलभद पाण्डेय और आर्यन पाण्डेय जो कि मुन्नी बाई पाण्डेय के रिश्ते पुत्र एवं नाती है, के दस्तखत हैं, जो कि उपरोक्त पुरे लेन देन में शामिल रहा है और उनके द्वारा रकम की प्राप्ति की गयी है.
चौकीदार लालसिंह यादव पिता अमरु यादव जो कि शिव चौक, लालपुर, रायपुर छ. ग. में रहता था. जो कि पूर्व परिचित थे. मासिक वेतन 10,000/- रु. में चौकीदार के रुप में नियुक्त किया था. चौकीदार रखने के बाद करीब 20 दिनों के बाद अनावेदक मनोज त्रिवेदी उक्त भूमि / मकान पर आया और उन्होने चौकीदार को मुन्नी पाण्डेय का वारिसान होना बताते हुए उक्त जमीन को उनके पिताजी के स्वामित्व और आधिपत्य का होना बताया.
मुन्नी पाण्डेय टाल-मटोल व हीला हवाला करने लगी. जब कब्जा नहीं दिलाये जाने पर मुन्नी पाण्डेय को प्रदान की गयी रकम की मांग किये जाने पर मुन्नी पाण्डेय ने रकम 14,50,000/- अक्षरी चौदह लाख पचास हजार रुपये छोटे साले योगेन्द्र देवांगन को आनलाईन के जरिए उनके बैंक खाते में प्रदान किया और रकम 14,00,000/- रू. की एक जमीन जो कि कमल विहार, रायपुर छ.ग. में स्थित था. को साले योगेन्द्र देवांगन के नाम पर किया. इस तरह मुन्नी पाण्डेय के द्वारा रकम 28,50,000/- अक्षरी अठाईस लाख पचास हजार रुपये वापस किया. लेकिन बाकी रकम आज दिनांक तक मुझे वापस नहीं की है. हल्का पटवारी से मिलकर उस जमीन को घास होना बताया.
रायपुर टिकरापारा सीएसपी देवांगन ने कहा कि शिकायत मिली है जांच चल रही है. अगर धोखाधड़ी हुआ होगा तो एफआईआर कर कार्रवाई होगी. इस बारे में टीआई टिकरापारा से संपर्क करने की कोशिश की गई उनसे बात नहीं हो पाई.
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