नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी, बेरोजगारों को झांसे में लेकर बनाते थे शिकार, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, इनोवा कार जप्त
Cheating of lakhs in the name of providing jobs used to make unemployed victims by luring them police arrested four accused Innova car seized
बिलासपुर : नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. गिरफ्तार सभी आरोपी बेराजगार युवको को शासकीय विभागों में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की है. आरोपियो से पुलिस ने 13 लाख रुपये नगद, एक इनोवा कार जप्त किया है. इसके अलावा एक बैंक एकाउंट को सीज किया गया है. जिसमें 3 लाख रुपये है.
मिली जानकारी के मुताबिक थाना सिविल लाईन पुलिस को खबर मिली कि कपिल गोस्वामी और उसके साथी बेराजगार लड़को से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी कर रहे है. खबर पर फौरन पुलिस अधीक्षक ने आरोपियो और घटना के बारे में पतासाजी करने के लिए अति. पुलिस अधीक्षक शहर और CSP सिविल लाईन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम के द्वारा पतासाजी किये जाने पर पर पता चला कि 01. गोविन्द चंद्रा पिता जतीराम चंद्रा उम्र 35 साल निवासी भातमाहूल थाना हसौद जिला सक्ती छग, 02. नंद कुमार शांडिल्य पिता दुर्गा प्रसाद शांडिल्य उम्र 28 साल निवासी ध्रुवाकारी थाना पचपेड़ी जिला बिलासपुर छग, 03. नितीश कुमार भारद्वाज पिता देवेन्द्र कुमार भारद्वाज उम्र 34 साल निवासी ध्रुवाकारी थाना पचपेड़ी जिला बिलासपुर छग मिलेे.
जो कि कपिल गोस्वामी और उसके साथी गुरुशंकर दिव्य, ईश्वर चौहान को करीब 22 लाख रुपये अलग-अलग क़िस्त में देना बताया. रिपेार्ट के आधार पर धोखाधड़ी, कूटरचना एवं संगठित अपराध की धाराओं में कुल 4 मामले दर्ज किये गये.
इसी दौरान आरोपियो की गिरफ्तारी के लिए रेड कार्यवाही की गई. आरोपी कपिल गोस्वामी और गुरुशंकर दिव्य, पुरुषोत्तम तिवारी और राजेन्द्र पलांगे अपने निवास पर मिले. जिनको अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई. आरापियो के पास से प्रार्थीयो के नाम से बने फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी सेवा पुस्तिका, अलग-अलग सरकारी विभागो की सील मुहर और जेल प्रहरी की वर्दी जप्त कर आरोपियो से विस्तृत पूछताछ की जा रही है.
मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी अपने साथी सरपंच प्रतिनिधी ईश्वर चौहान और कथित पत्रकार गुरु दिव्यशंकर, राजेश पलांगे के साथ मिलकर सरकारी नौकरी की तलाश करने वाले बेरोजगार युवको की पहचान करते थे. फिर उन्हें सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देते थे.
सरपंच प्रतिनिधी ईश्वर चैहान, कथित पत्रकार गुरू दिव्यशंकर, राजेश पलांगे और अन्य साथी बेरोजगार युवको को इस बात का भरोसा दिलाते थे कि कपिल गोस्वामी का संपर्क सभी सरकारी विभागो में है. कपिल गोस्वामी महंगी गाड़ी इनोवा में ड्रायवर और बाॅडीगार्ड के साथ घूमता था.
जब बेरोजगार युवक इनके झांसे में आ जाते तब कपिल गोस्वामी के साथियो के द्वारा अलग-अलग सरकारी विभागो में नौकरी की रकम बतायी जाती थी. बेरोजगार युवक अपने घर के रिश्तेदारो, परिजनो से उधार रकम लेकर, घर के जेवर गिरवी रखकर नौकरी की चाहत में पैसा इकठ्ठा कर कपिल गोस्वामी देते थे.
रकम मिलने के बाद युवको को फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर डाॅक्यूमेंट वेरीफिकेशन के नाम पर उनके ओरिजनल डाॅक्यूमेंट ले लेते थे और वेरीफिकेशन के बाद नियुक्ति पत्र दिये जाने का आश्वासन देते थे. कपिल गोस्वामी पहले भी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में जेल जा चुका है. शातिर किस्म का ठग है.
आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरेापियो ने जांजगीर चाम्पा, बिलासपुर, सक्ती, रायपुर, बलौदा बाजार जिले के लगभग 25-30 युवको से धोखाधड़ी करना कबूल किया है. ऐसे लोगों से पुलिस द्वारा संपर्क किया जा रहा है.
गिरफ्तार आरोपी :-
01 कपिल गोस्वामी उर्फ कपिलेश्वर, निवासी-अकलतरा, ज़िला- जांजगीर-चांपा
02. कथित पत्रकार -गुरुशंकर दिव्य
03. राजेंद्र पलाँगे, निवासी-जैजेपुर जिला सक्ती
04. पुरुषोत्तम तिवारी, निवासी-उस्लापुर जिला-बिलासपुर
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