सवालों के घेरे में छग पुलिस, आरोपियों का सिर मुंडवाने पर पुलिस की कार्यवाही पर सवाल, दोष साबित हुए बिना सार्वजनिक अपमान पर मचा बवाल

Chhattisgarh police under fire, questions raised on police action on shaving off the heads of the accused, uproar over public humiliation without proving guilt

सवालों के घेरे में छग पुलिस, आरोपियों का सिर मुंडवाने पर पुलिस की कार्यवाही पर सवाल, दोष साबित हुए बिना सार्वजनिक अपमान पर मचा बवाल

कबीरधाम : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में भोरमदेव महोत्सव के दौरान हुए उपद्रव को लेकर कबीरधाम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और आरोपियों का लेकआधा सिर मुंडवाकर वीडियो जारी कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं  कि किस कानून के तहत आरोपियों को अपमानजनक दंड दिया गया. आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया. लेकिन इस धारा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सर मुंडवाने का कोई प्रावधान भी नही है. ऐसे मे दोष साबित हुए बिना सार्वजनिक अपमान करने का अधिकार पुलिस को किसने दिया? सवाल यह भी है की यदि कोर्ट ने इन्हे रिहा कर दिया तो इस अपमान का जबाब कौन देगा?
कानून का साफ प्रावधान है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर सबूतों के आधार पर इंसाफ होना चाहिए. लेकिन कबीरधाम पुलिस का “न्याय से पहले सजा” देने का तरीका कानून के दायरे से बाहर जाता है. यह पहली बार नहीं है जब कबीरधाम पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं. इससे पहले लोहारीडीह घटना के बाद जेल में एक आरोपी की मौत पर भी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे.
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