जमीन की बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में आज कांग्रेस का प्रदर्शन, हाफिज खान- दरें आम आदमी को परेशान करने वाली, सीएम का पुतला दहन!
Congress protest today against the exorbitant increase in land prices, Hafiz Khan- rates are troubling the common man, effigy of CM burnt!
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने राज्य भर में बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रही है. पार्टी का कहना है कि नई दरों से आम लोगों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ा है. इसलिए इसे फौरन वापस लिया जाना चाहिए. इसी मुद्दे को लेकर आज गरियाबंद में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का पुतला दहन का प्रयास किया.
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जमीन रजिस्ट्री में बढ़ाए गए भाव के विरोध स्वरुप शनिवार के दोपहर को तिरंगा चौक में पुतला दहन किया गया. मालुम हो कि जमीन रजिस्ट्री में बढ़े भाव के चलते वर्तमान समय में गरीब और मध्यमर्गी लोगो को काफी परेशानी हो रही है. इस समस्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश में कांग्रेस पार्टी के सदस्यों द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन का असफल प्रयास किया गया.
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के मुताबिक कांग्रेस सदस्यों ने जिला कांग्रेस भवन से पैदल मार्च करते हुए पुतला लिए तिरंगा चौक पहुंचे. लेकिन तिरंगा चौक में तैनात पुलिस जवानों के प्रयास से पुतला दहन कामयाब नहीं हो पाया.
इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष हाफिज खान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा गाईडलाईन की दरों में 10 से 100 प्रतिशत बढ़ोतरी अनुचित है. इस अदूरदर्शी फैसले से बेरोजगारी बढ़ेगी. आर्थिक मंदी आएगी. भाजपा की सरकार आने के बाद जमीन की सरकारी दर 40 से 500 प्रतिशत बढ़ गई. वही जमीनों के गाईड लाइन दर बढ़ाने का कांग्रेस विरोध करती है.
हाफिज खान ने कहा कि सरकार ने भूमि की गाइडलाइन दरों को इतनी तेजी से और इतनी ज्यादा बढ़ा दिया है कि आम खरीदार के लिए घर या जमीन लेना बेहद मुश्किल हो गया है. नई दरें जनता की जेब पर सीधा भारी असर डालती हैं. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर सबसे ज्यादा बोझ बढ़ा है.
नई गाइडलाइन दरों की तुलना में कितना बोझ बढ़ा इस बात को उन्होंने आंकड़ों से समझाया कि जमीन की रजिस्ट्री के लिए लोगों को अब पहले की तुलना में कितनी ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है.
क्रमांक क्षेत्रफल पहले रजिस्ट्री शुल्क अब रजिस्ट्री शुल्क
1 100 वर्गफीट ₹52,500 ₹5,25,000
2 1200 वर्गफीट ₹63,000 ₹6,30,000
3 1500 वर्गफीट ₹78,500 ₹7,85,000
4 2000 वर्गफीट ₹1,05,000 ₹10,50,000
5 2500 वर्गफीट ₹1,21,000 ₹12,10,000
इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि रजिस्ट्री शुल्क कई जगह पांच गुना तक बढ़ गया है. मिसाल के तौर पर अगर किसी क्षेत्र की सरकारी गाइडलाइन दर पहले ₹1000 प्रति वर्गफीट थी. तो 1000 वर्गफीट का प्लॉट लेने पर टैक्स तकरीबन ₹1,05,000 लगता था. नई दरों में गाइडलाइन को बढ़ाकर ₹5000 प्रति वर्गफीट कर दिया गया है. जिससे अब उसी प्लॉट पर टैक्स बढ़कर ₹5,25,000 हो गया है. यानी बोझ सीधा 5 गुना बढ़ गया.
हाफिज कण ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले बाजार की असमानता को संतुलित करने के लिए गाइडलाइन दरों में 30% छूट दी थी. लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद डेढ़ साल पहले यह 30% छूट खत्म कर दी गई. लेकिन पंजीयन शुल्क में कोई कमी नहीं की गई. नई गाइडलाइन जारी होने पर जमीनों के मूल्य और टैक्स दोनों बढ़ गए. और इसका सीधा असर खरीदारों पर पड़ रहा है. कांग्रेस का कहना है कि इससे जमीन खरीदना आम आदमी के लिए अब लगभग असंभव बन गया है.
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कांग्रेस सरकार ने 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री शुरु कर तथा गाईडलाईन की दर में 30 प्रतिशत छूट कर प्रदेश में रियल स्टेट सेक्टर में प्राण फूंका था. यही कारण था कि कोरोना के समय भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत थी. वर्तमान सरकार के फैसले से बेरोजगारी बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था तबाह होगी। रियल स्टेट में गिरावट आएगी.
सरकार का आर्थिक प्रबंधन फेल हो गया है. सरकार के पास अपनी योजनाओं को चलाने के लिए पैसा नहीं है. इसीलिए सरकार विभिन्न मदों में टैक्स बढ़ाकर जनता पर बोझ थोप रही है. इसीलिए जमीन के गाईड लाईन के रेट बढ़ाये गए और बिजली के दाम बढ़ाये गए. बिजली बिल में 400 यूनिट छूट को खत्म किया गया. अब जमीनों की रजिस्ट्री महंगी की जा रही है.
इन समस्याओं को लेकर पुतला दहन का कार्यक्रमरखा गया था. जिसमें ओमकार ठाकुर, मो हाफिज खान, सन्नी मेमन, अमित मीरि, ललिता यादव, भूपेंद्र मांझी, अमृत पटेल, अवध राम यादव, भानु प्रताप सिंहा, घनश्याम ओगर, भूपेंद्र साहू, सविता गिरी, प्रतिभा पटेल, ममता फुलझले के साथ कई कार्यकर्ता शामिल रहे.
पुलिस को चकमा देकर कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया
बिलासपुर : कांग्रेस नेताओं ने नेहरू चौक में पुलिस को चकमा देकर मुख्यमंत्री का पुतला जलाया. कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष शहर सुधांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने नियुक्ति के दूसरे ही दिन राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का आगाज कर दिया है.
कांग्रेस भवन से कांग्रेसी पुतला लेकर निकले तो वहां पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद थे. नेहरु चौक के पहले ही कांग्रेस नेताओं ने चकमा देते हुए साथ में लेकर चल रहे पुतले को जला दिया. पुलिस वाले पुतला को बचाने दौड़ पड़े तो कांग्रेसी दूसरे रस्ते से एक और पुतला ले आए और उसे भी जला दिया.
पुलिस को पुतला बुझाने मौका ही नहीं मिला. शहर के सभी थाना प्रभारियों की नेहरू चौक मे ड्यूटी लगाई गई थी. इस मौके पर निवृतमान अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय और समीर अहमद बबला समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.
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