कल 12 दिसंबर से कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर छाएंगे संकट के बादल!, अब कैसे बनेगी बात?
Employees announced strike from tomorrow 12th December, clouds of crisis will prevail over paddy procurement in Chhattisgarh!, how will things be resolved now?
रायपुर : छत्तीसगढ़ में 12 दिसंबर से प्रदेश के 33 जिले के सभी धान खरीदी केंद्र के 2 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपनी 3 सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल में जाने की तैयारी में है.
01. धान खरीदी कम्प्यूटरीकरण वर्ष 2007 से डॉटा एन्ट्री आपरेटर विगत कार्यरत हैं. समर्थन मूल्य धान खरीदी के तहत धान उपार्जन केन्द्रो डॉटा एन्ट्री आपरेटर को खाद्य विभाग में संविलियन किया जाए, 02. नवीन वित्त निर्देश 22/2023 के मुताबिक संविदा वेतनमान में 27 प्रि का लाभ प्रदान कर 23350/- रुपये मासिक संविदा वेतनमान अगस्त प्रदान किया जाए, 03. धान खरीदी नीति खरीफ विपणन वर्ष 2024-2025 की कंडिका-11.3.- खरीफ वर्ष 2025-2026 में समितियों में डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की व्यव राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा ऑउट सोर्सिग से नियोजित करने के माह अप्रैल 2025 में कार्यवाही की जावें) को विलोपित किया जाए.
संघ का कहना है कि जब तक इनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक हम यहां डटे रहेंगे. ऐसे में धान खरीदी को लेकर संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं. इन मांगों के पूरा न होने पर समिति के कर्मचारियों ने प्रदर्शन को और उग्र करने की चेतावनी दी है.
खाद्य विभाग में संविलियन, वेतनमान में 27% वृद्धि, काम की गारंटी आदि मांगों को लेकर वे 12 दिसंबर से हड़ताल पर रहेंगे. अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश भर में धान खरीदी पूरी तरह से बंद हो सकती है. क्योंकि शासन ने धान खरीदी को ऑनलाइन कर दिया है. आधे से ज्यादा काम कंप्यूटर ऑपरेटर ही करते हैं. धान बेचने जिन किसानों को मोबाइल चलाना नहीं आता. वे आपरेटर की मदद से टोकन लेते हैं. केंद्र में ऑपरेटर ही नहीं रहेंगे तो किसानों को टोकन के लिए भटकना पड़ेगा.
अगर किसान मोबाइल से दूसरों की मदद से टोकन ले भी लेते हैं तो जब वे धान लेकर बेचने उपार्जन केंद्र जाएंगे तो उनका बायोमैट्रिक नहीं हो पाएगा. सिर्फ खरीदी ही नहीं बल्कि धान का उठाव भी इनके हड़ताल से प्रभावित होगा. क्योंकि आवक-जावक उठाव जीपीएस सिस्टम से होता है और कंप्यूटर से ही गेट पास बनाया जाता है.
छग समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे ने बताया कि कल 12 दिसंबर गुरुवार से पूरे प्रदेश में धान खरीदी बंद रहेगी. जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती. हड़ताल पर रहेंगे.
मोहरे ने बताया मंगलवार को लेकर सचिव, खाद्य विभाग मंत्रालय नवा रायपुर सचिव, सहकारिता विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर, पंजीयक एवं आयुक्त, सहकारी संस्थाएँ, नवा रायपुर,प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड),प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक), संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएँ संभाग रायपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर,सभी को एक ज्ञापन सौंपा है.
इस ज्ञापन के जरिए प्रशासन को सूचना दी है कि वे 12 दिसंबर से काम बंद कर हड़ताल पर जाने वाले हैं.
प्रमुख मांग
1.धान खरीदी नीति में अप्रैल 2025 में आउटसोर्सिंग की कार्यवाही करने शासन का आदेश.
2.ऑपरेटर का विभाग तय नही किया गया है.
3.नवीन वित्त निर्देश के अनुसार वेतन वृद्धि नही हुआ.
4.समय में वेतन नही मिलता पुनः 24-25 का ये पांचवा माह रनिंग चल रहा है वेतन नही आया है.
5.अगस्त 23 के छूटे वेतन के बारे में शासन कोई जवाब नही दे रहे हैं.
6 जो पिछला 7 महीने का वेतन कैबिनेट बैठक से जारी हुआ उसमे भी बहुत जिले में वेतन कटोती किया गया.
7.पिछले हड़ताल के 37 दिन को कार्य अवधि मानने के लिए कोई आदेश शासन द्वारा जारी नही किया गया.
8.साथ ही ज्यादातर जिले के ऑपरेटर का नियम के खिलाफ ट्रांसफर कर दिया गया है.
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किसानों को अब तो बारदाने भी नहीं मिल रहे -अरविंद शुक्ला
राज्य सरकार के किसान विरोधी रवैया के खिलाफ पूरे प्रदेश में कांग्रेस का सभी ब्लॉकों में धरना आंदोलन किया जा रहा है. ब्लॉक कांग्रेस कमेटी 02 के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में द्वारा हटरी चौक में धरना दिया.
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा है कि साय साय की सरकार ने किसानों को धोखा दिया है. किसानों को टोकन नहीं मिल रहा है. 1000 हजार से ज्यादा किसान रोज कलेक्टर के चक्कर लगा रहे हैं.
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों से पूरा धान खरीदा और भुगतान भी किया अब तो बारदाना नहीं मिल रहा है. पूरे प्रदेश में किसान परेशान हैं. बी प्रमाणित किसानों का सरकार धान नहीं खरीद रही है. प्रदेश के 10000 किसान बीज वाले धान को बेचने के लिए परेशान हैं.
महापौर रामशरण यादव,पूर्व महापौर राजेश पांडेय, महेश दुबे, नरेंद्र बोलर, शिवा मिश्रा, आशीष गोयल, शैलेन्द्र जयसवाल, बंटी गुप्ता, राहुल सिंह और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सीमा धितेश, पिंकी बत्रा, प्रियंका यादव समेत कांग्रेस जनों ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीद रही है. पूरा पैसा भी नहीं दे रही है. किसान परेशान हैं. बारदाना भी नहीं मिल रहा है. इससे अच्छा तो कांग्रेस शासन काल में 5 साल तक किसान खुश थे. उनका पूरा धन भूपेश सरकार ने खरीदा और उन्हें सरकार की पूरी योजनाओं का फायदा मिला. धान खरीदी की जो घोषणा की पूरी राशि कांग्रेस शासन काल में किसानों को दी गई थी. लेकिन डबल इंजन की सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है.
धरना आंदोलन में प्रमुख रूप से शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, महापौर रामशरण यादव, पूर्व महापौर राजेश पांडेय, महेश दुबे, नरेंद्र बोलर, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सीमा धितेश, पिंकी बत्रा ,पार्षद स्वर्णा शुक्ला, गुलनाज खान, पूर्व पार्षद ताज्जुमल हक ताज, पूर्व पार्षद जुगल गोयल, पार्षद प्रियंका यादव, रामदुलारे रजक, शेखर मुदलियार, शिव शंकर कश्यप,आदेश पांडेय, पूर्व पार्षद शैलेंद्र जायसवाल, पूर्व एल्डरमैन बंटी गुप्ता, रिंकू छाबड़ा, काजू महाराज, वैभव शुक्ला, लल्ला सोनी, राहुल सिंह, राजीव साव, चंद्रकांत केसरवानी, कमल गुप्ता, गौरव एरी, उमेश वर्मा, करम गोरख, विक्की आहूजा के अलावा काफी तादाद में कांग्रेस जन मौजूद थे.
सभा के बाद शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद शुक्ला राजेश पांडेय, महेश दुबे ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा.
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