ट्रैफिक जाम से जूझ रहा गरियाबंद, परेशान व्यापारियों ने सांसद से किया मुख्यालय से 2 किमी पहले बायपास मोड़ने की मांग
Gariaband is facing traffic jam, troubled traders asked the MP to divert the bypass 2 km before the headquarters
गरियाबंद : गरियाबंद की संकरी सड़कों और ट्रैफिक जाम से आमजन परेशान हैं. अब गरियाबंद व्यापारी संघ ने इसके लिए मोर्चा खोलते हुए सांसद से मांग रखी है कि बायपास रोड को जिला मुख्यालय से 2 किलोमीटर पहले मोड़ दिया जाए. जिससे बड़े वाहनों का प्रवेश रोका जा सके और शहर को राहत मिले.
गरियाबंद जिला मुख्यालय की संकरी गलियों और तंग सड़कों पर हर दिन जाम की हालत बनी रहती है. भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, शोर और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है. यही वजह है कि अब जनरल व्यापारी कल्याण संघ गरियाबंद ने सरकार से मांग किया कि तिरंगा चौक से कोमाखान तक बनने वाली बायपास रोड को शहर से 2 किलोमीटर पहले ही मोड़ दिया जाए. ताकि बड़े वाहन मुख्यालय में प्रवेश न कर पाएं.
व्यापारी संघ का कहना है कि मौजूदा हालात में न तो आम लोग आराम से चल पा रहे हैं और न ही व्यापारी सुचारु रुप से कारोबार कर पा रहे हैं. हालत यह है कि जाम में फंसी एंबुलेंस तक समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रही है. मुख्यालय में एक भी बायपास नहीं होने के चलते कई बार बड़ा जाम लग जाता है.
व्यापारी संघ का मानना है कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में हालत और ज्यादा भयावह हो जाएगी. आबादी और वाहनों की तादाद लगातार बढ़ रही है. बिना बायपास के आने वाले दिनों में हर गली-कूचे में ट्रक और ट्रैक्टर फंसने की नौबत आ सकती है. सड़क हादसों और स्वास्थ्य संबंधी खतरों (धूल व प्रदूषण से) का खतरा दोगुना बढ़ सकता है.
फिलहाल नगरवासी और व्यापारी दोनों ही जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. बायपास की मांग को लेकर अब लोगों में चर्चा तेज हो गई है. सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देती है.
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