महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा देश के गौरव -श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, आदिवासी एकता और संघर्ष पर बल की दी प्रेरणा -महेश स्वर्ण

Great revolutionary Birsa Munda was the pride of the country Mrs Lokeshwari Netam inspired by emphasizing on tribal unity and struggle Mahesh Swarn

महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा देश के गौरव -श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, आदिवासी एकता और संघर्ष पर बल की दी प्रेरणा -महेश स्वर्ण

महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा देश के गौरव -श्रीमती लोकेश्वरी नेताम

गरियाबंद : तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर में शुक्रवार को महान क्रांतिकारी बिरसामुंडा की जयंती आदिवासी समाज द्वारा मनाई गई. जिडार चौक में आदिवासी समाज के लोग बडी तादाद में दोपहर 12 बजे उपस्थित हुए और बिरसामुंडा की छायाचित्र की पुजा अर्चना कर उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया. इस दौरान एक तीर एक कमान, सारे आदिवासी एक समान, बिरसामुंडा अमर रहे जैसे गगनभेदी जयकारे लगाये गए.
आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत गरियाबंद सभापति श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने बिरसामुंडा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महान क्रांतिकारी बिरसामुंडा सिर्फ जनजाति समाज की ही नही बल्कि पुरे देश के लिए गौरव थे. उन्होंने अपने धर्म संस्कृति, जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकुमत से लडते हुए अल्प आयु में ही अपना प्राण न्यौछावर कर दिया आज हम सब बिरसामुंडा के बताये रास्तों पर चलने की जरुरत है.
इस दौरान अखिल भारतीय विकास परिषद के संयोजक महेन्द्र नेताम ने कहा कि बिरसामुंडा की जयंती के अवसर पर आज हम सब को यह संकल्प लेना है. अपने समाज के अधिकारों के लिए हमेशा सजग रहना है.
उन्होंने कहा कि देश की आजादी में और आजादी के बाद देश के विकास की यात्रा में जनजाति आदिवासी समाज का काफी महत्वपूर्ण योगदान है. इस मौके पर प्रमुख रुप से जिला पंचायत सभापति लोकेश्वरी नेताम,आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, धनसिंह नेगी, हरचंद नेताम, प्रताप मरकाम, गुंजेश कपिल, निहाल नेताम, गगन नेगी, लोकेश नेगी, झरना मरकाम, पिंटू मरकाम, खिलेश्वरी परस, थन्जू लता नेताम, कुमेश्वरी ओटी, सरद नेगी, सेवा मरकाम, देवचरण मरकाम, बैतरीन मरकाम, डोमार ओटू, अरविन्द नेताम, विजय नागेश, ताराचंद नेगी, महेश्वर नेगी, वेदप्रकाश नागेश, भुनेश्वर नागेश, रोहण मरकाम, पदमन नेताम, गौरसिंह नागेश, धनसिंह नेताम, यमराज ओटी, डाकेश्वर नेगी, परमेश्वर मरकाम, चन्द्रसेन नेताम, श्रवण दिवान, सुभाष मरकाम, रमणीयकांत, गौकरण नागेश, सुकचंद विश्वकर्मा, गौरसिंह नागेश, शिवचरण, कामेश्वरी नागेश, वेदप्रकाश नेगी, चिमन मरकाम, अशोक दुबे, हरिमाली, निरंजन एवं बड़ी तादाद में आदिवासी सामज के लोग मौजूद थे.
महान क्रांतिकारी बिरसामुंडा के जयंती के अवसर पर आदिवासी नेत्री एवं जिला पंचायत सभापति श्रीमती लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में जंगी रैली निकाल जमकर नारेबाजी किया गया. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद द्वारा एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौपा गया. जिसमें आदिवासियों के उपर हो रहे अत्याचार शोषण को बंद करने के साथ ही चार सूत्रिय मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया.
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आदिवासी एकता और संघर्ष पर बल की दी प्रेरणा -महेश स्वर्ण

दंतेवाड़ा : भगवान बिरसा मुंडा जिन्हें "धरती आबा" के नाम से जाना जाता है. की जयंती के मौके पर एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर महेश स्वर्ण, एबोरिजिनल ट्राइब्स के अध्यक्ष ने सर्व समाज के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में भगवान बिरसा मुंडा के आदिवासी समुदाय के लिए किए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए अपने विचार प्रकट किया.
महेश स्वर्ण ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन को आदिवासी समुदाय के अधिकारों और उनकी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने हमेशा आदिवासी समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी.
उन्होंने वर्तमान में आदिवासी समुदाय के सामने आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के समय में, भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने और उनके दिखाए गए रास्ते पर चलने की जरुरत है. आदिवासी समाज को अपने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा. बिरसा मुंडा ने सिखाया कि जब हमारे हक छीन जाते हैं तब हमें एकजुट होकर अपने हक के लिए संघर्ष करना चाहिए. उनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती हैं कि अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए कोई भी बलिदान बड़ा नहीं होता. आज जब हम बिरसा मुंडा को याद कर रहे हैं तो हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन शैली में अपनाने की जरुरत है .उनका संघर्ष केवल उसी समय के लिए नहीं था बल्कि यह हमारे समाज के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच थी.
महेश स्वर्ण ने इस अवसर पर सभी आदिवासी और गैर-आदिवासी समाज के लोगों से अपील की कि वे भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, एकता और अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करें. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग, गणमान्य व्यक्ति, और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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