नाबालिग लड़की से 5 दोस्तों ने किया गैंगरेप, घुमाने के बहाने जंगल ले गया परिचित, भाजपा कार्यकर्त्ता समेत पांच दोस्त गिरफ्तार, माहौल तनावपूर्ण
In Chhattisgarh, a young man sexually assaulted a minor girl. Following a complaint, police arrested five accused, including a minor.
बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां पीड़िता के पूर्व परिचित एक युवक ने उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया। वहीं घटनास्थल पर मौजूद उसके चार अन्य साथियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. इस मामले में पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है. यह मामला भैरमगढ़ नगर थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक 11 अप्रैल 2026 की रात भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पीड़िता का पहले से परिचित था. जिसने उसे बहला फुसलाकर अपने साथ सुनसान जगह पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया. इस मामले की जांच के दौरान चार अन्य युवकों की संलिप्तता भी सामने आई. जिसके बाद पुलिस ने सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.
साथ ही आरोपियों के खिलाफ भैरमगढ़ थाना में BNS एवं पॉक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया. पुलिस जल्द ही चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर और नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश करेगी. वहीं पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. मामले में एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा. इनमें से नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
अंकित परबुलिया
लक्ष्मीनाथ लेकाम
सुनील परबुलिया
जातवेद मोड़ियाम
एक नाबालिग आरोपी
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नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. आरोप है कि भाजपा से जुड़े एक युवा कार्यकर्ता अंकित परबुलिया और उसके चार साथियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर माहौल तनावपूर्ण और संवेदनशील बना हुआ है.
इस मामले को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे गंभीर और जघन्य अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह समाज के लिए बेहद चिंता का विषय है और इससे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना को बढ़ाती हैं और विशेषकर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर गंभीर ध्यान देने की जरुरत है.
सीपीआई की तरफ से यह भी कहा गया कि बस्तर क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता और मजबूत व्यवस्था की जरुरत है. पार्टी नेताओं का कहना है कि आदिवासी इलाकों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव के बीच महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून व्यवस्था को मजबूत किए बिना इस तरह की घटनाओं को रोकना संभव नहीं है.
कमलेश झाड़ी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को इस तरह के मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए कि अपराधियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि न्याय प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है. ताकि पीड़िता और उसके परिवार को समय पर राहत मिल सके और उनका भरोसा व्यवस्था पर बना रहे.
सीपीआई जिला कमेटी ने इस मामले में सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है. पार्टी का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि निष्पक्ष जांच और तेज न्यायिक प्रक्रिया भी जरूरी है. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. पार्टी ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं और इसके लिए व्यापक स्तर पर सुधार की जरुरत है.
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में चर्चा और चिंता का माहौल है. कई सामाजिक संगठनों ने भी इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाने की बात कही है. वहीं प्रशासन की तरफ से मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है और कहा गया है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाबदेही की मांग की है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
पूरा मामला अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों ने कहा कि पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस को जन्म दिया है. सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों दोनों की तरफ से मांग उठ रही है कि ऐसी घटनाओं पर फौरन और कठोर कार्रवाई हो ताकि समाज में सुरक्षा और भरोसा कायम रह सके.
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