गरियाबंद जिले में फिर आश्रम प्रबंधन की लापरवाही, 15 फीट ऊंचाई से गिरकर कक्षा दूसरी का छात्र घायल, हालत नाजुक, रायपुर रेफर, मचा हड़कंप
In Gariaband district, the ashram management was negligent again; a Class 2 student fell from a height of 15 feet and was injured. His condition was critical and he was referred to Raipur, causing a stir.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले की आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. आदिवासी आश्रम में पढ़ाई करने वाले कक्षा दुसरी के एक छात्र बबलू उम्र करीब 8 साल खेलकूद करते समय आश्रम की सीधी से गिर गया जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया. घायल छात्र को मैनपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां से उन्हें जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया और उसकी नाजुक हालत को देखते हुए रायपुर के अस्पताल में रेफर किया गया. अभी छात्र की तबीयत पहले से ठीक बताई जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक तहसील मुख्यालय मैनपुर से 8 किलोमीटर दूर आदिवासी बालक आश्रम बेहाराडीह झरियाबहरा में कक्षा दूसरी के छात्र कल शुक्रवार को शाम 5 बजे के आसपास आश्रम के छत और सामने लगे सिढी के पास खेलकूद कर रहे थे. खेलकूद करते समय सीढी से पैर फिसलने की वजह से छात्र करीब 10 फीट ऊंचाई से नीचे जमीन पर गिर गया. जिससे छात्र आंख और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोट लग गई.
छात्र सीढ़ी से गिरने के बाद बेहोश हो गया जिसे मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर कर दिया. गरियाबंद अस्पताल में भी उनका इलाज के बाद नाजुक हालत को देखते हुए रायपुर में मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया. जहां छात्र की इलाज किया जा रहा है और आज दूसरे दिन छात्र की सेहत में सुधार बताया जा रहा है.
बालक आश्रम बेहाराडीह झरियाबहरा के छात्र के घायल होने की जानकारी मिलते ही आदिवासी विकास सहायक आयुक्त गरियाबंद लोकेश्वर पटेल फौरन रायपुर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को बच्चों का बेहतर इलाज करने को कहा है. साथ ही क्षेत्र के जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव रायपुर पहुंचकर घायल छात्र और उनके परिजनों से मुलाकात की. और इलाज में पूरी तरह सहयोग करने की बात कही है।
मैनपुर क्षेत्र के बड़े गोबरा आदिवासी बालक आश्रम का मामला अभी थमा भी नहीं है और एक बार फिर दूसरे आदिवासी आश्रम में आश्रम प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार बेहराडीह झरियाबहरा आश्रम परिसर के भीतर लोहे का सीढी 10 से 12 फीट ऊंचा छत के ऊपर गया है और यहां खुला लोहे का सीढ़ी है। इस सिढी को पूर्व में हटाने का निर्देश गरियाबंद के तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी ने दिया था लेकिन इस ओर आश्रम प्रबंधन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। ज्ञात हो कि गरियाबंद के तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती नम्रता गांधी एवं जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव ने इस आश्रम का निरीक्षण किया था और आश्रम के बीचों-बीच छत में जाने वाले लोहे की सीढ़ी को देखकर जमकर नाराजगी जताई थी.
तत्काल सीढ़ी को हटाने आश्रम प्रबंधन को निर्देश दिया था तब आश्रम प्रबंधन द्वारा 2 दिन के भीतर सीढ़ी हटाने की बात कही गई थी लेकिन कई साल बाद भी अब तक सीढ़ी को नहीं हटाया गया। वहीं दूसरी ओर छात्रों के देखरेख के लिए आश्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी चपरासी नियुक्त किया गया है. आश्रम अधीक्षक भी नियुक्त किया गया है बावजूद इसके एक छात्र के सीढ़ी से गिरने कर घायल होना कहीं ना कहीं आश्रम प्रबंधन की लापरवाही को बताने के लिए काफी है. अगर समय रहते तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर इस सिढी को हटा दिया जाता तो आज यह हादसा नहीं होता और छात्र घायल नहीं होता.
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