प्रोफेसर पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने दो थाना प्रभारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के दिया आदेश, आरोपी की पत्नी को 15 घंटे थाने में बैठाया

In the case of fatal attack on a professor, the court ordered to register an FIR against two police station in-charges, made the accused's wife sit in the police station for 15 hours.

प्रोफेसर पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने दो थाना प्रभारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के दिया आदेश, आरोपी की पत्नी को 15 घंटे थाने में बैठाया

दुर्ग : भिलाई में प्रोफेसर विनोद शर्मा पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने भिलाई-3 के TI महेश ध्रुव और महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिया है. यह फैसला प्रोबीर शर्मा की पत्नी डॉ. पूर्णिमा शर्मा की शिकायत पर सुनाया गया. जिन्हें पुलिस ने बिना वजह गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ की थी.
छत्तीसगढ़ के भिलाई में प्रोफेसर विनोद शर्मा पर जानलेवा हमले के मामले में एक बड़ा फैसला आया है. इस मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि 1 आरोपी अभी भी फरार है.
इस मामले के मुख्य आरोपी प्रोबीर शर्मा को पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था. और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शर्मा से 15 घंटे पूछताछ की गई थी. डॉ. पूर्णिमा शर्मा को बिना वजह भिलाई लाकर 15 घंटे गिरफ्तार करने की शिकायत मिलने के बाद कोर्ट ने एक कड़ा फैसला सुनाया है.
कोर्ट ने भिलाई-3 के थाना प्रभारी महेश ध्रुव और महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने आईजी दुर्ग रेंज को एफआईआर दर्ज करने और कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिया है. दोनों थाना प्रभारियों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच के भी आदेश दिया गया है. वहीं भिलाई नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को भी फटकार लगाई.
यह फैसला डॉ. पूर्णिमा शर्मा की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनाया गया है. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें बिना वजह गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ की थी. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं. और कोर्ट का यह फैसला पुलिस की कार्रवाई की जांच के लिए एक अहम कदम है.
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गौरतलब हो कि भिलाई नगर थाने के निरीक्षक प्रशात मिश्रा ने डॉ. पूर्णिमा शर्मा को हिरासत में लेकर प्राइवेट वाहन में बैठाकर 20-21 घंटे तक बिना महिला अधिकारी के सड़क मार्ग से लाया था. इस दौरान कोई भी महिला आरक्षक नहीं थी. आंध्र प्रदेश से कोटा छत्तीसगढ़ होते हुए भिलाई महिला थाना लेकर आए. उसके पति प्रोबीर शर्मा को पुरानी भिलाई थाना न ले जाकर पुलगांव थाना ले गए. आरोपी की पत्नी डॉ. पूर्णिमा ने अवैध हिरासत को कोर्ट में चुनौती दी.
अदालत को बताया कि पुलिस उसे अदालत में या थाना लेकर जाने की बात कही थी. लेकिन निरीक्षक प्रशात मिश्रा ने कह दिया था कि ज्यादा कानून की बात न कीजिए ऊपर से आदेश है. सीधे भिलाई लेकर जाना है. पूर्णिमा शर्मा को घर भी नहीं जाने दिया.
पूर्णिमा ने बताया कि थाने में रोककर रखने की वजह पूछने पर महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक ने बताया कि भिलाई नगर और पुरानी भिलाई थाने के निरीक्षक के कहने पर रोका गया है. क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश है. डॉ. पूर्णिमा के 2 मोबाइल भी महिला थाना प्रभारी ने अपने पास रख लिया था. करीब 15 घंटे बाद उसे छोड़ा गया. लेकिन मोबाइल महिला थाना प्रभारी ने वापस नहीं किया. इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया.
कोर्ट ने कहा कि महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक और पुरानी भिलाई थाना के निरीक्षक महेश ध्रुव के खिलाफ अपराधिक मामला बनता है. कोर्ट ने दोनों के खिलाफ जुर्म दर्ज करने का आदेश दिया. इस मामले में पूर्णिमा के वकील अंकित ठाकुर ने बताया कि 12 जनवरी 2025 को भिलाई पुलिस ने आरोपी प्रोबीर शर्मा को आंध्रप्रदेश से गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही उनकी पत्नी पूर्णिमा शर्मा को बिना वजह बताए हिरासत में लिया था. वकील ने बताया कि बिना वजह बताए हिरासत में लेकर पूछताछ करने के खिलाफ उन्होंने मजिस्ट्रेट से शिकायत की थी. अदालत ने मामले में संज्ञान लिया.
वारदात 19 जुलाई 2024 की शाम 4 बजे की है. खूबचंद बघेल महाविद्यालय से घर जाते समय प्रोफेसर विनोद शर्मा पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था. बाइक से जा रहे विनोद शर्मा उम्र 57 साल का 2 बाइक पर सवार 6 आरोपियों ने रास्ता रोका. गाली-गलौज की. इसके बाद लाठी डंडों से उन्हें जमकर पीटा. इससे प्रोफेसर गंभीर रूप से घायल हो गए और कई जगह फ्रैक्चर आए थे.
आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा हुआ कि प्रोफेसर पर हमला भिलाई-चरोदा निगम के ठेकेदार प्रोबीर कुमार शर्मा ने करवाया था. इसके चलते थाना भिलाई-3 पुलिस ने प्रोबीर समेत अन्य साथियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र रचने के कारण धारा 61 (2) बीएनएस जोड़ी है.
इस मामले में पुलिस प्रिंस उर्फ प्रसून पांडेय, अमन उर्फ उत्कर्ष द्विवेदी, करण पाठक और मुख्य आरोपी प्रोबीर शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं इनामी शिवम मिश्रा और धीरज वस्त्रकार अब भी फरार चल रहे हैं.
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