History News : मध्यकालीन इतिहास एक बड़ी जंग, खिलजी खानदान और मंगोल आक्रमणकारियों के बीच हुई लड़ाई को दिखाती है

History News : मध्यकालीन इतिहास में, किली की लड़ाई एक बड़ी जंग है जो दिल्ली सल्तनत के खिलजी खानदान और मंगोल आक्रमणकारियों के बीच हुई लड़ाई को दिखाती है। स्टेनली लेन-पूल, एक मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार और प्रच्यवादी थे। अपनी किताब "मेडीवल इंडिया अंडर मोहम्मडन रूल" में, लेन-पूल इस जंग के बारे में गहराई से बताते हैं, और यह भी बताते हैं कि इस जंग का आगे चलकर क्या असर हुआ।

History News : मध्यकालीन इतिहास एक बड़ी जंग, खिलजी खानदान और मंगोल आक्रमणकारियों के बीच हुई लड़ाई को दिखाती है

History News : मध्यकालीन इतिहास में, किली की लड़ाई एक बड़ी जंग है जो दिल्ली सल्तनत के खिलजी खानदान और मंगोल आक्रमणकारियों के बीच हुई लड़ाई को दिखाती है। स्टेनली लेन-पूल, एक मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार और प्रच्यवादी थे। अपनी किताब "मेडीवल इंडिया अंडर मोहम्मडन रूल" में, लेन-पूल इस जंग के बारे में गहराई से बताते हैं, और यह भी बताते हैं कि इस जंग का आगे चलकर क्या असर हुआ।

1299 ईस्वी में लड़ी गई किली की लड़ाई, भारत पर राज करने की कोशिश में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी। एक तरफ खिलजी खानदान के अलाउद्दीन खिलजी थे, जो एक मजबूत शासक थे और उन्हें लड़ाई लड़ने और जंग जीतने में महारत हासिल थी। दूसरी तरफ मंगोलों की फौज थी, जिनकी अगुवाई कुतलुग ख्वाजा कर रहा था, जो एक नामी मंगोल सेनापति था।

लेन-पूल उस वक्त के हालात को बताते हैं, जिसकी वजह से किली की लड़ाई हुई, और यह भी बताते हैं कि इस इलाके की रणनीतिक रूप से कितनी अहमियत थी। वो यह कहते हैं कि भारत पर मंगोलों के हमलों ने दिल्ली सल्तनत के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया था। अलाउद्दीन खिलजी को ये खतरा समझ आ गया था और उन्होंने मंगोल आक्रमणकारियों से लड़ने के लिए अपनी फौज को तैयार कर लिया।

किली में हुई लड़ाई दोनों तरफ से जानलेवा लड़ाई और सोच-समझकर खेली गई जंग थी। लेन-पूल बताते हैं कि जंग के मैदान में कैसा माहौल था, कैसा खून-खराबा हुआ था। दुश्मनों से कम होने के बावजूद, खिलजी की फौज ने हार नहीं मानी और आखिर में जीत हासिल की। 

लेन-पूल इस बात को रेखांकित करते हैं कि अलाउद्दीन खिलजी के नेतृत्व और सेना में किए गए बदलावों की वजह से ही किली की लड़ाई में जीत मिली। वो खिलजी की नई तरफ की जंगी रणनीतियों को बताते हैं, जिनमें सारी ताकत एक ही जगह लाना, फौज को नया रूप देना और जासूसी करना शामिल था। इन सब चीजों से बाहरी दुश्मनों से लड़ने की सल्तनत की ताकत मजबूत हो गई।

किली की लड़ाई का नतीजा दिल्ली सल्तनत और पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर पड़ा। लेन-पूल कहते हैं कि खिलजी की इस बड़ी जीत ने भारत में मंगोलों के इरादों को तोड़ दिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। साथ ही, इससे अलाउद्दीन खिलजी की एक ताकतवर शासक के रूप में पहचान बनी और दुनियाभर में दिल्ली सल्तनत का मान बढ़ा।

अंत में, किली की लड़ाई अलाउद्दीन खिलजी के नेतृत्व में खिलजी वंश की मजबूती और लड़ाई लड़ने के हुनर को दर्शाती है। लेन-पूल के विस्तृत विश्लेषण से, हम मध्यकालीन भारत की इस महत्वपूर्ण लड़ाई के रणनीतिक महत्व और इतिहास पर पड़े असर को अच्छे से समझ सकते हैं। 
#इतिहास_की_एक_झलक