13 वर्षीय मासूम छात्र की हत्या, ग्रामीणों ने उठाई गंभीर जांच की मांग, अन्य आरोपियों की संलिप्तता का आरोप, हाईवे पर किया चक्काजाम
Murder of a 13-year-old innocent student, villagers demanded a serious investigation, alleged involvement of other accused, blocked the highway
बिलासपुर/रतनपुर : रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरारी में हुई 13 साल के छात्र चिन्मय सूर्यवंशी की हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच नहीं कर रही है और अन्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. इसी मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक सरस्वती शिशुमंदिर, रतनपुर में कक्षा आठवीं में अध्ययनरत चिन्मय की हत्या लूट की नीयत से की गई और उसका शव गांव के ही पुराने स्कूल भवन में फेंक दिया गया. घटना 31 जुलाई की शाम की है. जब चिन्मय करीब पांच बजे घर से मोबाइल लेकर दोस्तों के साथ निकला था. देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरु की और पुलिस को खबर दी.
लगातार खोजबीन के बाद भी सुराग न लगने पर पुलिस ने तकनीकी जांच को आगे बढ़ाया. मोबाइल के सक्रिय होते ही लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने ग्राम भरारी निवासी 19 साल के छत्रपाल सूर्यवंशी को हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी. इस दौरान चिन्मय उसके हाथ लग गया और राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद शव को पुरानी और बंद पड़ी स्कूल बिल्डिंग की खिड़की से अंदर फेंक दिया गया. ताकि किसी को शक न हो. पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर मौके की जांच कराई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा.
वही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. हालांकि परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही है. उनका कहना है कि इस वारदात में और भी लोग शामिल थे. लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक युवक को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है.
इसी मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी तादाद में ग्रामीण और परिजन कलेक्टर और एसएसपी को ज्ञापन देने बिलासपुर जा रहे थे. रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने भरारी के पास नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर दिया.
करीब आधे घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रही, वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर ग्रामीणों को हटाया, तब जाकर यातायात सुचारु हो सका.
गांव में चिन्मय की असमय मौत ने मातम का माहौल पैदा कर दिया है. ग्रामीण लगातार परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन मासूम की यादें सभी को भावुक कर रही हैं. इस निर्मम हत्या ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है. लोग घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और आरोपियों को कठोरतम सजा देने की मांग कर रहे हैं.
परिजन और ग्रामीण पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की भूमिका साफ नहीं होगी और उन्हें गिरफ्तार कर सख्त सजा नहीं दी जाएगी. तब तक इंसाफ की उम्मीद अधूरी रहेगी. यह दर्दनाक घटना न सिर्फ भरारी गांव, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरी चोट बनकर सामने आई है. अब सबकी निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है कि क्या सचमुच पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा.
एसडीओपी नूपुर उपाध्यक्ष ने इस दौरान बताया कि मामले में परिजन आरोपी युवक छत्रपाल के परिजनों पर सहआरोपी होने का आरोप लगा रहे हैं. फिलहाल मामले में परिजनों की तरफ से ज्ञापन ले लिया गया है और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



