बिजली विभाग के कर्मचारी से सरेआम मारपीट, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, कर्मचारियों में आक्रोश, ठेकेदार समेत तीन के खिलाफ FIR दर्ज
Public assault on an employee of the electricity department, video viral on social media, anger among employees, FIR lodged against three including the contractor
राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के साल्हेवारा क्षेत्र में बिजली विभाग के कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. विभाग में कार्यरत लाइनमैन हरीश राजपूत के साथ ठेकेदार और उसके साथियों ने सरेआम हाथापाई की. यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है.
मिली जानकारी के मुताबिक 19 जून की शाम करीब 6:30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित में कार्यरत परिचालक (लाइन श्रेणी-3) हरीश राजपूत कंट्रोल रुम के सामने ड्यूटी खत्म कर बैठे थे. तभी विभाग के लिए पिकअप वाहन सप्लाई करने वाले ठेकेदार कर्मवीर सिंह बघेल अपने साथी पुष्पराज सिंह और ड्राइवर राहुल मानिकपुरी के साथ वहां पहुंचा.
आरोप है कि ठेकेदार ने “मेरी गाड़ी को नुकसान पहुंचाता है” कहते हुए पहले गाली-गलौज की और फिर थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर कर्मचारी के साथ जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी.
घटना की जानकारी मिलते ही साल्हेवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 506, 323, 34 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
घटना का वीडियो मोबाइल में कैद हो गया. जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. कर्मचारियों और आम नागरिकों ने इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा की है. पुलिस वीडियो की वैधता और आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
मारपीट की इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में जबरदस्त नाराज़गी है. कर्मचारी संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ, तकनीकी कर्मचारी संगठन सहित कई यूनियनों ने इस घटना की निंदा करते हुए फौरन गिरफ्तारी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो वे कार्य बहिष्कार या आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच तेजी से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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