बारिश ने खोली जर्जर पुलिया की पोल: 24 घंटे में नदी-नाले में बहने की दूसरी घटना, पुल पार करते साइकिल सवार दो युवक नाले में गिरे, एक लापता, जुटी रेस्क्यू टीम
Rain exposes the dangerous state of a dilapidated culvert: Second incident in 24 hours involving someone being swept away in a river or drain; two youths on a bicycle fell into a drain while crossing a bridge—one is missing, and a rescue team has been deployed.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है. नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच छुरा क्षेत्र के भैरव नवापारा नाले में दो युवक बह गए. हादसे में एक युवक किसी तरह बाहर निकल आया. लेकिन दूसरा युवक पानी के तेज बहाव में बहने के बाद लापता हो गया.
साइकिल से निकले थे, नाले के तेज बहाव ने बदला पूरा मंजर
मिली जानकारी के मुताबिक नवापारा निवासी डिगेश्वर यादव पिता संत राम यादव शनिवार सुबह करीब 8 बजे अपने चाचा के बेटे छोटे दाऊ के साथ उक्त पुलिया को साइकिल से पार कर रहे थे. इसी दौरान डिगेश्वर नवापारा नाले में तेज बहाव के बीच वे पानी की चपेट में आ गए. पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों अपना संतुलन नहीं संभाल सके और नाले में जा गिरे. एक युवक ने किसी तरह संघर्ष करते हुए बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली. लेकिन दूसरा युवक डिगेश्वर बहाव में फंस गया और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया. हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी युवक की तलाश में जुटे हुए हैं.
नगर सेना रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
हादसे की खबर मिलते ही नगर सेना रेस्क्यू टीम गरियाबंद को मौके के लिए रवाना किया गया. टीम ने पहुंचते ही कोपरा एनीकेट में लापता युवक की तलाश शुरू कर दी. तेज बहाव और उफनते नाले के बीच रेस्क्यू टीम ने करीब 6 से 8 घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया. टीम ने लगभग 14 किलोमीटर के क्षेत्र में पानी के भीतर और नाले के आसपास लापता युवक की तलाश किया. लेकिन काफी प्रयास के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा.
स्थायी समाधान नहीं हुआ तो हादसे का खतरा बना रहेगा
ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष मरम्मत कार्य कराकर पुलिया को कुछ समय के लिए आवागमन लायक बना दिया जाता है. लेकिन लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव की वजह से पुलिया फिर क्षतिग्रस्त हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर स्थायी पुलिया का निर्माण ही समस्या का समाधान है.
एक दिन पहले भी सामने आई थी पानी में बहने की घटना
इस हादसे ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पिछले 24 घंटे के भीतर जिले में पानी में बहने की यह दूसरी घटना सामने आई है. लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है.
बारिश के बीच सबसे बड़ा खतरा यह है कि कई जगह पानी का बहाव ऊपर से सामान्य दिखाई देता है. लेकिन अंदर गहराई और करंट बेहद खतरनाक होता है. ऐसे में नाले या पुलिया को पार करने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है.
बारिश में 'जल्दबाजी' पड़ सकती है भारी
इस हादसे ने एक बार फिर लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार ऐसे स्थानों पर लोगों को सावधानी बरतने की अपील कर रही है. खासकर उफनते नदी-नालों को पार करने या उनके आसपास जाने से बचना बेहद जरूरी है.
फिलहाल लापता युवक की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. नगर सेना रेस्क्यू टीम द्वारा कई घंटे तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बावजूद कामयाबी नहीं मिल सकी. मौसम और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आगे फिर से तलाश अभियान चलाया जा सकता है.
गरियाबंद में बारिश का कहर जारी है. नदी, नाले और एनीकट उफान पर हैं. ऐसे में एक छोटी सी चूक जिंदगी और मौत के बीच का फासला तय कर सकती है. डिगेश्वर यादव के लापता होने की घटना ने एक बार फिर जर्जर पुल-पुलियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है. फिलहाल लापता युवक की तलाश जारी है और उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद में परिजन और ग्रामीण जुटे हुए हैं.
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