फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के खिलाफ ब्राह्मण समाज पर विवादित बयान को लेकर रायपुर में पुलिस ने किया FIR दर्ज, मांगी माफी

Raipur police filed FIR against filmmaker Anurag Kashyap for his controversial statement on Brahmin community, apologized

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के खिलाफ ब्राह्मण समाज पर विवादित बयान को लेकर रायपुर में पुलिस ने किया FIR दर्ज, मांगी माफी

रायपुर : ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के खिलाफ रायपुर के कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज की गई है. यह मामला समाज में कई वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआइआर सोमवार देर रात सिटी कोतवाली थाना रायपुर में दर्ज की गई.
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ (भारत) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रभारी रायपुर निवासी पंडित नीलकंठ त्रिपाठी ने शिकायत दर्ज कराई कि फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर ब्राह्मण समाज को लेकर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी की थी. जो समाज की भावना को आहत करने वाली और सामाजिक समरसता को खतरे में डालने वाली है.
पुलिस ने अनुराग कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना) और धारा 302 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए शब्दों का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे जांच की जा रही है.
अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं. वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है.
अनुराग कश्यप ने मांगी माफी
इस टिप्पणी के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया और उन्हें व उनके परिवार को बलात्कार व जान से मारने की धमकियां भी मिलने लगीं. इसके बाद शनिवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर माफ़ी पोस्ट साझा की.कश्यप ने लिखा, ‘यह मेरी माफ़ी है उस एक पंक्ति के लिए जो संदर्भ से बाहर निकाल ली गई. और जिससे नफ़रत फैल रही है. कोई भी बात इतनी महत्वपूर्ण नहीं कि उसके बदले मेरी बेटी, परिवार या दोस्तों को धमकियां मिलें.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने जो कहा, उसे वापस नहीं लूंगा. गाली देना है तो मुझे दो. लेकिन मेरी फैमिली ने कुछ नहीं कहा. माफ़ी चाहिए तो लीजिए.’
ताज़ा विवाद क्या है?
दरअसल, यह विवाद ‘फुले’ फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर शुरू हुआ था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि ‘फुले’ फ़िल्म पर सेंसर बोर्ड की ‘कैंची’ चली है, जिसके बाद अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने कहा, “धड़क-2 की स्क्रीनिंग में सेंसर बोर्ड ने बोला, मोदी जी ने इंडिया में कास्ट सिस्टम ख़त्म कर दिया है. उसी आधार पर ‘संतोष’ भी इंडिया में रिलीज़ नहीं हुई.” अनुराग कश्यप ने कहा, “अब ब्राह्मण को समस्या है ‘फुले’ से. भइया, जब कास्ट सिस्टम नहीं है तो काहे का ब्राह्मण. जब कास्ट सिस्टम था नहीं, तो ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई क्यों थीं?” उनके इस पोस्ट पर एक यूज़र ने आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर अनुराग कश्यप ने रिप्लाई किया. यह विवाद उनके इसी रिप्लाई पर हो रहा है. हालांकि, बाद में अनुराग कश्यप ने इस मामले पर माफ़ी भी मांगी.
मी टू’ विवाद में भी फंस चुके हैं अनुराग कश्यप
‘मी टू’ आंदोलन के दौरान एक महिला ने फ़िल्मकार विकास बहल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. यह महिला फ़ैंटम फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस में काम करती थीं और फ़ैंटम के संस्थापक अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी, मधु मंतेना और विकास बहल थे. महिला ने आरोप लगाया था कि यौन हमले की शिकायत उन्होंने अनुराग कश्यप से की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. महिला की इस शिकायत की पुष्टि करते हुए अनुराग कश्यप ने हफ़िंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा था कि जो भी हुआ वो ग़लत था. इसके बाद अनुराग कश्यप ने फ़ैंटम प्रोडक्शन हाउस को ख़त्म करने की घोषणा कर दी थी.

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