छात्राओं के साथ बार -बार शर्मनाक हरकत, शिक्षक एल.बी कमलेश कुमार साहू नौकरी से बर्खास्त, सरकारी जमीन की हेराफेरी करने वाला पटवारी सस्पेंड

Repeated shameful acts with girl students, teacher LB Kamlesh Kumar Sahu dismissed from job, Patwari suspended for tampering with government land

छात्राओं के साथ बार -बार शर्मनाक हरकत, शिक्षक एल.बी कमलेश कुमार साहू नौकरी से बर्खास्त, सरकारी जमीन की हेराफेरी करने वाला पटवारी सस्पेंड

छात्राओं के साथ बार -बार शर्मनाक हरकत, शिक्षक एल.बी कमलेश कुमार साहू नौकरी से बर्खास्त

बिलासपुर : बिलासपुर हिला के बिल्हा ब्लॉक अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोदइयां के शिक्षक एलबी कमलेश कुमार साहू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.  शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया. कमलेश साहू की बर्खास्तगी उनके अमर्यादित व्यवहार के कारण की गई है.
आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा को आपत्तिजनक मैसेज भेज कर परेशान किया. बर्खास्त किए गए शिक्षक के खिलाफ पहले भी इस तरह की शिकायतें की गई हैं. लेकिन बार-बार हरकतें दोहराए जाने की वजह से शिक्षक को बर्खास्त किया गया है.
संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि कमलेश कुमार साहू की प्रथम नियुक्ति शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के पद पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जरौंधा विकासखंड तखतपुर में हुई थी. इस शाला में पदस्थ रहने के दौरान कमलेश साहू की तरफ से साल 2010 में स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं से अनैतिक व्यवहार अश्लील हरकतें की गई. जिसका विरोध स्कूल के प्रधान पाठक ने किया. इसकी लिखित शिकायत मिलने पर बीईओ तखतपुर की तरफ से कमलेश कुमार साहू को जरौंधा स्कूल से कुआं स्कूल में काम करने का आदेश दिया गया.
मार्च 2024 में विकासखंड शिक्षा अधिकारी  बिल्हा को मिली शिकायत के आधार पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मंगला (पा.) में पदस्थ शिक्षक एलबी कमलेश कुमार साहू के खिलाफ की गई शिकायत की जांच 4 महिला अधिकारियों की टीम ने की. जांच प्रतिवेदन के मुताबिक कमलेश कुमार साहू के द्वारा छठवीं, आठवीं कक्षा की छह छात्राओं के साथ बेड टच करते हुए अमर्यादित व्यवहार किया गया.
इस प्रतिवेदन के आधार पर पिछले साल 9 मार्च को कमलेश कुमार साहू को निलंबित किया गया. इसी दौरान कमलेश कुमार साहू के खिलाफ शिकायत करने वाली छह-छात्राओं में से एक छात्रा ने उनके खिलाफ एफआआईआर दर्ज कराई और उन्हें गिरफ्तार किया गया. वे 10 मार्च से 30 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे. उनके मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई. जहां आरोप सिद्ध नहीं होने की वजह से उन्हें दोष मुक्त कर दिया गया.
दोष मुक्त होने के बाद 14 नवंबर 2024 को कमलेश कुमार साहू को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोदइंया विकासखंड बिल्हा में पदस्थ किया गया. संयुक्त संचालक  शिक्षा के आदेश में कहा गया है कि चार सदस्यीय जांच दल के प्रतिवेदन में यह साफ है कि कमलेश कुमार साहू के द्वारा 6 छात्रों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाना पाया गया. न्यायालय में पारित आदेश उपरोक्त 6 में से सिर्फ एक छात्रा से संबंधित है. इस तरह दोष मुक्त किए जाने का मामला जांच प्रतिवेदन मुताबिक अनुचित आचरण से प्रभावित अन्य छह बालिकाओं से अलग है.
इधर जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से 4 फरवरी 2025 को भेजे गए पत्र  के मुताबिक कमलेश कुमार साहू के द्वारा कक्षा आठवीं की छात्रा के साथ देर रात व्हाट्सएप के जरिए आपत्तिजनक भेजने और वीडियो कॉल करने की शिकायत प्राप्त हुई। संस्था की प्रधान पाठिका  एवं  शिक्षकों के द्वारा विकासखंड बिल्हा को प्रेषित पत्र में कक्षा आठवीं की छात्रा की माता के द्वारा कमलेश कुमार साहू के द्वारा फोन एवं व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक मैसेज कर परेशान की जाने की शिकायत की गई. मैसेज के स्क्रीनशॉट का प्रिंट आउट भी भेजा गया.
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोदइयां के प्रधान पाठिका ने बीईओ बिल्हा को पत्र भेज कर उल्लेख किया है कि उनका व्यवहार संदिग्ध परिलक्षित होता है. अपना ज्यादातर समय बालिकाओं के साथ रहने का प्रयास करते हैं. अन्य शिक्षकों ने भी कमलेश साहू  के विद्यालय में व्यवहार को चिंतनीय बताया है.
संयुक्त संचालक के आदेश में कहा गया है कि तीनों मामलों से साफ है कि कमलेश कुमार साहू शिक्षक द्वारा विद्यालय में अध्यनरत बालिकाओं के साथ अनुचित व्यवहार करने की पुनरावृत्ति की जाती है. कमलेश कुमार साहू की प्रवृत्ति इस तरह के अनुचित कार्यों को करने की हो चुकी है. जिससे भविष्य में भी बालिकाओं के साथ अनुचित व्यवहार की संभावना है. इसे देखते हुए कमलेश कुमार साहू को शासकीय सेवा से पदच्युत किया गया.
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सरकारी जमीन की हेराफेरी करने वाला पटवारी सस्पेंड

कोरबा : करतला तहसील के पटवारी लोकेश्वर मैत्री ने करोड़ों की जमीन की हेराफेरी की है. जिसके बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
आरोप है कि पटवारी ने ढाई सौ एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से निजी भूमि में परिवर्तित कर दिया. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. कलेक्टर ने एसडीएम कोरबा को निर्देश दिए हैं कि पटवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर बिट्टू चौहान और 10 अन्य भूमि स्वामियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए.
जांच में पाया गया कि पटवारी ने ग्राम चोरभट्ठी में स्थित खसरा नंबर 223, 265, 312, 503, और 980 की भूमि को 24 अक्टूबर 2024 को 10 लोगों के नाम पर आरडी सीरीज में दर्ज कर सत्यापित किया. इस जमीन के कुछ हिस्से एक्सिस बैंक रायपुर और इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक चांपा में बंधक भी रखे गए हैं. महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 1954-55 के भूमि अधिकार अभिलेख में यह जमीन छोटे झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है.
खसरा नंबर 223/1, 265/1, और 312/1 में क्रमशः 43.94, 0.24, और 10.03 एकड़ भूमि सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है. निलंबित पटवारी का मुख्यालय अब तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है.
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