रायपुर में गैस एजेंसी के सुपरवाईजर से 10 लाख की लूट का पर्दाफाश, दो बदमाश गिरफ्तार, तीन फरार बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस, एक्टिवा जप्त

Rs 10 lakh robbery from a gas agency supervisor in Raipur solved; two miscreants arrested, police searching for three absconding suspects, Activa scooter seized.

रायपुर में गैस एजेंसी के सुपरवाईजर से 10 लाख की लूट का पर्दाफाश, दो बदमाश गिरफ्तार, तीन फरार बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस, एक्टिवा जप्त

रायपुर : राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई थी. बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने डगनिया बाजार के पास कार रुकवाकर सुपरवाईजर के साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे. सुपरवाईजर से लूट की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है, पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी तीन आरोपियों की तलाश जारी है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी श्रवण साहू ने डीडी नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह विशेष साह निवासी टाटीबंध आमानाका रायपुर के कंपनी में सुपरवाईजर का काम करता है. 6 जून 2026 को कंपनी के मालिक विशेष साह द्वारा प्रार्थी को बालाजी रोलिंग मिल के हेड ऑफिस, अग्रसेन चौक रायपुर से उधारी की राशि लाने के लिए भेजा. प्रार्थी वहां से 10,26,500/- नगद रकम लेकर अपने बैग में रखकर डंगनिया बाजार स्थित एक ग्राहक के पास पहुंचा. शाम करीब 7 बजे डंगनिया बाजार में कार खड़ी कर वह बैग निकाल रहा था. तभी मोटर साइकिल सवार तीन अज्ञात युवक जो अपने चेहरे गमछे से ढके हुए थे. प्रार्थी को धक्का देकर उसके हाथ से बैग जिसमें 10,26,500/- नगद, बैंक की चेकबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड रखे थे. को लूट कर सुंदर नगर की तरफ फरार हो गए.
प्रार्थी की इस रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना डी डी नगर में अपराध क्रमांक 361/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस का जुर्म दर्ज किया गया. और गठित टीमों द्वारा घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया गयाऔर घटनास्थल से मिले सभी अहम तथ्यों और सबूतों को इकठ्ठा किया गया.
जांच के दौरान एक टीम द्वारा प्रार्थी, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और संबंधित कंपनी के संचालक विशेष शाह से घटना के बारे में डिटेल पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान घटना की हालात, रकम के आवागमन, कर्मचारियों की भूमिका और दुसरे अहम बिंदुओं के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गई.
वहीं दूसरी टीम द्वारा घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से मुआयना और जांच किया गया. आरोपियों ने वारदात के बाद भागने के लिए जिन मार्गों का उपयोग किया गया था. उन सभी संभावित मार्गों की निशानदेही कर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए. साथ ही वारदात में इस्तेमाल दोपहिया वाहन की पहचान और उसके स्वामी का पता लगाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे.
जांच की कड़ी में तकनीकी विश्लेषण, कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के रिकार्ड और हजारों सीसीटीव्ही फुटेज के बाद टीम द्वारा आरोपियों को चिन्हांकित किया गया. और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का पीछा किया गया.
मामले में मुख्य आरोपी गौरव तिवारी से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह पहले से बालाजी कंपनी में पेमेंट लेन-देन के लिए जाता था. उसने यह जानकारी अपने अन्य 4 साथियों के साथ साझा किया कि अग्रसेन चौक स्थित बालाजी कॉर्पाेरेट ऑफिस से जो भी व्यक्ति बैग लेकर बाहर निकलता है. उसके बैग में अक्सर लाखों रुपये की नगदी रहती है. इसी जानकारी के आधार पर पांचों आरोपियों ने वारदात से करीब डेढ़ महीने पहले लूट की वारदात को अंजाम देने की प्लान बनाई.
आरोपियों ने बताया कि उनका कोई विशेष व्यक्ति टारगेट नहीं था. उनकी प्लान यह थी कि कार्यालय से जो भी व्यक्ति नगदी से भरा बैग लेकर बाहर निकलेगा. उसे अपना शिकार बनाया जाएगा. इस मकसद से आरोपियों द्वारा कार्यालय के आसपास लगातार कई दिनों तक रेकी की गई. रेकी के दौरान वे कार्यालय से बैग लेकर निकलने वाले व्यक्तियों पर नजर रखते थे तथा उनका पीछा भी करते थे. लेकिन सहीं मौका नहीं मिलने की वजह से वे लूट की वारदात को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो पा रहे थे.
घटना दिनांक को प्रार्थी नगदी रकम से भरा बैग लेकर कार्यालय से बाहर निकला. उस समय आरोपी कार्यालय के आसपास मौजूद थे और उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. प्रार्थी के कार्यालय से निकलते ही पांचों आरोपियों ने दो अलग-अलग दोपहिया वाहनों पर सवार होकर उसकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया. आरोपियों ने पूरे रास्ते प्रार्थी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखीं. जब प्रार्थी घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी कार से नगदी रकम से भरा बैग लेकर नीचे उतरा. तभी प्लान के तहत आरोपियों ने उसे निशाना बनाया और उसके कब्जे से नगदी से भरा बैग लूट लिया. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.
मुख्य आरोपी गौरव तिवारी की निशानदेही पर मामले में शामिल आरोपी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को उ.प्र. से गिरफ्तार किया गया. मामले में अभी तक लूट की नगदी रकम कुल 7,00,000/- (सात लाख रूपये) और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा वाहन नम्बर CG04 MH 5734 जुमला कीमत करीब 7,50,000/- (सात लाख पचास हजार रूपये) बरामदगी की गई है.मामले में फरार अन्य 3 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई है. जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.
गिरफ्तार आरोपी
गौरव तिवारी पिता श्रीकांत तिवारी उम्र 27 साल स्थायी पता- ग्राम रसूलपुर थाना रसड़ा जिला बलिया (उ.प्र.), हाल पता - एम डी एस 110 फेस-1 कबीर नगर थाना कबीर नगर रायपुर
आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू पिता स्व अजय कुमार पाण्डेय उम्र 24 साल निवासी ग्राम मरहज तुलसी (तुलसी कला) थाना कोइरौना जिला भदोही (उ.प्र.), हाल पता- कबीर नगर फेस - 2 एकता चौक ब्लॉक नंबर 63 मकान नंबर 751 थाना कबीर नगर रायपुर
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