नशीली इंजेक्शन व टेबलेट का सप्लायर सुच्चा सिंह गिरफ्तार, नागपुर और जबलपुर में करोड़ों की संपत्ति का पर्दाफाश, 20 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे
Supplier of drug injections and tablets Suchha Singh arrested, property worth crores exposed in Nagpur and Jabalpur, police caught him after 20 years
बिलासपुर : एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने देश के कई राज्यों में फर्जीवाड़ा से लायसेंस हासिल कर नशे के बड़े कारोबार को अंजाम देने वाले सौदागर को गिरप्तार किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी संजीव ऊर्फ सुच्चा सिंह छाबड़ा पिछळे बीस साल से राज्य और राज्य के बाहर कई जिलों में सिंडिकेट बनाकर नशे का अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था.
सुच्चा सिंह ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में करोड़ों की संपत्ति बनाया. संजीव उर्फ सूच्चा सिंह टिकरापारा कंसा चौक थाना सिटी कोतवाली का रहने वाला है. आरोपी के खिलाफ बिलासपुर के कई थानो में एनडीपीएस के कई जुर्म दर्ज हैं.
अलग अलग थानों में अपराध दर्ज
पुलिस कप्तान ने खुलासा किया कि आरोपी के खिलाफ साल 2007 में कोनी, 2009 में तारबाहर, 2013 में तारबाहर, 2018 में कोतवाली, 2023 मेैं सरकन्डा और 2023 में सिविल लाइन में जुर्म दर्ज हैं. इस दौरान कोनी पुलिस ने 5253 नग नशीली इंजेक्शन, तारबाहर पुलिस ने अलग-अलग समय में 1500 नग नशीली इंजेक्शन और 9600 नग नशीली इंजेक्शन बरामद किया था.
इसके अलावा कोतवाली पुलिस ने 7200 नग नशीली टेबलेट जब्त किया था. सरकन्डा पुलिस ने 102 नग इंजेक्शन के अलावा 20 कोडिन सिरफ बरामद किया था. सिविल लाईन पुलिस ने तत्कालीन समय आरोपी 1645 नग एविल कब्जे में लिया था.
पिछले दस पन्द्रह दिनों से नशे के खिलाफ लगातार धर पकड़ अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान गिरफ्तार कमोबेश सभी आरोपियों ने बताया कि नशे का कारोबार मास्टरमाइंड संजीव ऊर्फ सुच्चा छावड़ा के इशारें पर संचालित करते हैं. जानकारी के बाद सुच्चा सिंह का बायोडाटा खंगाला गया. अलग अलग थानों में दर्ज जुर्म की लिस्ट तैयार की गयी. इसी दौरान जानकारी मिली कि आरोपी की लगातार पतासाजी की जा रही है. लेकिन हर बार पुलिस से बच निकलता है.
पुलिस ने पतासाजी के दौरान पता लगाया कि आरोपी संजीव सिंग उर्फ सूच्चा सिंग छाबडा टिकरापारा कंसा चौक का रहने वाला है. मोबाईल मे संपर्क कर शहर में नशीली दवाईयो की सप्लाई करता है. आरोपी को गिरफ्तार करने नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. टीम ने इस दौरान संजीव उर्फ सूच्चा सिंह के बैंक अकाउंट और संम्पत्तियो को खंगाला.
पतासाजी के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी पिछले 20 साल से शहर में नशीली दवाईयो की सप्लाई करता है. अवैध कमाई से नागपुर के मोदा में चार दुकान बनवाया और जमीन खरीदा है. दिल्ली के फरिदाबाद मे अग्रवाल प्रापर्टी से जमीन का ईकरारनामा किया है. इसी तरह परसवाडा जबलपुर मध्यप्रदेश मे तीन जमीन भी खरीदा है. छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी इस समय जबलपुर में है.
पक्की जानकारी के बाद टीम ने परसवाड़ा जबलपुर में धावा बोला. इस दौरान आरोपी दुकान और मकान का निर्माण कराते पाया गया. दबिश देकर आरोपी संजीव उर्फ सूच्चा छाबडा को बिलासपुर लाया गया.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 2005 से शहर में नशीली दवाईयो का कारोबार कर रहा है. फर्जी मेडिकल लायसंस बनाकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा है. साल 2014 में पुलिस का दबाव बढ़ने पर शहर छोड़कर नागपुर चला गया. मोदा मे 4 दुकान बनाया और जमीन खरीदा.
2023 में बिलासपुर शहर के आस-पास रहकर आरोपी पप्पू श्रीवास और आकांक्षा को नशीली दवाई शहर में बेचने के लिये देना शुरु किया. नशीली दवा से कमाई रकम को शेयर बाजार में लगाया. इसी दौरान बिलासपुर पुलिस ने नागपुर में धावा बोला. पुलिस से बचकर नया बसेरा जबलपुर में बना लिया. लोगो की नजरो से बचने की लिये छाबडा कंट्रक्शन बनाकर काम करने लगा. लेकिन गुप्त तरीके से नशे का व्यापार ही किया.
आरोपी के तार राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं. आरोपी ने फर्जीवाडा कर मेडिकल दवा लायसंस लिया. और अपने आदमियों से कारोबार का संचालित करवाता रहा. करोड़ों की संपत्ति बनाया. पुुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से अभी बहुत जानकारी मिलेगी. जल्द ही आरोपी की संपत्ति को सीज कर अदालत के सामने पेश किया जाएगा. कप्तान ने दावा किया कि बिलासपुर को नशे के कारोबारियों से छुटकारा भी दिलाया जाएगा.
नाम आरोपी
संजीव उर्फ सूच्चा सिंह पिता सादीलाल उम्र 53 साल मुल निवासी टिकरापारा कंसा चैक थाना सिटी कोतवाली जिला बिलासपुर छग
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