धान की अवैध तस्करी पर चला प्रशासनिक डंडा, अमलीपदर क्षेत्र से मिला पहला रुझान, तहसीलदार ने पकड़ी 55 बोरी अवैध धान से भरी पिकअप

The administration cracked down on illegal paddy smuggling, with the first trend emerging from the Amlipada area. The Tehsildar seized a pickup truck loaded with 55 sacks of illegal paddy.

धान की अवैध तस्करी पर चला प्रशासनिक डंडा, अमलीपदर क्षेत्र से मिला पहला रुझान, तहसीलदार ने पकड़ी 55 बोरी अवैध धान से भरी पिकअप

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के सीमावर्ती इलाकों में धान तस्करी का खेल शुरु हो गया है. ओडिशा से छत्तीसगढ़ की सीमा में अवैध तरीके से धान लाने की कोशिश लगातार बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में अमलीपदर तहसीलदार सुशील कुमार भोई की टीम ने छैलडोंगरी के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध धान परिवहन करते एक पिकअप वाहन नम्बर CG 07 AY 0762 को जब्त किया. वाहन से करीब 55 बोरी धान बरामद किया गया है. जांच में चालक कोई दस्तावेज़ या वैध प्रमाण पेश नहीं कर सका. इसके बाद तहसीलदार ने वाहन और धान को देवभोग थाना के सुपुर्द कर दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक ओडिशा सीमा से हर दिन ऐसे सैकड़ों वाहन छत्तीसगढ़ में दाखिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह धान यहां के गोदामों और किसानों के नाम पर रखकर बाद में सरकारी खरीदी के दौरान समर्थन मूल्य में बेचने की योजना बनाई जाती है.
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में कुछ कर्मचारी और दलालों की मिलीभगत की भी आशंका है. कई जगह किसानों के पट्टे गिरवी रखकर धान खरीदी के नाम पर तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है.
ओडिशा से छग सीमावर्ती क्षेत्रों में आ रहे अवैध‌ धान पर प्रशासन की पहली कारवाई पर क्षेत्र के बिचौलियों में जबरदस्त असर दिख रहा है. सीजन भर धान के अवैध खेला में पानी ना फिर जाये बड़े व्यापारी सेटिंग सेटिंग के फिराक में है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठकों का दौर शुरु हो गया है. अमलीपदर तहसीलदार ने कारवाई की शुरुआत कर दी है. इस कारवाई के बाद कारोबारी महकमें में हड़कंप मच गया है.
ओडिशा के अवैध धान के परिवहन रोकने भले ही प्रशासन लाख जतन कर लें चिन्हांकित कच्चे पक्के रास्तों में चेक पोस्ट भी लगा लें. कोटवार पंचायत सचिव से लेकर पुलिस अधिकारी शिक्षकों की तैनाती कर लें. मगर कारोबारी के पास इतने तरकीब होते हैं कि अपने अवैध धान चेक पोस्ट से भी आसानी से पार कर लेते हैं. हालांकि प्रशासन अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने हर सीजन में 50 से 100 वाहनों पर कारवाई करता है लेकिन अवैध परिवहन को पूर्णतः रोकने हमेशा नाकाम नजर आता है.
फिलहाल तहसीलदार की यह कार्रवाई धान सीजन की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन इस तस्करी पर रोक लगाने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है.
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