मृत महिला को जिंदा बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन, फर्जी मुख्तयारनामा बनाकर कब्जा, कारोबारी होरा-BJP मंडल अध्यक्ष समेत 7 पर मामला दर्ज

Land worth crores was grabbed by claiming a dead woman was alive, a fake power of attorney was used to seize possession, a case was registered against seven people including businessman Hora and BJP Mandal President.

मृत महिला को जिंदा बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन, फर्जी मुख्तयारनामा बनाकर कब्जा, कारोबारी होरा-BJP मंडल अध्यक्ष समेत 7 पर मामला दर्ज

रायपुर : राजधानी में फर्जी रजिस्ट्री कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मृत महिला को जीवित दिखाकर उसके नाम पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई. इस पूरे मामले में होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा को मुख्य आरोपी बनाया गया है. वहीं भाजपा तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी समेत सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.  पुलिस ने अब इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है.
आरोप है कि इन सभी ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई प्लॉटों पर कब्जा जमाने की साजिश रची थी. बताया जा रहा है कि इन रजिस्ट्रियों को कोर्ट पहले ही शून्य घोषित कर चुका है. बावजूद इसके आरोपी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश में लगे रहे. आरोप है कि जब भू-स्वामियों ने अपने प्लॉट पर निर्माण शुरु किया तो होरा गिरोह के लोगों ने वहां पथराव किया और निर्माण सामग्री फेंकवाकर धमकाया कि 'यह जमीन गुरुचरण भैया की है.
इस पूरे मामले की शिकायत रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवांगन ने की थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी बार-बार निर्माण रोकने और धमकी देने की कोशिश करते रहे. जिनकी शिकायत पर पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है.
आरोपियों ने मृत महिला चमारिन बाई को जिंदा दिखाकर उसकी जगह फर्जी महिला निर्मला सोनकर को मुख्तियार बनाते हुए 1999 में रजिस्ट्री करा दी थी. जबकि महिला की मृत्यु का प्रमाणपत्र वर्ष 1980 का है. इस तरह फर्जी बैनामा तैयार कर कई प्लॉटों की विक्रय रजिस्ट्री की गई और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक भू-स्वामियों को अपनी ही जमीन पर मकान नहीं बनाने दिया गया.
शिकायत में बताया गया है कि गुरुचरण सिंह होरा, जो शहर में होटल कारोबारी के रुप में जाना जाता है. उसने अपने रिश्तेदारों रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, इंदरपाल सिंह, हरपाल सिंह, अविनाश सिंह और साथी दलविंदर सिंह बेदी के साथ मिलकर यह साजिश रची. इन सभी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 506, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया है.
फिलहाल सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि जांच के दौरान कई और नाम भी सामने आ सकते हैं. रायपुर में फर्जीवाड़े का यह मामला शहर की संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर रहा है
एक मृत महिला को जिंदा दिखाकर ज़मीन हड़पने की यह वारदात न सिर्फ कानूनी प्रणाली बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है. अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इन राजनीतिक रसूखदार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है.
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