नहीं थम रहा खुदकुशी सिलसिला, पंखे से लटका मिला IIT-JEE का कर रहा 16 वर्षीय छात्र, इकलौते बेटे का शव मिलते ही पिता का सब्र टूटा

The series of suicides is not stopping, a 16-year-old student preparing for IIT-JEE was found hanging from the fan, the father lost his patience after finding the body of his only son

नहीं थम रहा खुदकुशी सिलसिला, पंखे से लटका मिला IIT-JEE का कर रहा 16 वर्षीय छात्र, इकलौते बेटे का शव मिलते ही पिता का सब्र टूटा

कोटा : राजस्थान का कोटा आईआईटी-जेईई की तैयारी करने वाले छात्रों का दूसरा घर माना जाता है. जहां देश भर से छात्र आकर अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए आईआईटी-जेईई की तैयारी करते है। हां ये अलग बात है कि बीते इन सालों से कोटा अपने ऐसे ही छात्रों की खुदकुशी की वजह भी बनता जा रहा है. आए दिन किसी ना किसी छात्र की खुदकुशी की खबर सामने आती रहती है. जहां शुक्रवार को एक बार फिर आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहे एक छात्र का शव पंखे से लटका मिला.
बता दें कि इस साल जनवरी से लेकर अब तक कोटा में खुदकुशी का यह 17वां मामला है. वहीं बात अगर बीते साल 2023 की करें तो कोटा भर में कोचिंग छात्रों द्वारा खुदकुशी के 26 मामले सामने आए थे.
इस मामले में पुलिस ने बताया कि आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहा बिहार का 16 साल की लड़का शुक्रवार को कोटा शहर के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला. बता दें कि यह घटना तब हुई जब छात्रावास के कमरे में पंखे में खुदकुशी को रोकने के लिए एंटी-हैंगिंग डिवाइस लगी हुई थी. पुलिस को शक है कि यह खुदकुशी का मामला हो सकता है. हालांकि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और नाबालिग द्वारा इस कदम के पीछे की वजह ला अभी पता नहीं चल पाया है.
वहीं छात्र की पहचना के बारे में विज्ञान नगर थाने के सर्किल इंस्पेक्टर मुकेश मीना ने बताया कि बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला 16 साल का 11वीं कक्षा का छात्र इस साल अप्रैल से कोटा में एक कोचिंग संस्थान में आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहा था. उन्होंने बताया कि लड़का शुक्रवार को अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला.
गौरतलब है कि बीते महीने में भी कोटा में तैयारी कर रहे मध्यप्रदेश के अन्नूपुर निवासी 18 साल का विवेक कुमार ने खुदकुशी कर ली थी. इस मामले में भी इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई. पुलिस उपाधीक्षक योगेश शर्मा ने बताया कि लड़के ने कथित तौर पर आधी रात के आसपास छठी मंजिल से छलांग लगा दी.
हार निवासी मृतक के पिता ने बेटे का शव देखकर अपना धैर्य खो दिया. और वह रोने लगे. उन्होंने रोते हुए कहा कि उनका बेटा पढ़ाई में कमजोर था. उसके क्लास से गायब रहने की शिकायतें भी आती रहती थी. लेकिन हम कई बार बच्चों को समझाते भी थे. हमें नहीं पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा.
अपने इकलौते बेटे की खुदकुशी की खबर पाकर कोटा पहुंचे बिहार में बैंक में काम करने वाले पिता नीलेश ने बताया कि उनके बेटे ने 10वीं में 70 फीसदी अंक हासिल किए थे. वह पढ़ाई में अच्छा था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए खुद ही कोटा आया था. लेकिन यहां आने के बाद वह पढ़ाई में कमजोर महसूस कर रहा था. और क्लास से भी गायब रहता था.
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