घायलों से मिलने आज राहुल गांधी जाएंगे कश्मीर, सर्वदलीय बैठक में पहलगाम अटैक पर कई बड़े खुलासे, उठा सवाल- क्यों तैनात नहीं थे सुरक्षा बल?

Rahul Gandhi will go to Kashmir today to meet the injured, many big revelations on Pahalgam attack in the all-party meeting, question raised- why were security forces not deployed?

घायलों से मिलने आज राहुल गांधी जाएंगे कश्मीर, सर्वदलीय बैठक में पहलगाम अटैक पर कई बड़े खुलासे, उठा सवाल- क्यों तैनात नहीं थे सुरक्षा बल?

दिल्ली : पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने माना कि सुरक्षा में चूक हुई है. केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरण रिजीजू की तरफ़ से कहा गया कि सुरक्षा में कहीं ना कहीं चूक हुई है. अब बकायदा इसकी जांच करेंगे कि कैसे और कहां चूक हुई. इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद नहीं थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर थे. जबकि विपक्ष की ओर से मांग की गई थी कि पीएम मोदी बैठक की अध्यक्षता करें.
कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी की प्राथमिकता चुनाव हैं. जेडीयू की प्राथमिकता प्रधानमंत्री हैं. आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक तो इंतजार कर सकती है.
वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को कश्मीर दौरे पर जाएंगे. जहां वह घायलों से मिलेंगे. वहीं कांग्रेस ने आतंकी हमले पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक मैं पीएम मोदी के गैर मौजूदगी का मुद्दा भी उठाया. कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बोलने के बाद कहा कि हमने वहां पीएम गैर मौजूदगी का मुद्दा उठाया था. हमारा कहना था कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर यह बैठक थी. प्रधानमंत्री का होना इसलिए जरुरी था क्योंकि सारे हालत जानने के बाद वह जो फैसला लेते. वह महत्वपूर्ण होता.
सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैठक के बारे में सारी जानकारी विस्तार से दे दी जाएगी. खरगे ने कहा कि हमने वहां की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की बात करते हुए कि ऐसा कैसा हो गया. हमने इंटेलिजेंस फेल्यर की बात करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से एक्शन लेने में देरी की. देश हित में सरकार जो भी कदम उठाएगी हम साथ देंगे.
कांग्रेस सहित अन्य दलों ने बैठक में अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा मुद्दे पर भी अपने सरोकारों सामने रखें। जिस पर सरकार की ओर से कहा गया कि इस घटना से एक सबक मिला है। इससे सबक लेते हुए सुरक्षा के जो भी जरूरी इंतजाम होंगे, उन्हें पूरा किया जाएगा। वही मीटिंग में गृह सचिव ने भी माना कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सुरक्षा में चूक हुई है।
बैठक में कांग्रेस ने इस बात को लेकर भी मुद्दा उठाया कि ऐसे मामलों में तुलनात्मक बयान नहीं आने चाहिए। मसलन 2004 से 2014 के बीच क्या हुआ या 2014 के बाद क्या हुआ। इसके बजाय आज यह देखे जाने की जरूरत है कि सरकार इससे निपटने के लिए क्या कदम उठाती है.
कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को भी सियासी हलचल तेज रही। एक ओर जहां प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस वर्किंग कमिटि की आपातकालीन बैठक बुलाकर आतंकवाद के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया तो वहीं दूसरी तरफ गुरुवार की शाम सरकार की तरफ से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर व बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्ढा मौजूद रहे। सरकार द्वारा बुलाई इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नुमाइंदों ने भाग लिया.
जेडीयू की तरफ से भी काेई नही पहुंचा
हालांकि बिहार में रैली के चलते इसमें पीएम मोदी शामिल नहीं हुए, वहीं जेडीयू की तरफ से भी काेई नही पहुंचा। इस बैठक में संसद के दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व राहुल गांधी पहुंचे। गौरतलब है कि राहुल गांधी इस हमले और सीडब्ल्यूसी के चलते अपना अमेरिका दौरा बीच में छोड़ कर दिल्ली पहुंचे। वहीं एआईएमआईएम चीफ व लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवेसी भी हैदराबाद से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि गृह मंत्री ने उन्हें निजी तौर पर फोन कर मीटिंग में जरूर आने की बात कही थी। उनके अलावा, एनसीपी-एससी की सुप्रिया सुले, एसपी के रामगोपाल यादव, आरजेडी से मीसा भारती, डीएमके से तिरुचि शिवा मौजूद थे.
कुछ क्षणों का मौन रखा गया
बैठक में सरकार ने मौजूद नेताओं को पहलगाम आतंकी हमले की जानकारी दी और उनके विचार सुने। बैठक शुरू होने पर सबसे पहले पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए कुछ क्षणों का मौन रखा गया। हालांकि बैठक में पीएम मोदी नहीं थे, जबकि विपक्ष की ओर से मांग की गई थी कि पीएम मोदी बैठक की अध्यक्षता करें। पीएम एक कार्यक्रम के सिलसिले में मधुबनी में मौजूद थे. जहां उन्होंने कहा कि पहलगाम के हत्यारों और उनके समर्थकों की पहचान कर उन्हें दंडित किया जाएगा. जबकि जेडीयू के शामिल न होने की वजह से बिहार का कार्यक्रम बताया गया. पार्टी का कहना था कि पहलगाम के मुद्दे पर हम पूरी तरह से सरकार के साथ हैं. सरकार जो भी फैसला लेगी. हम पूरी तरह से उसका समर्थन करेंगे. दूसरी तरग पीएम मोदी और जेडीयू की गैरमौजूदगी पर तंज कसते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी की प्राथमिकता चुनाव हैं. जेडीयू की प्राथमिकता प्रधानमंत्री हैं. आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक तो इंतजार कर सकती है.

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