खेत-खलिहानों में मिली शेर की आहट, बड़े पंजों के निशान दिखने के बाद तलाश में जुटा वन विभाग, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

The sound of a lion was heard in the fields and barns, the forest department started searching after seeing the marks of big paws, appeal to the villagers to be alert

खेत-खलिहानों में मिली शेर की आहट, बड़े पंजों के निशान दिखने के बाद तलाश में जुटा वन विभाग, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के केनापारा गांव में रविवार सुबह एक बार फिर बाघ के पैरों के निशान देखे गए हैं. इस बार ये निशान लैलूंगा क्षेत्र के जंगल, खेतों और कच्चे रास्तों पर नजर आए हैं. इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को खबर दी. लैलूंगा रेंज का वन विभाग सतर्क हो गया है. पूरे दिन पदचिन्हों की ट्रैकिंग की गई. हालांकि अभी तक बाघ की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की गई है. शुरुआती जांच में पदचिह्न शेर के होने की संभावना जताई जा रही है.
छाल रेंज के पुरंगा, हाटी, सामरसिंघा सहित आसपास के क्षेत्रों में पहले भी बाघ के पदचिन्ह मिलने के बाद से लगातार ट्रैकिंग की जा रही थी. इसी बीच रविवार को जानकारी मिली कि लैलूंगा रेंज के फुटहामुड़ा-फुलीकुंडा क्षेत्र में भी बाघ के पदचिन्ह दिखाई दिए हैं. ग्रामीणों ने जंगल की तरफ जाते समय यह निशान देखे. जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को इसकी खबर दी. खबर मिलते ही एसडीओ समेत विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पदचिन्हों का नाप-जोख किया गया. पदचिन्ह करीब 16 सेमी लंबा और 14 सेमी चौड़ा बताया गया है.
बाघ के पैरों के निशान मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने ट्रैकिंग शुरु की. अनुमान है कि यह बाघ पूरी तरह व्यस्क नहीं है. लेकिन करीब-करीब वयस्क आकार का हो सकता है. दियापुर क्षेत्र में भी बाघ जैसे ही पदचिन्ह मिले हैं. टीम ने करीब 8 से 10 किलोमीटर तक ट्रैकिंग की. लेकिन अब तक बाघ दिखाई नहीं दिया.
बाघ की आशंका को देखते हुए विभाग ने फुटहामुड़ा, चिमटापानी, फुलीकुंडा, हल्दीझरिया, दियापुर, तोलगे समेत आसपास के गांवों में मुनादी कराई. ग्रामीणों को जंगल की तरफ अकेले न जाने की हिदायत दी गई है. इससे गांवों में डर का माहौल बन गया है.
इस मामले में लैलूंगा सब-डिवीजन के एसडीओ एम. एल. सिदार ने बताया कि यह बाघ घरघोड़ा की तरफ से लैलूंगा रेंज में पहुंचा हो. ऐसा सकता है... पदचिन्हों के आधार पर बाघ होने की आशंका है. लेकिन अब तक किसी ने उसे देखा नहीं है. अगर शिकार की कोई जानकारी मिलती है. तो ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे. ताकि बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने, अफवाह न फैलाने और किसी भी पुख्ता जानकारी पर वन विभाग को खबर देने की अपील की गई है.
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