अपहरण-मारपीट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, कबाड़ी यार्ड मालिक समेत 2 मास्टर माइंड अब भी फरार, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Two accused arrested in kidnapping and assault case, two masterminds including scrap yard owner still absconding, police made shocking revelation

अपहरण-मारपीट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, कबाड़ी यार्ड मालिक समेत 2 मास्टर माइंड अब भी फरार, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

जगदलपुर : ट्रक ड्राइवर खुर्शीद अहमद के अपहरण और मारपीट के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने जांच में पाया है कि पीड़ित ड्राइवर से न सिर्फ मारपीट की गई. बल्कि उसे जान से मारने की धमकी देकर एक लाख रुपये की फिरौती भी मांगी गई. जो अब तक सामने नहीं आया था. बस्तर पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में पीड़ित की निशानदेही पर पुलिस टीम ने अजुनी फार्म हाउस का निरीक्षण किया. सबूतजुटाए और स्थल को सील कर दिया. तफ्तीश के दौरान पुलिस को नीलम नाग और संजू उर्फ पिंटू की संलिप्तता के पुख्ता सुराग मिले. पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने आयुष राजपूत और नितिन साहू के साथ मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया. दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया.
फार्म हाउस और फिरौती साजिश का मुख्य सूत्रधार कबाड़ी यार्ड का संचालक नितिन साहू और उसका साथी आयुष राजपूत अब भी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग विशेष टीमें रवाना की हैं.
पीड़ित ड्राइवर खुर्शीद अहमद, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का निवासी है. जो जगदलपुर में गीदम नाका के पास स्थित भुवन कबाड़ी यार्ड के मालिक नितिन साहू के लिए बीते 10 साल से काम कर रह था. खुर्शीद का आरोप है कि उससे बार-बार गैरकानूनी तरीके से तांबा-पीतल जैसे कीमती स्क्रैप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का दबाव डाला जा रहा था. जब उसने इस अवैध काम से इंकार किया. तो उसकी जिंदगी एक नरक बन गई.
खुर्शीद ने बताया कि मना करने के बाद वो नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट गया था. कुछ दिन बाद उसे दुबारा फोन कर प्यार से वापस बुलाया गया और कहा गया कि “सब कुछ भूल जाओ, वापस आ जाओ.. जब वह लौटा तो 25 जुलाई को यार्ड का मालिक नितिन साहू अपने दोस्त आयुष राजपूत के साथ उसे लेने के लिए पहुंचा और कार में बैठाकर जबरदस्ती एक फार्म हाउस ले गए. वहां पहले से दो अन्य युवक मौजूद थे.
फार्म हाउस में चारों आरोपियों ने मिलकर खुर्शीद को करीब साढ़े तीन घंटे तक बेल्ट, लात-घूंसों और हाथों से पीटा. उसे नंगा किया गया और उस पर पेशाब भी किया गया. यह पूरी प्रताड़ना वीडियो कॉल के जरिए उसके गांव के एक युवक को दिखाई गई. जिसने समझदारी से वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और बोधघाट थाने में शिकायत दी.
शिकायत की भनक लगते ही आरोपियों ने खुर्शीद को तेलंगाना के हैदराबाद की तरफ भगा ले गए. वहां भी उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू दिखाकर धमकाया गया और कहा गया कि जो हम कहेंगे, वही बोलना पड़ेगा. जब बोधघाट थाने से कॉल आया. तो उसे पहले से तय स्क्रिप्ट के मुताबिक बोलने के लिए मजबूर किया गया.
इसके बाद खुर्शीद को जंगल में छोड़ दिया गया. जहां से वह किसी तरह पैदल चलकर एक दुकान तक पहुंचा. मोबाइल चार्ज किया और गांव के एक जानकार ड्राइवर से मदद ली. वहां से गांव पहुंचा और फिर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ. इसके बाद बीते 2 अगस्त को वह अपने परिजनों के साथ दोबारा बोधघाट थाना आया और आवेदन दिया.
आवेदन में उसने बताया कि उसका अपहरण (अगवा) किया गया. उसके साथ मारपीट की गई और हत्या की धमकी दी गई. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 140(2), 309(6), 133 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत जुर्म दर्ज किया.
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ लिया. एक वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी सिगरेट मुंह में दबाकर बेल्ट से खुर्शीद को मारते हुए डांस कर रहा है और उसे भी नाचने के लिए मजबूर कर रहा है. एक और वीडियो में उसकी पत्नी वीडियो कॉल कर विनती कर रही है कि उसके पति को छोड़ दिया जाए. जबकि खुर्शीद डर के मारे कह रहा था कि “सब ठीक है.”
खुर्शीद अहमद का कहना है कि अभी भी उसे आरोपियों से जान का खतरा है और अगर उन्हें जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया. तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है. उसने प्रशासन और पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है.
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