60 और 70 के दशक का यह ख़ूबसूरत और मासूम चेहरा
Entertainment News : 60 और 70 के दशक का यह ख़ूबसूरत और मासूम चेहरा तो आप को याद ही होगा। छोटे-बड़े हर तरह के रोल में अपनी छाप छोड़ देने वाली ये एक्ट्रेस हैं बेहद टैलेंटेड 'नाज़िमा' जी। नाज़िमा अचानक फ़िल्मों से दूर हुईं तो फिर कभी वापस नहीं लौटी और न ही फ़िल्मी फंक्शन्स में ही कभी नज़र आयीं। उस दौर की मीडिया ने भले ही
Entertainment News : 60 और 70 के दशक का यह ख़ूबसूरत और मासूम चेहरा तो आप को याद ही होगा। छोटे-बड़े हर तरह के रोल में अपनी छाप छोड़ देने वाली ये एक्ट्रेस हैं बेहद टैलेंटेड 'नाज़िमा' जी। नाज़िमा अचानक फ़िल्मों से दूर हुईं तो फिर कभी वापस नहीं लौटी और न ही फ़िल्मी फंक्शन्स में ही कभी नज़र आयीं। उस दौर की मीडिया ने भले ही उनकी कभी खोज-ख़बर नहीं ली लेकिन उनके चाहनेवाले उन्हें कभी न भुला सके।
जब सोशल मीडिया का दौर आया नाज़िमा को लेकर तरह-तरह की अफ़वाहें भी उड़ीं, यहाँ तक कि 27 साल की उम्र में उनके निधन की ख़बरें भी लोगों ने बताईं लेकिन उनके बारे में कभी कोई ख़ास जानकारी न मिल सकी। बाद में जानी-मानी होस्ट और एक्ट्रेस तब्बसुम गोविल जी, जो कभी नाज़िमा की क्लासमेट भी रह चुकीं थीं, ने अपने चैनल तब्बसुम टॉकिज़ पे नाज़िमा जी से जुड़ी कई ख़ास बातें बतायीं जिन्हें सुनकर उनके चाहनेवालों को काफी राहत मिली।
25 मार्च 1946 में नासिक,महाराष्ट्र में जन्मी नाज़िमा का असली नाम 'मेहर-उन-निसा' है। मुंबई के 'अंजुमन इस्लाम गर्ल्स हाइ स्कूल' से पढ़ीं नाज़िमा बचपन से ही फ़िल्मी माहौल में पली बढ़ीं इसलिए एक्टिंग की ओर उनका झुकाव होना कोई बड़ी बात नहीं थी। नाज़िमा की दादी 'शरीफ़ा बानो' 30 के दशक की एक्ट्रेस रह चुकीं थीं तो उनकी फूफी (बूआ) 'हुस्न बानो' 40 के दशक की फ़िल्म और थियेटर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। नाज़िमा ने बेबी चाँद के नाम से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर साल 1954 में आयी फ़िल्म 'बिरज बहू' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। जिसके बाद देवदास (1955), 'अब दिल्ली दूर नहीं' (1957) और 'प्रिंसेस साबा' (1958) जैसी कई फ़िल्मों में नाज़िमा एक्टिंग करतीं दिखीं।

मेन लीड की बात करें तो नाज़िमा की शुरुआत हुई थी एक्टर सुधीर के साथ फ़िल्म उमर क़ैद (1961) से। इस फ़िल्म में बतौर हिरोइन नाज़िमा को यह मौक़ा दिया था उनके फूफा एस एम ईरानी जी ने जो नाज़िमा की फूफी एक्ट्रेस हुस्न बानो के पति होने के साथ ही उस ज़माने के जाने-माने लेखक, निर्माता और निर्देशक थे। उन्होंने ही नाज़िमा को फ़िल्म 'निशान' में भी संजीव कुमार के अपोज़िट हिरोइन के तौर पर एक बार फिर से मौक़ा दिया। इस फ़िल्म में रफ़ी साहब का गाया 'हाय तब्बसुम तेरा' सॉन्ग आज भी लोग सुनते और देखते हैं। इन फ़िल्मों के अलावा भी नाज़िमा जी ने कुछ फ़िल्मों में लीड रोल्स किये लेकिन उनकी बदक़िस्मती ही थी जो उन फ़िल्मों को कामयाबी न मिल सकी, मजबूरन उन्हें कैरेक्टर और सपोर्टिंग रोल स्वीकार करने पड़े।
तब्बसुम जी ने अपने वीडियो में बताया था कि नाज़िमा जी इस बात का अफ़सोस ज़रूर रहा कि वे एक हिरोइन के तौर पर कामयाब न हो सकीं। उनके काम की तारीफ़ तो होती थी लेकिन हिरोइन के रोल्स नहीं मिलते थे जिसका मलाल उन्हें हमेशा रहा लेकिन उन्हें इस बात की बहुत ख़ुशी भी थी कि उस दौर की सभी बड़ी से बड़ी एक्ट्रेस के साथ काम करने का मौक़ा मिला, जिसमें उन्हें ख़ूब नोटिस भी किया गया।
उस दौर की फ़िल्मों में सहेली का रोल हो या बहन का, नाज़िमा हर दूसरी-तीसरी फ़िल्म में दिखाई दे जातीं थीं।एक वक़्त तो ऐसा भी था जब हर हीरो अपनी बहन के क़िरदार के लिये 'नाज़िमा' जी की ही डिमांड करते थे। भाई- बहनों के सबसे ज़्यादा गीत भी नाज़िमा पर ही फ़िल्माये गये हैं। नाज़िमा पर फ़िल्माये 'हम बहनों के लिये मेरे भैया' और 'ये राखी बंधन है ऐसा' जैसे गीत आज भी रक्षाबंधन पर सुनाई दे ही जाते हैं।
साल 1975 में नाज़िमा फ़िल्म 'दयार-ए-मदीना' में एक बार फिर मेन लीड में नज़र आयीं थीं लेकिन उस फ़िल्म से भी उन्हें कोई फ़ायदा न मिल सका। इसके बाद उन्होंने फ़िल्मी दुनियाँ से एक दूरी बना ली। आख़िरी बार नाज़िमा साल 1986 में निर्माता और निर्देशक 'के• आसिफ' की फ़िल्म 'लव एण्ड गॉड' में दिखाई पड़ीं थीं, हालांकि इस फ़िल्म का निर्माण साल 1963 में शुरू हुआ था।
तब्बसुम जी के मुताबिक, नाज़िमा जी ने फ़िल्मी दुनिया को अलविदा कहने के बाद अपने माता-पिता की पसंद से नेवी के एक कैप्टन अर्सुल रहमान से शादी कर ली थी, जिनका साल 2018 में देहांत हो चुका है। नाज़िमा जी के 2 बेटे हैं, रहबर और रेहान। फ़िलहाल नाज़िमा जी अपने जन्म स्थान महाराष्ट्र के नासिक/नाशिक (Nashik, Maharashtra) शहर में ही अपने बच्चों और पोते-पोतियों के साथ स्वस्थ और ख़ुशहाल जीवन गुज़ार रहीं हैं। इस पोस्ट में नाज़िमा जी की दोनो फैमिली फोटो तब्बसुम जी के ही वीडियो से ली है। बता दें कि तब्बसुम जी का 18 नवम्बर 2022 को निधन हो चुका है और उन्होंने साल 2019 के अपने वीडियो में नाज़िमा जी से जुड़ी ये जानकारी दी थी। बॉलीवुड यात्रा नाज़िमा जी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है???????? साथ ही फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी सटीक जानकारियां देने के लिए तब्बसुम गोविल जी के योगदान को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धाँजलि अर्पित करता है।????????????
(साभार- तबस्सुम टॉकिज़)



