बेलतरा महोत्सव में नाच को लेकर दो गुटों के बीच जमकर चले लात-घुसे और बेल्ट, वीडियो हो रहा वायरल, सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर

Two groups engaged in a fierce exchange of kicks, punches, and belts over dancing at the Beltara Festival; the video is going viral, exposing flaws in the security system.

बेलतरा महोत्सव में नाच को लेकर दो गुटों के बीच जमकर चले लात-घुसे और बेल्ट, वीडियो हो रहा वायरल, सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर

बिलासपुर/रतनपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आयोजित बेलतरा महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना ने महोत्सव जैसी शासकीय आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है और स्थानीय प्रशासन की सख्त जवाबदेही की मांग उठाई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें युवकों को खुलेआम मारपीट करते देखा जा सकता है.
सूत्रों के मुताबिक रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगपुरा में छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग ने 16 से 18 जनवरी 2026 तक बेलतरा महोत्सव का आयोजन किया था. यह महोत्सव जिले में सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है. जिसमें नृत्य, संगीत, ड्रामा और स्थानीय कलाओं का प्रदर्शन शामिल होता है. महोत्सव के आख़री दिन 18 जनवरी की देर रात सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच के पास दो गुटों के बीच नाचने को लेकर कहासुनी शुरु हुई. यह विवाद जल्दी ही हाथापाई में बदल गया और दोनों पक्षों ने जमकर लात-घूंसे चलाए.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवकों को खुलेआम मारपीट करते देखा जा सकता है कि युवा एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं. जबकि अन्य लोग बीच-बचाव करने का प्रयास कर रहे हैं. मामला वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल बना हुआ है.
घटना इतनी तीव्र थी कि दर्शक दहशत की वजह से इधर-उधर भागते दिखाई दिए. इस मारपीट ने न सिर्फ महोत्सव के आयोजकों की छवि को प्रभावित किया. बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया कि इतने बड़े सरकारी आयोजन में सुरक्षा प्रबंध कितने प्रभावी थे. स्थानीय लोगों ने कहा कि आयोजन में पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था ढीली पड़ी हुई थी.
हालांकि संस्कृति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि महोत्सव में पुलिस और निजी सुरक्षा गार्ड तैनात थे. लेकिन अचानक हुई झड़प ने स्थिति पर काबू पाना मुश्किल बना दिया. इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. लेकिन वीडियो और गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी आयोजनों में सुरक्षा के ठोस प्रबंध न होने से ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने सुझाव दिया है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आयोजकों को पहले से ही विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करनी चाहिए. जिसमें पुलिस, सीसीटीवी निगरानी और तैनात सुरक्षा गार्ड शामिल हों.
स्थानीय समाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और प्रशासन से अपील किया कि भविष्य में महोत्सव जैसी सार्वजनिक आयोजनों में पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों को विवाद और हिंसा से दूर रखने के लिए आयोजकों को आयोजन स्थल पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने चाहिए और विवाद के फौरन समाधान के लिए त्वरित मध्यस्थता की व्यवस्था करनी चाहिए.
बेलतरा महोत्सव के आयोजकों ने भी कहा कि यह घटना बेहद खेदजनक है और वह पूरी तरह से जांच में मदद करेंगे. उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रबंध और आयोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा. इस घटना ने साफ कर दिया है कि सांस्कृतिक आयोजनों में मनोरंजन और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखना कितना जरुरी है. सरकारी और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी तरह की हिंसक घटना आयोजन की प्रतिष्ठा और जनता की सुरक्षा को प्रभावित न करे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB