45 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट, 10 हजार स्कूल होंगे बंद? कांग्रेस का हल्लाबोल, कहा- शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर रही साय सरकार
45 thousand teachers' jobs in danger, 10 thousand schools to be closed? Congress raises hue and cry, says- the government is ruining the education system
महासमुंद : 5 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट, छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. भाजपा की साय सरकार की ‘युक्तियुक्तकरण’ नीति के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में सोमवार को महासमुंद में कांग्रेस ने ‘शिक्षा न्याय आंदोलन’ के तहत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया और सरकार पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का गंभीर आरोप लगाया.
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस नीति से प्रदेश में 45,000 से ज्यादा शिक्षकों के पद खत्म हो जाएंगे और 10,000 से ज्यादा स्कूल बंद होने की कगार पर हैं.
घेराव कार्यक्रम में शामिल हुए AICC के सहसचिव विजय जांगिड़ ने सरकार की नीति को शिक्षा विरोधी कदम बताया. कांग्रेस ने दावा किया कि ‘युक्तियुक्तकरण’ और नए सेटअप के नाम पर सरकार शिक्षा की नींव को कमजोर कर रही है. स्कूलों पर ताले: प्रदेश में 10,463 स्कूलों को सीधे तौर पर बंद कर दिया गया है. शिक्षकों के पद खत्म: 45,000 से अधिक शिक्षकों के पद खत्म हो जाएंगे.
बदला छात्र-शिक्षक अनुपात
प्राइमरी स्कूल: पहले 21 छात्रों पर 1 शिक्षक का अनुपात था, जिसे अब बढ़ाकर 30 छात्रों पर 1 किया जा रहा है. मिडिल स्कूल: 26 छात्रों पर 1 शिक्षक के अनुपात को बढ़ाकर 35 पर 1 किया जा रहा है.
परिणाम: इस बदलाव से शिक्षकों के लगभग एक तिहाई पद अपने आप खत्म हो जाएंगे.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह रमन सरकार की नीतियों का ही दोहराव है. जब 3300 से ज्यादा स्कूल बंद किए गए थे और 12,000 शिक्षकों के पद खत्म हुए थे. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि साय सरकार यह सब इसलिए कर रही है ताकि उसे नए शिक्षकों की भर्तियां न करनी पड़े. यह सरकारी शिक्षा व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस फैसले का सबसे बुरा असर बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी अंचलों के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा.
सिर्फ शिक्षक ही नहीं, हजारों रसोइयों पर भी रोजी-रोटी का संकट
विजय जांगिड़ ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि 10,463 स्कूलों के बंद होने से सिर्फ शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी. बल्कि उन स्कूलों से जुड़ीं हजारों रसोइयों, सफाई कर्मचारियों और मध्याह्न भोजन बनाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
प्रचंड विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा। इस घेराव कार्यक्रम का नेतृत्व खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरी नंद, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने किया. इस दौरान बड़ी तादाद में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. जिन्होंने सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों को तत्काल वापस लेने की मांग की.
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