प्रेम विवाह के 4 साल बाद फंदे पर झूली गर्भवती महिला, मायके वालों ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी का लगाया आरोप, जांच में जुटी पुलिस

A pregnant woman hanged herself four years after a love marriage. Her parents allege she committed suicide due to harassment by her husband. Police are investigating.

प्रेम विवाह के 4 साल बाद फंदे पर झूली गर्भवती महिला, मायके वालों ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी का लगाया आरोप, जांच में जुटी पुलिस

रायगढ़ : एक गर्भवती महिला ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया. पति की प्रताड़ना से विवाहिता तंग आ चुकी थी. घटना के बाद जांच में इस बात का खुलासा हुआ. जिससे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जूर्ण दर्ज किया है. यह मामला तमनार थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक आमगांव में अपने पति के साथ किराए के मकान में रह रही शीतल सारथी 27 साल ने 9 अक्टूबर को घर के म्यार में साड़ी से फांसी लगा लिया. जब इसकी जानकारी उसके पति बसंत सारथी को लगी. तो उसने अपने पिता पूनीराम सारथी को इसकी खबर दी. फिर पूनीराम मौके पर पहुंचकर और साड़ी को काट कर नीचे उतारकर खाट में लेटाया और थाना में इसकी खबर दी. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु की और उसके मृतिका की मां, भाई और अन्य परिजनों से पूछताछ की. तो जानकारी मिली कि करीब 4 साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह हुआ था. उनका 3 साल का एक बच्चा है और शीतल 8 माह की गर्भवती थी. बसंत अक्सर किसी न किसी बात पर उसके साथ झगड़ा करते हुए उसे प्रताड़ित करता था.
इस घटना ने क्षेत्र में लोगों में गहरा शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. स्थानीय नागरिकों ने महिला की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक दबाव और घरेलू समस्याओं के कारण कभी-कभी व्यक्ति इस तरह के दुखद कदम उठा लेते हैं.
प्रशासन ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना की घटनाओं की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें. ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और ऐसी त्रासदी से बचा जा सके.
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरुरत को उजागर किया है. अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए. ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके.
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