फैक्ट्री में श्रमिक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, छिन गया परिवार का इकलौता सहारा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, जांच में जुटी पुलिस

The suspicious death of a factory worker has caused a stir, robbing the family of their only support, leaving the family inconsolable, and police investigating.

फैक्ट्री में श्रमिक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, छिन गया परिवार का इकलौता सहारा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर/धरसीवां : राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में लगातार हो रहे हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला बोरझरा स्थित एक औद्योगिक इकाई का है. जहां एक श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक की पहचान कोरिया जिले में चिरमिरी के रहने वाले रवि सिंह चौहान उम्र करीब 30 साल के रुप में हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक रवि सिंह बोरझरा की एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत था. परिजनों को कंपनी प्रबंधन की तरफ से खबर दी गई कि काम के दौरान वह गिर गया. जिससे उसकी मौत हो गई. किसी ने उन्हें बताया कि रवि की मौत गिरने की वजह से हुई है और उसके नाक से खून बहता हुआ देखा गया. जिससे घटना की स्थिति को लेकर शक और गहरा गया है.
मृतक के पिता रंजीत सिंह चौहान ने बताया कि रवि उनका इकलौता बेटा था. उनकी चार बेटियां हैं. जिनकी शादी हो चुकी है. बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार टूट गया. पिता रंजीत सिंह, मां रीता सिंह और मृतक की पत्नी रीता सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है.
रवि सिंह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों बेटा आरो सिंह (6 वर्ष) और बेटी आरोही (3 वर्ष) को छोड़ गया है. परिवार का कहना है कि रवि ही घर का एकमात्र सहारा था. उसकी अचानक मौत से न सिर्फ बुजुर्ग माता-पिता का सहारा छिन गया. बल्कि पत्नी से उसका सुहाग और बच्चों से उनका पिता भी छिन गया है. पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है.
यह घटना कैसे हुई. यह अभी साफ नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उरला औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है. बीते कुछ महीनों में यहां कई मजदूरों की मौत हो चुकी है. लेकिन प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों ने प्रशासन से मांग किया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए. ताकि परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में न फंस जाए. फैक्ट्री कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने बताया कि रवि सिंह मेहनती और जिम्मेदार श्रमिक थे.
वे अपने काम में पूरी निष्ठा रखते थे. और हमेशा दूसरों की मदद करने को तैयार रहते थे. उनके अचानक निधन से फैक्ट्री और क्षेत्र में काम कर रहे अन्य मजदूरों में भी डर और असुरक्षा की भावना फैल गई है. औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानक और नियमों का पालन न होना लगातार ऐसे हादसों की असल वजह है. उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और नियमित प्रशिक्षण की कमी लगातार मजदूरों के जीवन को खतरे में डाल रही है.
अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच में फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान और फैक्ट्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा मृतक के परिवार को मुआवजा और सामाजिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरु की जाएगी.
ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि अगर प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन ने समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं लागू किए तो उरला औद्योगिक क्षेत्र में हादसों की बढ़ती प्रवृत्ति को रोक पाना मुश्किल होगा. उन्होंने चेतावनी दी है कि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए कठोर नियमों का पालन जरुरी है. रवि सिंह चौहान की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को तोड़ा है. बल्कि पूरे क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा और मजदूर अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी निगाहें प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन पर टिकी हैं कि वे श्रमिक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने में कितने गंभीर हैं.
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