9 दिन के बाद छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार केरल की दो नन को NIA कोर्ट से मिली जमानत, रिहा हुईं ननों को रिसीव करने पहुंचे हजारों लोग
After 9 days, two nuns from Kerala arrested in Chhattisgarh got bail from NIA court, thousands of people reached to receive the released nuns
दुर्ग : पिछले 9 दिनों से दुर्ग जेल में बंद केरल की दो नन की जमानत याचिका पर एनआइए कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाते हुए दोनों नन प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस को जमानत दे दी है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों नन पर मानव तस्करी और मतांतरण की साजिश का आरोप लगाया. जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया.
मिली जानकारी के मुताबिक 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दोनों नन को तीन आदिवासी युवतियों और एक युवक के साथ रोका. पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे आगरा स्थित अस्पताल में काम करने जा रही हैं. इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए मानव तस्करी और मतांतरण का आरोप लगाया गया. इसके बाद दुर्ग जीआरपी ने दोनों नन को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया.
मामला एनआइए को सौंपा गया. शुक्रवार को एनआईए कोर्ट में नन की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अभियोजन ने जमानत का विरोध किया. वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि नन ने जांच में सहयोग किया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. शनिवार कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है.
कोर्ट ने कहा कि रिहाई के लिए प्रति व्यक्ति 50 हज़ार रुपये का बॉन्ड जमा कराने होंगे. इसके साथ ही सभी आरोपियों के पासपोर्ट जमा करने के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने कहा कि बिना अनुमति कोई भी आरोपी देश के बाहर नहीं जा सकते हैं.
अधिवक्ताओं ने बताया कि तीनों को मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एनआईए अदालत) सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद उनकी याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
छत्तीसगढ़ में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी का मुद्दा इस हफ्ते की शुरुआत में विपक्षी दलों ने संसद में उठाया था. दोनों नन को जमानत मिलने पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “हम बहुत खुश हैं, अब भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल का असली चेहरा सबको पता चल गया है. इस मामले में आरएसएस, भाजपा और बजरंग दल का विभाजनकारी एजेंडा साफ दिखाई दे रहा है. हमें खुशी है कि आज बहनें रिहा हो जाएंगी.”
वहीं, कांग्रेस विधायक रोजी मुल्लनमदक्कल जॉन ने कहा, "नौ दिनों के बाद, दोनों निर्दोष ननों को जमानत मिल गई है. हम शुरु से ही इसका इंतजार कर रहे थे. आखिरकार, एनआईए कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. यह एक झूठा मामला था."
ननों की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ से दिल्ली, केरल तक सियासत तेज थी. इंडिया गठबंधन के कांग्रेस और सीपीआई से जुड़े सांसद और कई नेता ननों के समर्थन में छत्तीसगढ़ पहुंचे. सरकार पर गलत कार्रवाई के आरोप लगाए थे. केरल बीजेपी के नेताओं ने भी गिरफ्तार ननों को निर्दोष बताया. लेफ्ट विंग की नेता बृंदा करात ने तो बजरंग दल पर कार्रवाई करने की मांग की थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत नेताओं ने ननों का समर्थन किया था.
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