योग दिवस विवाद के बाद फिर अभनपुर के सरकारी स्कूल कैंपस में बनी रील्स वायरल, रोमांटिक गानों पर नाचते दिखे छात्र, मचा बवाल, देखें वीडियो

After the Yoga Day controversy, reels made in the government school campus of Abhanpur again went viral, students were seen dancing on romantic songs, uproar ensued, watch the video

योग दिवस विवाद के बाद फिर अभनपुर के सरकारी स्कूल कैंपस में बनी रील्स वायरल, रोमांटिक गानों पर नाचते दिखे छात्र, मचा बवाल, देखें वीडियो

रायपुर/अभनपुर : कुछ ही दिन पहले ही योग दिवस के मौके पर रायपुर के अभनपुर क्षेत्र के स्कूल में जीना है तो पीना है जैसे गाने पर बच्चों को योग कराते हुए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचाया था. उस मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अभनपुर के परसदा (सोंठ) स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से एक और वीडियो सामने आ गया. जिसमें स्कूल परिसर में कथित छात्र-छात्राएं फूहड़ रोमांटिक गानों पर रील बनाते नजर आ रहे हैं. इस नए वीडियो ने एक बार फिर शैक्षिक संस्थानों की अनुशासन व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इन दिनों युवाओं पर रील का नशा सिर चढ़कर बोल रहा है. सोशल मीडिया में आए दिन कई तरह के वीडियो सामने आते रहते हैं. जिसमें लोग अजीबो-गरीब हरकतें करते नजर आते हैं. रायपुर के अभनपुर में पढ़ाई- लिखाई छोड़कर युवा रील बना रहे हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वारल हो रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर के अभनपुर से एक मामला सामने आया है. जहां एक सरकारी स्कूल में रील बनाया गया. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही बवाल मच गया. क्षेत्र के अभिभावक और छात्रों में भारी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई करने की मांग की है.
लोगों का कहना है कि योग दिवस वाले मामले में शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने सीख नहीं ली. क्या अभनपुर के स्कूल प्रशासन की निगरानी इतनी कमजोर है कि छुट्टी वाले दिन भी स्कूल परिसर रील स्टूडियो में तब्दील हो जाता है?
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल में प्लंबिंग का काम चल रहा था और इसी दौरान कुछ युवक-युवतियों ने इंस्टाग्राम रील बना ली. स्कूल समिति ने वीडियो बनाने वाले छात्रों को बुलाकर माफीनामा लिखवाया और सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जब हाल ही में इसी इलाके में विवादित योग वीडियो वायरल हुआ था. तब स्कूलों में अनुशासन के लिए सख्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
इस मामले की जानकारी होने पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय खंडेलवाल ने कहा कि स्कूल में अश्लील गानों पर रील बनाना पूरी तरह गलत है. कोई अनुमति नहीं थी. वीडियो देखने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी.
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले ये साफ करते हैं कि सरकारी स्कूलों में बच्चों का नैतिक और शैक्षिक विकास दांव पर लग गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति गंभीरता खत्म होती जा रही है और स्कूल परिसर का माहौल भी खराब होता है.

स्कूल में रील बनाने के मामले में स्कूल के प्राचार्य हरिशंकर साहू ने कहा कि यह रील रविवार को बनाई गई है. जिस दिन छुट्टी रहती है. रविवार को स्कूल में प्लंबिंग का काम चलने की वजह से उस दिन स्कूल खुला हुआ था. इसी दौरान युवाओं ने रील शूट कर ली. इसकी जानकारी होने पर स्कूल और स्कूल प्रबंधन समिति ने युवाओं को बुलाया और सबके सामने माफी मंगवाते हुए उनसे माफीनामा भी लिखवाया. साथ ही भविष्य में इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करने की सख्त चेतावनी भी दी है.
सवालों के घेरे में स्कूल प्रशासन
स्कूल परिसर में इस तरह की रील बनाने की अनुमति किसने दी?
क्या स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की निगरानी में कमी है?
इस तरह के फूहड़ रील्स का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
स्कूल की छवि को हो रहे नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग अब भी नहीं चेते तो ऐसे ही स्कूल परिसर रील स्टूडियो बनते रहेंगे. सख्त नियम बनाकर स्कूलों में अनुशासन को मजबूत किया जाए. ताकि छात्र-छात्राएं फिर से शिक्षा की ओर लौटें और सोशल मीडिया का नशा स्कूलों से बाहर.
सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का जुनून इस कदर हावी हो रहा है कि शैक्षणिक संस्थानों को भी नहीं बख्शा जा रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल स्कूल के माहौल को खराब करती है. बल्कि छात्रों के नैतिक और शैक्षणिक विकास पर भी बुरा असर डालती है.

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