महिला शिक्षकों से सेक्स की डिमांड और मारपीट का आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी ने की तत्काल कार्रवाई, प्रधान पाठक बीरबल तत्काल निलंबित

Allegations of sexual assault and assault on female teachers led to immediate action by the District Education Officer, with Headmaster Birbal suspended immediately.

महिला शिक्षकों से सेक्स की डिमांड और मारपीट का आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी ने की तत्काल कार्रवाई, प्रधान पाठक बीरबल तत्काल निलंबित

बलरामपुर : कुसमी विकासखंड के ग्राम बैरडीह आसनपानी से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया था. जहां प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक शिक्षक बीरबल यादव पर महिलाओं से छेड़छाड़, अश्लील भाषा के प्रयोग और बच्चों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे थे.
ग्रामीणों का आरोप था कि उक्त शिक्षक आए दिन महिलाओं को रास्ते में रोककर अभद्र शब्दों का प्रयोग करता है और अशोभनीय हरकतें करता है. जिससे गांव की महिलाएं और बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थी. जिस कारण सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष और मीडिया को भी लिखित आवेदन दिया था कि इस जैसे टीचर को यहां से तत्काल हटाया जाए और इसके ऊपर कानूनी कड़ी कार्रवाई भी हो सभी प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने प्रमुखता से खबर चलाई. जिससे अधिकारीयों तक जानकारी पहुंची और जांच चली जिस पर जिला डी ओ मनीराम यादव के द्वारा टीचर बीरबल यादव को सस्पेंड किया गया।
ग्रामीण महिलाओं ने बयान में बताया था कि शिक्षक लगातार उन्हें परेशान करता है और आपत्तिजनक बातें कहता है. वहीं स्कूल से जुड़ी शिकायतों में यह भी सामने आया है कि शिक्षक स्कूली बच्चों के साथ गाली-गलौज करता है. गला दबाने जैसी हरकतें करता है और कभी-कभी टांगी से मारने की धमकी भी देता है. इन घटनाओं के चलते न सिर्फ महिलाएं बल्कि बच्चे भी डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं.
गांव के आदिवासी ग्रामीण कर्मदेव ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि शिक्षक बीरबल यादव महिलाओं से आपत्तिजनक बातें करता है और वीडियो में सबूत के तौर पर उसकी हरकतें साफ दिखाई दे रही हैं. उन्होंने बताया कि गांव के सभी लोग एकजुट होकर इस शिक्षक को फौरन गांव और विद्यालय से हटाने की मांग कर रहे थे. जिसके बाद जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी मनिराम यादव ने जांच रिपोर्ट तैयार कराकर शिक्षक को निलंबन की कार्रवाई कर दिया.
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पीएम उषा फंड में गड़बड़ी: कॉलेज प्राचार्य सहित 4 असिस्टेंट प्रोफेसर सस्पेंड
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रायपुर : पीएम उषा योजना के तहत आवंटित राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितता सामने आने पर महासमुंद जिले के शासकीय महाविद्यालय लोहारकोट के प्राचार्य डॉ. एस.एस. तिवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
जांच में पाया गया कि जैम पोर्टल के जरिए सामग्री खरीदी के दौरान छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 (संशोधित 2025) का पालन नहीं किया गया. यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के खिलाफ माना गया है. इसके आधार पर राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की.
इसी मामले में संलिप्त पाए जाने पर चार असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी निलंबित किया गया है. निलंबित किए गए शिक्षकों में डॉ. सीमा अग्रवाल,डॉ. बृहस्पतु सिंह विशाल,श्री पीठी सिंह ठाकुर,डॉ. एस.एस. दीवान (सभी शासकीय महाविद्यालय, पिथौरा में पदस्थ) शामिल हैं-
निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच जारी है. और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है.

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