महाकुंभ मेला प्रयागराज में फिर हादसा, सेक्टर 19 में लव कुश आश्रम के पंडालों में अचानक लगी आग, नोटों से भरे 2 बैग समेत कई पंडाल जलकर खाक
Another accident in Mahakumbh Mela Prayagraj, sudden fire broke out in the pandals of Luv Kush Ashram in Sector 19, many pandals including 2 bags full of notes got burnt to ashes.
प्रयागराज : महाकुंभ मेला प्रयागराज में एक बार फिर आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया. मिली जानकारी के मुताबिक महाकुंभ सेक्टर 18 और 19 के बीच कई पंडालों में अचानक आग लग गई. आग कल्पवासियों द्वारा खाली किए गए कुछ पुराने तंबू में लगी थी. आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. फिलहाल के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रशासन का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक महाकुंभ मेले में सेक्टर 19 के मोरी मार्ग पर आग लगने के खबर आई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई. भीड़ को मौके से हटाया गया. हालांकि तब तक अयोध्या धाम का लवकुश आश्रम जलकर खाक हो गया. वहीं डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है. आग लगने की वजह का भी अभी तक पता नहीं चल सका है.
आग लगने की घटना पर DIG महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा- कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 19 में लवकुश सेवा मंडल एक कैंप चलाता था. जिसमें कुछ टेंट लगे हुए थे. उनके स्टोर रुम में कुछ अनाज, कुछ कंबल आदि थे. वहां रखी सामग्री में आग लग गई. किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है.
महाकुंभ में चौथी बार लगी आग...
19 जनवरी: सेक्टर 19 में गीता प्रेस के कैंप में आग लगी थी, हादसे में 180 कॉटेज जल गए।
30 जनवरी: सेक्टर 22 में आग लगी थी, जिसमें 15 टेंट जले थे।
7 फरवरी: सेक्टर-18 में आग लगी थी। हादसा शंकराचार्य मार्ग पर हुआ था, जिसमें 22 पंडाल जल गए।
15 फरवरी: सेक्टर 18-19 में आग लगी। इसे बुझा लिया गया है।
नोटों के बैग भी जले चश्मदीद ने बताया कि श्रीराम चरित मानस सेवा प्रवचन मंडल के शिविर में भी आग लगी. यहां से सभी लोग जा चुके थे। कुर्सी, टेंट, खाने का सामान जल गया. शिविर में नोटों के 3 बैग रखे थे, बताया जा रहा है कि एक बैग सुरक्षित रख लिया गया है. दो बैग के जलने की आशंका है.
महाकुंभ में भगदड़ को लेकर एक और याचिका
महाकुंभ में मौनी अमावस्या की भगदड़ और श्रद्धालुओं की परेशानी को लेकर एक और याचिका दाखिल हुई है. पूर्व पार्षद कमलेश सिंह की ओर से दाखिल याचिका में पूरे महाकुंभ के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही का हवाला दिया गया है.
श्रद्धालुओं को न सिर्फ 25-30 किमी तक पैदल चलना पड़ा. बल्कि शहर के लोग अब तक लगातार जाम से जूझ रहे हैं. गंगा पर बनाए गए 30 पांटून पुलों में से ज्यादातर बंद रखे गए. इस वजह से श्रद्धालुओं को आने-जाने में मेला क्षेत्र में इधर-उधर भटकना पड़ा. लापरवाही की वजह से ही कई जगह आग लग गई. शटल बसों को सुचारू रूप से चलाया नहीं गया.
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