कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का फूंका पुतला, मांगा इस्तीफा, प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, सबका पर्दाफाश होगा -राहुल गांधी

Congressmen protested burnt effigies of Chief Minister and Home Minister demanded resignation raised questions on law and order of the state everything will be exposed Rahul Gandhi

कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का फूंका पुतला, मांगा इस्तीफा, प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, सबका पर्दाफाश होगा -राहुल गांधी

कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का फूंका पुतला

बलरामपुर : छग के बलरामपुर जिले में पुलिस अभिरक्षा एवं पुलिस प्रताड़ना से हुई मौत और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेसियों ने गांधी मैदान में प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का पुतला दहन किया.
काग्रेसी राजीव भवन से इकठ्ठा होकर नारेबाजी करते हुए गांधी मैदान पहुंचे. जहां बड़ी तादाद में मौजूद पुलिस कर्मियों को चकमा देकर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का पुतला दहन करने मे कामयाब हुए.
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा कि राज्य में रोज-रोज घट रही घटनाएं यह साबित करने के लिये काफी है कि राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बहुत ही ज्यादा बिगड़ चुकी है.
उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाएं रोक पाना सरकार के बस की बात ही नहीं है. ऐसी नकारी और निक्कमी सरकार को फौरन बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए. जब जनता अपने जान माल की सुरक्षा और अपराधियों और आपराधिक घटनाओं के विरोध में खुद सड़कों पर उतर जाए और राज्य के हालात अराजक हो जाए तब ऐसी सरकार को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए.
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि बलरामपुर में महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया. सरकार की अकर्मण्यता का नतीजा है जनता को अब पुलिस और सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है. जनता सरकार की क्षमता और पुलिस की दुर्भावनापूर्वक कार्यवाहियों के खिलाफ विद्रोह पर उतर आई है. पुलिस की अक्षमता और सरकार के अनिर्णय की वजह से बलौदा बाजार में एसपी, कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया. सूरजपुर में अपराधी के घर पर हमला करने गयी भीड़ ने एसडीएम को पीटने के लिये दौड़ा दिया. उनको भागकर जान बचानी पड़ी.
महापौर विजय देवांगन ने कहा कि कवर्धा में पुलिस से न्याय की उम्मीद छोड़ चुकी जनता ने एक व्यक्ति को उसके घर में जिंदा जला दिया. सीतापुर में पुलिस की लापरवाही के खिलाफ अपराधी पर कार्यवाही की मांग को लेकर जनता ने 24 घंटे चक्का जाम कर दिया था तब जाकर पुलिस ने कार्यवाही किया. यह सारी घटनाएं बताती है कि भाजपा के राज में अराजकता फैली हुई है. सरकार चलाने वाले कानून व्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे हैं.
पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी ने कहा कि प्रदेश सरकार की विफलता की जवाबदेही मुख्यमंत्री की है. मुख्यमंत्री का नियंत्रण सरकार पर नहीं है. सरकार बेपटरी हो चुकी है. 4 एसपी और कलेक्टर, दर्जनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हटाने के बाद भी सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रही तब मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को हटाने में क्यों हिचकिचा रहे है? मुख्यमंत्री को ऐसा लगता है कि उनके गृहमंत्री की गलती नहीं है तो सरकार की नाकामी की जिम्मेदारी खुद लेकर फौरन इस्तीफा दें.
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद लोहाना, विधायक ओंकार साहू, महापौर विजय देवांगन, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन लालवानी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश गोलछा, वरिष्ठ नेता अरविंद दोषी, पार्षद राजेश ठाकुर, दीपक सोनकर, अजय वर्मा, पूर्व एल्डरमैन विक्रांत शर्मा, जिला सचिव विक्रांत पवार, साहिल अहमद इंटक जिला अध्यक्ष, गुड्डा दीवान, आशुतोष खरे, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष तोगू गुरुपंच, संजू साहू, सूरज पासवान, युवा कांग्रेस महासचिव गीतराम सिन्हा, चितेन्द्र साहू, मिथलेश साहू, विशु देवांगन, पिंटू यादव, खिलेन्द्र साहू सहित बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्त्ता मौजूद रहे.
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प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांगा इस्तीफा

बिलासपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज कांग्रेस भवन में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने प्रेस वार्ता की. अध्यक्ष द्वय ने मांग की कि अब प्रदेश भाजपा सरकार से संभल नही रही है. मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को नैतिकता के आधार पर फौरन इस्तीफा देना चाहिए.
पांडेय और केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांत और अमन चैन वाला राज्य है. लेकिन 9 महीने में ही बलौदा बाजार, लोहारिडीह, सूरजपुर और अब बलरामपुर की घटना ने सरकार की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली की पोल खोल कर दिया है. गुरुचरण मण्डल की पुलिस अभिरक्षा में मौत होना कई शंकाओ को जन्म देता है. आखिर पुलिस 4 दिनों तक बिना अदालत की इजाजत के कस्टडी में कैसे रखी? मृतक के पास खुदकुशी के लिए टॉवेल कहां से आया? मृतक के शरीर का पंचनामा परिजनों के सामने क्यो नही हुआ? गुरुचरण मण्डल के शव को पुलिस दफनाने के बजाए जलाना क्यो चाहती थी? गुरुचरण की मौत की खबर उसके पिता को क्यो नही दी गई? जबकि बॉडी को थाने से अस्पताल ले जाया जा रहा था?
अध्यक्ष द्वय ने कहा कि कांग्रेस गुरुचरण के मृत्यु की जांच उच्च न्यायलय के जज की निगरानी में कराया जाए. पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, टीआई कि भूमिका संदिग्ध है. उन सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो. मृतक की बॉडी का डॉक्टरों की टीम बनाकर फिर से पोस्टमॉर्टम कराई जाए. क्षतिपूर्ति के रुप में पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए.
अध्यक्ष द्वय ने प्रदेश में बिगड़ती काननू व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है. छत्तीसगढ़ में अपराध थम नही रहा है. ये कौन लोग है जो 9 माह में इतने ताकतवर हो गए?
उन्होंने कहा कि ऐसी नकारी और निकम्मी सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. पुलिस पर हमला होने का मतलब है जनता का पुलिस और शासन पर विश्वास नही रहा. चारो घटनाये दुर्भाग्यपूर्ण है. बलौदा बाजार में एसपी कार्यालय को आग के हवाले करना, लोहारीडीह में पुलिस अभिरक्षा में प्रशांत साहू की मौत होना, सूरजपुर में पुलिस परिवार की हत्या होना फिर बलरामपुर में पुलिस अभिरक्षा में गुरुचरण मण्डल की हत्या होना. कहीं न कहीं पुलिस की कार्यशैली और शासन की प्रशासनिक क्षमता पर प्रश्नचिन्ह उठाता है..
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सबका पर्दाफाश होगा…’भाई-भतीजावाद से संस्थाओं का पतन कर रही सरकार’, माधवी पुरी पर राहुल गांधी ने फिर बोला हमला

सेबी प्रमुख माधवी बुच पर लगे हितों के टकराव के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार एकाधिकार को बढ़ावा दे रही है. साथ ही देश की संपत्ति को कुछ लोगों के हाथ में सौंप रही है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के मीडिया और जनसंचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा के साथ सेबी प्रमुख बुच पर लगे आरोपों पर बातचीत का एक वीडियो साझा किया.
राहुल गांधी ने कहा कि माधवी बुच घोटाला जितना दिख रहा है. उससे कहीं ज्यादा गहरा है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि खुदरा निवेशकों की सुरक्षा जिम्मा संभाल रहीं बुच अदाणी के हित और उनके बढ़े हुए मूल्यांकन को बचाने के लिए सिस्टम में कुछ हेर-फेर कर रही हैं.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को भारतीयों और उनके निवेश की सुरक्षा जिम्मा सौंपा गया. उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया. वे लोग बड़े भ्रष्टाचार में शामिल हैं. गांधी ने कहा कि कांग्रेस लगातार इन मुद्दों को उठा रही है.
कांग्रेस ने साझा किया वीडियो
राहुल गांधी और पवन खेड़ा की बातचीत का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सेबी अध्यक्ष का काम शेयर बाजार को सुरक्षित रखना और भारतीय निवेशकों को जोखिम से बचाना है. जब सेबी अध्यक्ष जैसे लोग अदाणी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए बाजार में हेरफेर करते हैं. तो सभी का धन जोखिम में होता है.
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