संविधान दिवस पर भी दलित दूल्हे को नहीं मिली मंदिर में एंट्री, तो मजार पर जाकर लिया आशीर्वाद, देखती रह गई पुलिस!

Even on Constitution Day, the Dalit groom was not allowed to enter the temple, so he went to the shrine and took blessings, the police kept watching!

संविधान दिवस पर भी दलित दूल्हे को नहीं मिली मंदिर में एंट्री, तो मजार पर जाकर लिया आशीर्वाद, देखती रह गई पुलिस!

सांघवी : दलितों के साथ अत्याचार एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो हमारे देश में आज भी मौजूद है. आज के समय में भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो दलितों को सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने रोक देते हैं. उन्हें मंदिर में जाने से रोक देते हैं. ताजा मामला इंदौर से सांघवी से आया है. जहां विशेष समाज के लोगों ने दलित दूल्हे को मंदिर में जाने से रोक दिया और मंदिर में ताला लगा दिया. इस वजह से दूल्हा को देवी-देवता की जगह मजार वाले बाबा का आशीर्वाद लेकर अपनी बारात आगे बढ़ाई.
दरअसल इंदौर जिले के सांघवी गांव में सोमवार को एक दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोके जाने के बाद जमकर विवाद हुआ. देपालपुर निवासी दूल्हा अपनी बारात लेकर राजस्थान के गीठान जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में सांघवी गांव के राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे दूल्हे और उसकी बारात को विशेष समाज के लोगों ने मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया. इस घटना से आक्रोशित होकर दलित समुदाय के लोगों ने जमकर हंगामा किया.
मजार पर जाकर लिया आशीर्वाद
खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन विशेष समाज के लोग अपनी बात पर अड़े रहे. करीब दो घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने दूल्हे को अकेले मंदिर में दर्शन करवाए. बलाई समाज से ताल्लुक रखने वाले पीड़ित परिवार ने इसके बाद मजार पर जाकर बाबा के पैर छुए और अपनी बारात आगे बढ़ाई. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें मंदिर में दर्शन नहीं करने दिया जाएगा. तो वे इसी तरह मजार पर दर्शन कर अपनी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB